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बाल विकास के सिद्धांतों और अधिगम प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बाल विकास की प्रक्रिया निरंतरता के सिद्धांत (Principle of Continuity) का पालन करती है, जिसका अर्थ है कि यह प्रक्रिया गर्भधारण से शुरू होकर मृत्युपर्यंत चलती रहती है और इसमें कभी भी कोई आकस्मिक या अचानक परिवर्तन नहीं होता है।
- 2. विकास की गति व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) के कारण सभी बच्चों में एक समान नहीं होती है, लेकिन विकास का प्रतिरूप (Developmental Pattern) सभी सामान्य बच्चों में लगभग एक जैसा ही होता है, जैसे कि मस्तोमुखी क्रम (Cephalocaudal sequence) और निकट-दूर क्रम (Proximodistal sequence)।
- 3. अधिगम और परिपक्वता (Maturation) एक दूसरे से पूरी तरह स्वतंत्र प्रक्रियाएँ हैं, जहाँ परिपक्वता केवल जैविक और आनुवंशिक कारकों पर निर्भर करती है, और इस पर पर्यावरण, अभ्यास या अधिगम के अनुभवों का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि विकास की प्रक्रिया निरंतर अवश्य होती है, परंतु इसका यह अर्थ नहीं है कि इसमें कोई आकस्मिक परिवर्तन नहीं होता। किशोरावस्था (Adolescence) के दौरान होने वाले तीव्र शारीरिक और मानसिक परिवर्तन 'अचानक या तीव्र गति' (Spurt) के उदाहरण हैं। कथन 2 सही है क्योंकि विकास व्यक्तिगत भिन्नताओं के बावजूद एक निश्चित प्रतिरूप का अनुसरण करता है, जिसमें मस्तोमुखी (सिर से पैर की ओर) और निकट-दूर (केंद्र से बाहर की ओर) प्रवृत्तियाँ शामिल हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि परिपक्वता और अधिगम एक दूसरे से स्वतंत्र नहीं बल्कि घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं; परिपक्वता जैविक विकास का आधार प्रदान करती है, जबकि अधिगम उस परिपक्वता के स्तर पर आधारित होता है और पर्यावरण तथा अभ्यास दोनों ही परिपक्वता एवं विकास की गति को प्रभावित कर सकते हैं।
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3. उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियाँ गंगा और यमुना के मध्य स्थित दोआब क्षेत्र में 'फुलहर झील' (Phulhar Lake) पीलीभीत जिले में स्थित है, जो 'गोमती नदी' का उद्गम स्थल है और यह तलहटी के मार्श क्षेत्र से जल प्राप्त करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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1. उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की औपचारिक शुरुआत उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 के उपरांत वर्ष 1949 में हुई थी, जिसके तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत का गठन किया गया।
2. उत्तर प्रदेश में 'नगर निगमों' के महापौर (Mayor) का चुनाव सीधे जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से किया जाता है, जबकि नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्षों का चुनाव भी प्रत्यक्ष प्रणाली के माध्यम से ही होता है।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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