त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
बच्चों के सामाजिक विकास के संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-cultural Theory) के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सी संकल्पना 'ज्ञान के सह-निर्माण' (Co-construction of Knowledge) को सबसे अच्छी तरह स्पष्ट करती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चों का संज्ञानात्मक विकास सामाजिक अंतःक्रिया, संस्कृति और भाषा के माध्यम से होता है। 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (ZPD) वह स्तर है जहाँ बच्चा किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के मार्गदर्शन और 'मचान' (Scaffolding यानी अस्थायी सहायता) के साथ उन कार्यों को पूरा कर सकता है जिन्हें वह अकेले नहीं कर सकता। यह प्रक्रिया 'ज्ञान के सह-निर्माण' (Co-construction of Knowledge) को दर्शाती है। विकल्प (b) जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास से संबंधित है, विकल्प (c) भी पियाजे की अवस्थाओं से जुड़ा है, और विकल्प (d) जैविक परिपक्वता पर जोर देता है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि-जलवायु प्रदेशों और विशेष प्रकार की मिट्टियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को योजना आयोग द्वारा कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, और राज्य में सर्वाधिक क्षेत्रफल पर जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) पाई जाती है, जिसे दो भागों—खादर (नवीन जलोढ़) और बांगर (प्राचीन जलोढ़) में वर्गीकृत किया जाता है।
2. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'भाँवर' (या भोंड) प्रकार की मृदाएँ अत्यधिक चिकनी और उपजाऊ होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की अपार क्षमता होती है, और शुष्क मौसम में इनमें गहरी-चौड़ी दरारें पड़ जाती हैं, जिसके कारण इन्हें 'काली कपास मिट्टी' के समकक्ष माना जाता है।
3. राज्य के दक्षिणी पठारी एवं पर्वतीय क्षेत्रों (जैसे मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली) में पाई जाने वाली 'लाल एवं पीली मृदा' रवेदार विंध्यन और प्राचीन चट्टानों के विखंडन से बनी है, जिसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और ह्यूमस की प्रचुरता पाई जाती है, जिससे यह गेहूँ और धान की खेती के लिए देश की सबसे उपजाऊ मिट्टी मानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा के सिद्धांतों' के संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Theory of Human Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत 'शारीरिक आवश्यकताएँ' (Physiological Needs), 'सुरक्षा आवश्यकताएँ' (Safety Needs), 'संबंध एवं अपनेपन की आवश्यकताएँ' (Belongingness and Love Needs), 'सम्मान की आवश्यकताएँ' (Esteem Needs), तथा सर्वोच्च स्तर पर स्थित 'आत्म-सिद्धि की आवश्यकता' (Self-Actualization Needs) के वैज्ञानिक स्वरूप तथा डेविड मैसेलेण्ड (David McClelland) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता सिद्धांत' (Three Needs Theory) के अंतर्गत 'उपलब्धि की आवश्यकता' (Need for Achievement - nAch), 'संबद्धता की आवश्यकता' (Need for Affiliation - nAff), और 'सत्ता की आवश्यकता' (Need for Power - nPow) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों और विकासात्मक आयामों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विकास की प्रक्रिया सिर से पैर की दिशा (मस्तकोधोमुख विकास - Cephalocaudal Trend) और शरीर के केंद्र से परिधि की ओर (समीपदूराभिमुख विकास - Proximodistal Trend) दोनों नियमों का एक साथ अनुसरण करती है।
2. एरिक्सन के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बाल्यावस्था (School Age) के दौरान 'उद्योग बनाम हीनता' (Industry vs. Inferiority) का संकट उत्पन्न होता है, जहाँ बालक अपनी योग्यताओं का प्रदर्शन करके समाज में निपुणता हासिल करना चाहता है।
3. जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) में बालक 'संरक्षण' (Conservation) और 'सकर्मक अनुमान' (Transitive Inference) के गुणों को पूरी तरह से आत्मसात कर लेता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, पियाजे द्वारा बताए गए विकास के चार चरणों में से उस विशिष्ट चरण को पहचानिए जिसमें बालक 'संरक्षण' (Conservation), 'विकेंद्रीकरण' (Decentration), और 'क्रमबद्धता' (Seriation) जैसी तार्किक योग्यताओं को तो भली-भांति सीख लेता है, परंतु उसकी चिंतन प्रक्रिया अभी भी मूर्त या प्रत्यक्ष वस्तुओं और घटनाओं तक ही सीमित रहती है तथा वह अमूर्त या काल्पनिक (Hypothetical-deductive) प्रस्तावनाओं पर तार्किक विचार करने में असमर्थ होता है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs: शारीरिक आवश्यकताएँ, सुरक्षा, अपनेपन/सम्बद्धता, सम्मान, और आत्म-सिद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System), 'वेंट्रलग्रुप न्यूक्लियस एक्यूम्बेंस' (Ventral Striatum / Nucleus Accumbens), और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) के बीच होमियोस्टैटिक विनियमन, डोपामाइन-संचालित पुरस्कार मार्ग (Dopaminergic Reward Pathways), और उच्च-क्रम के आत्म-नियमन की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी और रिचर्ड रायन के 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मोटिवेशन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Motivation Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation), मनोवैज्ञानिक सुरक्षा व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.