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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) और कृषि विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो यहाँ की मृदा, वर्षा और तापमान की भिन्नता को प्रदर्शित करते हैं। 2. 'मांड' (Mand) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाती हैं, जो चिकनी, काले रंग की और अत्यधिक नमी धारण करने वाली होती हैं। 3. 'भूर' (Bhoor) मृदा उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों में नदियों के किनारे विशेष रूप से पाई जाने वाली अत्यधिक उपजाऊ और महीन कणों वाली चिकनी जलोढ़ मिट्टी होती है, जो धान की खेती के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है。 उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश को कृषि की दृष्टि से कुल 9 विशिष्ट कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। कथन 2 भी सही है क्योंकि 'मार' या 'मांड' (Mand/Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख काली और चिकनी मिट्टियाँ हैं जो नमी को लंबे समय तक बनाए रखती हैं। किंतु कथन 3 गलत है, क्योंकि 'भूर' (Bhoor) मृदा गंगा-यमुना के मैदानी भागों में नदियों के किनारे या ऊंचे टीलों पर पाई जाने वाली असंगठित, मोटे कणों वाली बलुई (Sandy) मिट्टी होती है, न कि महीन कणों वाली चिकनी जलोढ़ मिट्टी। यह धान के लिए नहीं बल्कि हल्की फसलों या बागवानी के लिए जानी जाती है।
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