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भारतीय शिक्षा आयोग (हंटर आयोग - 1882) की सिफारिशों और उसके प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हंटर आयोग ने प्राथमिक शिक्षा (Primary Education) के प्रसार, सुधार और इसके स्थानीय नियंत्रण पर विशेष बल दिया तथा प्राथमिक शिक्षा का उत्तरदायित्व जिला बोर्डों और नगरपालिकाओं (Local Boards and Municipalities) को सौंपे जाने की संस्तुति की थी।
- 2. आयोग ने यह संस्तुति की थी कि उच्च शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा से सरकारी अनुदान धीरे-धीरे पूरी तरह समाप्त कर दिया जाना चाहिए और इसे पूरी तरह से निजी स्रोतों और शुल्क पर आधारित कर देना चाहिए।
- 3. हंटर आयोग की सिफारिशों के फलस्वरूप पंजाब विश्वविद्यालय (1882) और इलाहाबाद विश्वविद्यालय (1887) की स्थापना की गई थी, जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि 1882 के हंटर आयोग (भारतीय शिक्षा आयोग) ने प्राथमिक शिक्षा के विकास पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया और इसके प्रबंधन को स्थानीय निकायों (जिला बोर्डों और नगरपालिकाओं) को सौंपने की सिफारिश की थी। कथन 2 गलत है क्योंकि आयोग ने माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए निजी प्रयासों (Private Enterprise) को प्रोत्साहित करने की बात जरूर कही थी, लेकिन उसने यह कभी संस्तुति नहीं की कि सरकारी अनुदान पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए, बल्कि इसने अनुदान-सहायता (Grant-in-aid) प्रणाली को और बेहतर बनाने पर जोर दिया था। कथन 3 गलत है क्योंकि पंजाब विश्वविद्यालय (1882) और इलाहाबाद विश्वविद्यालय (1887) की स्थापना हंटर आयोग की प्रत्यक्ष सिफारिशों से नहीं, बल्कि क्रमशः कलकत्ता विश्वविद्यालय के अंतर्गत इनके गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी और इलाहाबाद विश्वविद्यालय की स्थापना मुख्य रूप से सर विलियम मुइर के प्रयासों से हुई थी, जबकि हंटर आयोग का मुख्य कार्यक्षेत्र प्राथमिक शिक्षा की समीक्षा करना था।
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लॉरेंस कोहलवर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Moral Development Theory) और इसके 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-Conventional Morality Level) के अंतर्गत आने वाले दोनों चरणों (चरण 5 और चरण 6) की प्रमुख विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस स्तर के पाँचवें चरण ('सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' - Social Contract and Individual Rights) में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून समाज के आपसी समझौते का परिणाम हैं, इसलिए यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के बहुसंख्यक कल्याण की रक्षा करने में असफल रहता है, तो उसमें विवेकपूर्ण तरीके से बदलाव किया जा सकता है।
2. छठे चरण ('सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' - Universal Ethical Principles) में व्यक्ति किसी बाहरी सामाजिक दबाव या कानूनी दंड के भय से नहीं, बल्कि अपने स्वयं के चुने हुए उन अंतरात्मा के सार्वभौमिक सिद्धांतों (जैसे न्याय, मानवाधिकार, और मानव जीवन की गरिमा) के आधार पर नैतिक निर्णय लेता है, भले ही वे नियम मौजूदा कानूनों के विरुद्ध क्यों न हों।
3. कोहलवर्ग के अनुसार नैतिक विकास के इस सर्वोच्च उत्तर-रूढ़िगत स्तर पर अधिकांश किशोर और वयस्क अपने जीवन के व्यावहारिक अनुभवों के कारण स्वतः पहुँच जाते हैं, और इस अवस्था की मुख्य विशेषता यह होती है कि इसमें नैतिक तर्क पूरी तरह से पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और अधिकार बनाए रखने पर केंद्रित हो जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों, उत्सवों और पारंपरिक त्योहारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में लगने वाला 'बटेश्वर मेला' एक प्रसिद्ध पशु मेला है, जो यमुना नदी के तट पर आयोजित किया जाता है और इसे ऊँटों और अन्य पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए विशेष रूप से जाना जाता है।
2. उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में आयोजित होने वाला 'ढ्रपद मेला' और वाराणसी में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला 'ध्रपद मेला' उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने के बड़े आयोजन हैं, जहाँ देश-विदेश के शास्त्रीय संगीतकार अपनी प्रस्तुतियां देते हैं।
3. उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में लगने वाला 'कंपिला मेला' जैन धर्म से संबंधित है, क्योंकि कंपिला को जैन धर्म के तेरहवें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ का जन्म स्थल माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों, उत्सवों और उनके आयोजन स्थलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'शकुंभरी देवी मेला' का आयोजन प्रतिवर्ष उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित शिवालिक पहाड़ियों के बीच माँ शाकुंभरी देवी के मंदिर परिसर में किया जाता है, जो नवरात्र के दौरान विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
2. 'देव दीपावली' उत्सव का मुख्य आयोजन प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में गंगा नदी के घाटों (विशेषकर पंचगंगा घाट और दशाश्वमेध घाट) पर लाखों दीप जलाकर किया जाता है।
3. 'गोकुल बैराज परियोजना' और 'ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा' का संबंध मुख्य रूप से मथुरा और वृंदावन क्षेत्र से है, तथा 'कबिरा महोत्सव' का आयोजन संत कबीर नगर जिले के मघहर में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं ऊर्जा संसाधनों के संदर्भ में, राज्य की पहली तापीय ऊर्जा परियोजना (Thermal Power Project) 'हरदुवागंज ताप विद्युत गृह' (Harduaganj Thermal Power Station) की स्थापना किस जिले में की गई थी और यह किस वर्ष से कार्यरत है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) और 'बाल मनोविज्ञान' के संदर्भ में, सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा सर्वप्रथम प्रतिपादित 'अधिगम अक्षमता' शब्द, 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia), 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia), 'डिस्कैल्कुलिया' (Dyscalculia), और 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) जैसी विशिष्ट विकासात्मक अक्षमताओं के न्यूरोलॉजिकल और संज्ञानात्मक स्वरूप, तथा रुडोल्फ वर्टन (Rudolf Berlin) और सामूएल ओरटन (Samuel Orton) के ऐतिहासिक योगदान के वैज्ञानिक स्वरूप तथा आर.टी.ई. अधिनियम (RTE Act 2009) एवं आर.पी.डब्ल्यू.डी. अधिनियम (RPWD Act 2016) के अंतर्गत इन बालकों के शैक्षिक प्रावधानों के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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