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बच्चों के भाषा विकास और संज्ञानात्मक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के अनुसार भाषा केवल विचारों को व्यक्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संज्ञानात्मक विकास को आकार देने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपकरण है।
  2. 2. नोम चोमस्की (Noam Chomsky) के 'भाषा अर्जन उपकरण' (Language Acquisition Device - LAD) सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता होती है और व्याकरण के सार्वभौमिक नियम उनके अंतर्जात होते हैं।
  3. 3. जीन पियाजे (Jean Piaget) के अनुसार भाषा का विकास बच्चे के अहंकेंद्रित वाक् (Egocentric Speech) से शुरू होता है और धीरे-धीरे सामाजिक वाक् में परिवर्तित होता है, जो वाइगोत्स्की के इस विचार से पूरी तरह मेल खाता है कि निजी वाक् (Private Speech) पूरी तरह से सामाजिक अंतःक्रिया का परिणाम है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: लेव वाइगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत यह मानता है कि भाषा संज्ञानात्मक विकास में केंद्रीय भूमिका निभाती है और यह बच्चों के मानसिक विकास को आकार देती है। कथन 2 सही है: नोम चोमस्की का 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) और LAD सिद्धांत यह प्रतिपादित करता है कि बच्चों में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता होती है। कथन 3 गलत है: जीन पियाजे का मानना था कि 'अहंकेंद्रित वाक्' बच्चे की संज्ञानात्मक अपरिपक्वता को दर्शाता है जो धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार 'निजी वाक्' बच्चे के स्व-विनियमन (Self-regulation) में मदद करता है और यह सामाजिक अंतःक्रिया से आंतरिक रूप में विकसित होता है। अतः पियाजे और वाइगोत्स्की के विचार अहंकेंद्रित और निजी वाक् के संदर्भ में एक-दूसरे से भिन्न हैं, न कि पूरी तरह मेल खाते हैं।
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