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UPTET
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, खनिज संपदा और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में 'चूना पत्थर', 'डोलमाइट', 'कोयला' और 'नॉन-प्लास्टिक फायर क्ले' जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, और यह राज्य का एकमात्र प्रमुख खनिज-बहुल जिला है।
  2. 2. उत्तर प्रदेश में 'रिहंद बांध परियोजना' सोनभद्र जिले के पिपरी नामक स्थान पर रिहंद नदी (जो कि सोन नदी की एक प्रमुख सहायक नदी है) पर बनाई गई है, जिससे राज्य में जलविद्युत का उत्पादन होता है।
  3. 3. राज्य में खनिज विकास और इसके वैज्ञानिक दोहन को बढ़ावा देने के लिए 'उत्तर प्रदेश राज्य खनिज विकास निगम' की स्थापना वर्ष 1974 में की गई थी, तथा राज्य की प्रथम खनिज नीति वर्ष 1998 में घोषित की गई थी जिसके तहत खनिज बहुल जिलों को 'औद्योगिक क्षेत्र' घोषित किया गया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए तीनों कथन उत्तर प्रदेश के खनिज, भूगोल और ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। 1. सोनभद्र जिला उत्तर प्रदेश की खनिज राजधानी कहा जाता है जहाँ चूना पत्थर, कोयला, डोलोमाइट, बॉक्साइट और पाइराइट्स जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। 2. रिहंद परियोजना सोनभद्र के पिपरी में रिहंद (पंत सागर) नदी पर स्थित है, जो जलविद्युत का प्रमुख स्रोत है। 3. उत्तर प्रदेश राज्य खनिज विकास निगम की स्थापना 1974 में हुई थी और 1998 की खनिज नीति के तहत सोनभद्र, मिर्जापुर, बांदा, महोबा, झांसी और ललितपुर आदि जिलों को खनिज बहुल क्षेत्र घोषित किया गया था।
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