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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों और उनसे संबंधित क्षेत्रों/संस्कृतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'छोलिया नृत्य' (Chholia Dance) उत्तर प्रदेश के कुमाऊँ क्षेत्र (वर्तमान उत्तराखंड) और उससे सटे उत्तर प्रदेश के पर्वतीय/अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में मुख्य रूप से शादियों और शुभ अवसरों पर तलवार और ढाल के साथ पुरुषों द्वारा किया जाने वाला एक युद्ध कला आधारित (martial art-based) लोक नृत्य है। 2. 'ख्याल नृत्य' (Khayal Dance) उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसका आयोजन मुख्य रूप से पुत्र के जन्म उत्सव पर किया जाता है, जिसमें नर्तक अपने सिर पर बांस के मंदिर या बुंदेलखंडी वास्तुकला के प्रतीक को रखकर नृत्य करते हैं। 3. 'राई नृत्य' (Rai Dance) बुंदेलखंड क्षेत्र की महिलाओं द्वारा किया जाने वाला एक प्रमुख मयूर शैली का नृत्य है, जिसे श्री कृष्ण जन्माअष्टमी और अन्य उत्सवों पर किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन उत्तर प्रदेश और उसकी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े लोक नृत्यों के संबंध में पूरी तरह से सत्य हैं। 1. छोलिया नृत्य तलवार और ढाल के साथ किया जाने वाला मार्शल आर्ट आधारित लोक नृत्य है जो राजपूत परंपरा से जुड़ा है। 2. ख्याल नृत्य बुंदेलखंड में पुत्र जन्मोत्सव पर सिर पर लकड़ी/बांस के बने मंदिरनुमा आकृतियों को रखकर किया जाता है। 3. राई नृत्य बुंदेलखंड की महिलाओं द्वारा मयूर नृत्य की भांति जन्माष्टमी आदि अवसरों पर अत्यंत प्रसिद्ध रूप से किया जाता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus) और 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC) के बीच अहंकेन्द्रिता (Egocentrism), संरक्षण का अभाव और प्रतीकात्मक विचार की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'निजी भाषण और सामाजिक-सांस्कृतिक मध्यस्थता' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, खेल-आधारित अन्वेषण शिक्षाशास्त्र (Play-Based Exploration Pedagogy) और विद्यार्थियों में विकेंद्रीकरण, भाषा विकास व समग्र सामाजिक-संज्ञानात्मक परिपक्वता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत 'कारक' (Case) और उसके विभक्ति चिह्नों के प्रयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'अपादान कारक' का विभक्ति चिह्न 'से' अलगाव, डर, तुलना, दूरी या सीखने के भाव को प्रकट करता है, जैसे 'पेड़ से पत्ता गिरा' में अलगाव का बोध होता है।
2. 'करण कारक' और 'अपादान कारक' दोनों का विभक्ति चिह्न 'से' होता है, लेकिन करण कारक में 'से' साधन या माध्यम का बोध कराता है (जैसे 'वह कलम से लिखता है'), जबकि अपादान कारक में 'से' पृथक्करण (अलगाव) को दर्शाता है।
3. 'संबोधन कारक' का कोई अलग विभक्ति चिह्न नहीं होता है, और वाक्य में इसका प्रयोग हमेशा कर्म कारक के रूप में ही किया जाता है, जिसके लिए 'को' चिह्न का प्रयोग अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, भूगर्भीय संरचना और खनिज संपदा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का भू-भाग प्राचीनतम गोंडवाना लैंड का ही एक उत्तरी विस्तार है, जिसके अंतर्गत दक्षिण का पठारी क्षेत्र बुंदेलखंड और बघेलखंड शामिल हैं जो ग्रेनाइट, नीस और विंध्यन क्रम की चट्टानों से निर्मित हैं।
2. उत्तर प्रदेश में 'डायमंड' (हीरा) के प्रमुख भंडार मिर्जापुर और बांदा जिलों की नदियों (विशेषकर बांदा की केन और बैगा नदी क्षेत्र) की रेत से प्राप्त होते हैं, जबकि 'कोयला' संसाधनों की दृष्टि से सिंगरौली कोयला क्षेत्र सोनभद्र जिले में स्थित है।
3. उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में देश का एकमात्र 'प्लेटिनम' (Platinum) का विशाल भंडार खोजा गया है, और यह जिला 'डायकस्पोर' (Diaspore) तथा 'रॉक फॉस्फेट' के उत्पादन में भी राज्य में प्रथम स्थान रखता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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हिंदी भाषा और व्याकरण के अंतर्गत, 'संज्ञा से बनने वाले विशेषण शब्दों' के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों में से कौन सा विकल्प अशुद्ध (बेमेल) है?
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सामाजिक और सांस्कृतिक विकास के समाज-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory of Development) के प्रप्रणेता लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्द्रायण या मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं का मुख्य निहितार्थ क्या है?
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