भाषा विकास
Asked 2 months ago · Viewed 22 times
प्राथमिक स्तर पर हिंदी भाषा शिक्षण और उसके व्याकरणिक पहलुओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हिंदी भाषा शिक्षण में 'व्याकरण-अनुवाद विधि' (Grammar-Translation Method) मुख्य रूप से मातृभाषा के माध्यम से द्वितीय भाषा के नियमों को रटने और लिखित अनुवाद पर बल देती है, जिससे बालकों में स्वाभाविक मौखिक संप्रेषण कौशल का त्वरित विकास होता है।
- 2. भाषा अर्जन (Language Acquisition) और भाषा अधिगम (Language Learning) में यह अंतर है कि अर्जन एक अचेतन और स्वाभाविक प्रक्रिया है जो परिवेश के संपर्क से स्वतः होती है, जबकि अधिगम एक सचेत और प्रयासपूर्ण प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत व्याकरण के नियमों को औपचारिक रूप से सीखा जाता है।
- 3. प्राथमिक स्तर पर बच्चों की पठन क्षमता (Reading Proficiency) के आकलन के लिए केवल सस्वर पठन (Aloud Reading) ही एकमात्र वैज्ञानिक और त्रुटिहीन विधि है, क्योंकि इसमें मौन पठन से छात्रों की मानसिक सहभागिता का सटीक माप नहीं किया जा सकता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि व्याकरण-अनुवाद विधि मुख्य रूप से नियमों को रटने और लिखित अनुवाद पर बल देती है, लेकिन इससे बालकों में स्वाभाविक मौखिक संप्रेषण (Spoken Communication) कौशल का विकास नहीं होता, बल्कि बालक अक्सर व्यावहारिक रूप से झिझक महसूस करते हैं। कथन 2 सत्य है; भाषा अर्जन (Acquisition) एक स्वाभाविक व अचेतन प्रक्रिया है जो बच्चे के परिवेश से अंतःक्रिया करते हुए स्वतः होती है (जैसे मातृभाषा सीखना), जबकि भाषा अधिगम (Learning) एक औपचारिक और सचेत प्रक्रिया है जिसके लिए विशेष प्रयास और व्याकरण के नियमों की आवश्यकता होती है। कथन 3 असत्य है क्योंकि प्राथमिक स्तर पर पठन कौशल के मूल्यांकन के लिए 'मौन पठन' (Silent Reading) और 'सस्वर पठन' दोनों का अपना विशेष महत्व है। मौन पठन से बच्चे गहराई से अर्थ ग्रहण करते हैं, और केवल सस्वर पठन को ही एकमात्र विधि मानना बालकों की बोधगम्यता के आकलन के दृष्टिकोण से अनुचित है। अतः केवल कथन 2 सही है।
अगला प्रश्न →
वायगोत्스키 के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में भाषा का विकास…
← पिछला प्रश्न
बच्चों के भाषा विकास (Language Development) के संदर्भ में…
Related Questions
→
किस मूल्यांकन में पाठ्यचर्या के अंतिम प्रभावों का मूल्यांकन उसके घोषित उद्देश्यों के आधार पर किया जाता है?
→
शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन' (CCE) के अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) की प्रणालियों का विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के तात्विक, दायरे (Scope) और उपयोगिता के मध्य के अंतर को सर्वाधिक स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है?
→
बुद्धि परीक्षण के लिए 'स्टैनफोर्ड-बिने स्केल' (Stanford-Binet Scale) किस आयु वर्ग के लिए मुख्य रूप से बनाया गया था?
→
बुद्धि परीक्षण के लिए 'WISC' का पूर्ण रूप क्या है?
→
बच्चों के भाषा विकास (Language Development) के संदर्भ में, नोम चोमस्की (Noom Chomsky) के 'मनोभाषाई सिद्धांत' (Psycholinguistic Theory) की निम्नलिखित में से कौन-सी प्रमुख विशेषताएँ हैं?
1. चोमस्की के अनुसार, बालकों में भाषा सीखने की जन्मजात क्षमता होती है, जिसके लिए उनके मस्तिष्क में एक अंतर्जात तंत्र (Innate System) होता है जिसे 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) कहा जाता है।
2. बच्चों में व्याकरण के सार्वभौमिक नियम (Universal Grammar) को समझने की जन्मजात क्षमता होती है, और वे पर्यावरण से केवल उन नियमों के विशिष्ट रूपों (Parameters) को परिष्कृत करते हैं।
3. भाषा विकास मुख्य रूप से अनुकरण (Imitation) और वयस्क द्वारा प्रदान किए जाने वाले सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) तथा पुरस्कार पर निर्भर करता है, जन्मजात जैविक कारकों की इसमें कोई भूमिका नहीं होती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
आरंभिक बाल्यावस्था में भाषा विकास के संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noom Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन यंत्र' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वव्यापक व्याकरण' (Universal Grammar) की अवधारणा के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा कथन बच्चे की भाषाई क्षमता की सर्वाधिक सटीक व्याख्या करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.