बच्चों के सामाजिक-नैतिक विकास और नैतिक तार्किकता के संदर्भ में, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के सिद्धांत की विभिन्न अवस्थाओं तथा कैरोल गिलगन (Carol Gilligan) द्वारा उस पर की गई आलोचना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Level) के अंतर्गत आने वाले सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार (Social contract and individual rights) चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के कल्याण के लिए लचीले सामाजिक समझौते होने चाहिए, न कि अनम्य आदेश।
- 2. कैरोल गिलगन ने कोहलबर्ग के सिद्धांत की इस आधार पर तीखी आलोचना की कि कोहलबर्ग के शोध का नमूना मुख्य रूप से पुरुषों और लड़कों पर आधारित था, जिसके कारण उनके सिद्धांत में न्याय और अधिकारों के नैतिकता को प्राथमिकता दी गई, जबकि महिलाओं में पाई जाने वाली 'देखभाल और जिम्मेदारी की नैतिकता' (Ethics of care and responsibility) की उपेक्षा की गई।
- 3. कोहलबर्ग के पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good boy-good girl orientation) में बच्चा किसी कार्य का नैतिक मूल्य उस कार्य के परिणाम स्वरूप मिलने वाले शारीरिक दंड या पुरस्कार के आधार पर तय करता है, न कि सामाजिक अनुमोदन या दूसरों की अपेक्षाओं के आधार पर।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-conventional Level) के पाँचवें चरण (Social contract and individual rights) में व्यक्ति कानूनों को एक सामाजिक समझौते के रूप में देखता है, जो आपसी सहमति से और समाज के अधिकतम कल्याण के लिए बनाए जाते हैं, और यदि कोई कानून मानवाधिकारों के विरुद्ध हो तो उसमें सुधार की गुंजाइश होनी चाहिए।
कथन 2 सही है: कैरोल गिलगन (जो कोहलबर्ग की ही शिछात्रा थीं) ने कोहलबर्ग के नैतिक विकास के मॉडल की यह कहकर आलोचना की थी कि उनके शोध अध्ययन में मुख्य रूप से पुरुष प्रतिभागियों को शामिल किया गया था। परिणामस्वरूप, कोहलबर्ग का सिद्धांत 'न्याय और अधिकारों' (Justice and Rights) पर आधारित नैतिकता पर अधिक बल देता है, जबकि महिलाओं द्वारा अपनाए जाने वाले दृष्टिकोण 'देखभाल, सहानुभूति और संबंधों की जिम्मेदारी' (Ethics of Care) की अनदेखा करता है।
कथन 3 असत्य (गलत) है: कोहलबर्ग के पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Stage 3) में बच्चा दूसरों का अनुमोदन (Approval) पाने और 'अच्छा' कहलाने की इच्छा से प्रेरित होता है। कार्य के परिणाम स्वरूप मिलने वाले शारीरिक दंड या पुरस्कार के आधार पर नैतिक मूल्य तय करने की विशेषता कोहलबर्ग के सिद्धांत के पहले स्तर (पूर्वापरंपरागत स्तर / Pre-conventional Level) के पहले चरण ('दंड और आज्ञाकारिता अभिविन्यास') में पाई जाती है। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।