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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, नदियों के उद्गम और उनकी सहायक नदियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. चंबल नदी, जिसका उद्गम मध्य प्रदेश के महू के निकट जानापाव पहाड़ी से होता है, उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में यमुना नदी से मिलने से पहले आगरा, औरैया और इटावा जिलों की सीमा पर बड़े पैमाने पर अवनलिका अपरदन (Gully Erosion) और बीहड़ भूमि का निर्माण करती है।
- 2. बेतवा नदी (पुरात्र नाम: वेत्रवती) का उद्गम रायसेन जिले (मध्य प्रदेश) के कुम्हड़ा गाँव से होता है और यह उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के समीप यमुना नदी में मिल जाती है।
- 3. केन नदी का उद्गम कैमूर पहाड़ियों (मध्य प्रदेश) से होता है और यह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के निकट चिल्لا नामक स्थान पर यमुना नदी में मिलती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश के नदी तंत्र (Drainage System) के अंतर्गत यमुना नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार से निकलकर उत्तर की ओर बहती हैं। कथन 1 बिल्कुल सही है; चंबल नदी अपने अवनलिका अपरदन (Gully Erosion) और बड़े-बड़े बीहड़ (Ravines) के लिए प्रसिद्ध है तथा यह इटावा के पास यमुना में मिलती है। कथन 2 भी सत्य है; बेतवा नदी मध्य प्रदेश से निकलकर उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में यमुना से मिलती है। कथन 3 भी सही है; केन नदी कैमूर पहाड़ियों से निकलकर बाँदा जिले के चिल्لا नामक स्थान पर यमुना नदी में विलीन हो जाती है। अतः तीनों कथन सही हैं।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, एक शिक्षक को अपनी कक्षा में विविधता से निपटने के लिए निम्नलिखित में से किस शिक्षण रणनीति को प्राथमिकता देनी चाहिए?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार 'संरक्षण' (Conservation) का तात्पर्य यह समझने की क्षमता से है कि किसी वस्तु के भौतिक स्वरूप, आकार या रूप में परिवर्तन होने पर भी उसका द्रव्यमान, भार, आयतन या संख्या अपरिवर्तित रहती है, और यह क्षमता बच्चों में औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) में ही पहली बार विकसित होती है।
2. 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-deductive Reasoning) की क्षमता का पूर्ण विकास पियाजे के सिद्धांत की अंतिम अवस्था यानी 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) के दौरान होता है, जहाँ किशोर बिना किसी ठोस या मूर्त सहारे के केवल प्रतीकों और प्रस्तावों के आधार पर समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।
3. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के चरणों की यह विशेषता है कि ये सभी संस्कृतियों और समाजों में एक निश्चित और सार्वभौमिक क्रम में आगे बढ़ते हैं, अर्थात् कोई भी बच्चा किसी पूर्ववर्ती चरण को छोड़े बिना क्रमबद्ध रूप से ही अगली अवस्था में प्रवेश करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'पर्यावरण अध्ययन' (EVS) के अंतर्गत 'पर्यावरणीय प्रदूषण और नियंत्रण' के संदर्भ में, वर्ष 1981 में अधिनियमित 'वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम' [Air (Prevention and Control of Pollution) Act, 1981] के वैधानिक प्रावधानों, केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (CPCB & SPCBs) की शक्तियों तथा कार्यों, इस अधिनियम में वर्ष 1987 में किए गए संशोधनों द्वारा 'ध्वनि प्रदूषण' (Noise Pollution) को इसके दायरे में शामिल किए जाने, तथा राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS) के अंतर्गत निर्धारित प्रमुख वायु प्रदूषकों (जैसे $PM_{2.5}$, $PM_{10}$, $NO_2$, $SO_2$, $CO$, $O_3$, $NH_3$, और $Pb$) के पारिस्थितिकीय, विधिक एवं शैक्षणिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा दिए गए 'अपसारी चिंतन' (Divergent Thinking) के संप्रत्यय के अंतर्गत, किसी समस्या के समाधान हेतु विभिन्न संभावित दिशाओं में विचार करने की क्षमता के चार प्रमुख घटकों में से उस विशिष्ट घटक को क्या कहा जाता है जिसके माध्यम से व्यक्ति एक ही श्रेणी या प्रकार के अनेक अनूठे, मौलिक और भिन्न-भिन्न उदाहरण या विचार प्रस्तुत करता है?
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