त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं शिक्षण विधि' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत' (Cognitive Development Theory: आत्मसातकरण, समंजन और equilibration की प्रक्रिया) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच स्कीमा निर्माण (Schema Formation), न्यूरोनल सिनैप्टिक छंटाई (Synaptic Pruning), और संज्ञानात्मक संतुलन की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कन्स्ट्रक्टिविस्ट ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Constructivist Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सक्रिय ज्ञान निर्माण, तार्किक संरक्षण क्षमता व समग्र संज्ञानात्मक परिपक्वता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत बाल विकास का एक केंद्रीय स्तंभ है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, जब बच्चा अपने पूर्व ज्ञान (Schema) में नई जानकारी को जोड़ता है (आत्मसातकरण) या उसमें संशोधन करता है (समंजन), तो मस्तिष्क का प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स और हिप्पोकैम्पस सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी और न्यूरोनल नेटवर्क के पुनर्गठन द्वारा 'संतुलन' (Equilibration) स्थापित करते हैं। यह प्रक्रिया बच्चों में तार्किक सोच, संरक्षण की समझ और समग्र संज्ञानात्मक परिपक्वता के लिए अत्यंत आवश्यक है, जो न्यूरो-कन्स्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी का आधार बनती है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'चिन्ह अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory or Purposive Behaviorism) के अंतर्गत 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning), 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map), और 'स्थान अधिगम' (Place Learning) के वैज्ञानिक स्वरूप तथा उनके पारंपरिक उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) सिद्धांतों के साथ तुलनात्मक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का दक्षिण का पठारी भाग (बुंदेलखंड का पठार) वास्तव में प्राचीन गोंडवाना लैंड का ही एक हिस्सा है, जो मुख्य रूप से प्राचीन गनीस, शिस्ट और ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है।
2. राज्य के तराई क्षेत्र में महीन जलोढ़ मिट्टी (खादर) का विस्तार पाया जाता है, जो दलदली और नम होती है तथा यहाँ लंबे घास के मैदान और घने वन पाए जाते हैं।
3. विंध्य पर्वतीय क्षेत्र से निकलने वाली नदियाँ (जैसे केन, बेतवा, सोन) उत्तर प्रदेश के पठारी भाग में उत्तर की ओर प्रवाहित होकर यमुना या गंगा नदी में मिलती हैं और इस क्षेत्र में लाल मिट्टी या 'मार्ड' मिट्टी की प्रधानता पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक इतिहास एवं राज्य की संस्थाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन (President's Rule) अब तक सर्वाधिक बार (कुल 10 बार) लगाया जा चुका है, और राज्य के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति शासन वर्ष 1968 में मुख्यमंत्री चंद्रभान गुप्ता के त्यागपत्र देने के उपरांत लागू हुआ था।
2. उत्तर प्रदेश में 'राज्य मानवाधिकार आयोग' (State Human Rights Commission) का गठन मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के प्रावधानों के अंतर्गत वर्ष 2002 में किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में मानवाधिकारों के उल्लंघन की शिकायतों की जाँच करना है।
3. उत्तर प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी थीं, जिन्होंने वर्ष 1963 से 1967 तक कार्य किया, तथा वे न केवल उत्तर प्रदेश की बल्कि स्वतंत्र भारत के किसी भी राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं।
4. उत्तर प्रदेश लोकायुक्त अधिनियम, 1975 के अंतर्गत नियुक्त होने वाले लोकायुक्त का कार्यकाल वर्तमान संशोधन के अनुसार 8 वर्ष निर्धारित किया गया है, जिन्हें उनके पद से हटाने के लिए विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत से महाभियोग प्रस्ताव पारित करना अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा के सिद्धांत' (Theories of Motivation) के संदर्भ में, अमेरिकी मनोवैज्ञानिक इब्राहिम मैस्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत 'अभ्र्यता या आत्म-सिद्धि की आवश्यकता' (Need for Self-Actualization) और 'आत्म-सम्मान की आवश्यकता' (Esteem Needs) के वैज्ञानिक स्वरूप, उनके दार्शनिक आधार तथा कक्षा-कक्ष अधिगम में उनके व्यावहारिक निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास और साइकोलिंग्विस्टिक्स के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky) द्वारा प्रतिपादित 'भाषा अर्जन युन्त्र' (Language Acquisition Device - LAD) और 'सार्वभौमिक व्याकरण' (Universal Grammar) की अवधारणा के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area) और 'वेर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area) की व्याकरणिक प्रसंस्करण तथा अर्थबोध संबंधी सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के भाषा और विचार के विकास संबंधी दृष्टिकोणों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, बहुभाषी संवर्धन और विद्यार्थियों में संप्रेषण दक्षता के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.