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जीन पियाजे
Asked 2 months ago · Viewed 17 times

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पियाजे के अनुसार 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूरी तरह से विकसित हो जाता है, जिससे वे किसी वस्तु के रूप या आकार में परिवर्तन होने पर भी उसके आयतन, द्रव्यमान और संख्या को अपरिवर्तित समझ सकते हैं।
  2. 2. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage - लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक वस्तुओं को उनके गुणों के आधार पर वर्गीकृत करने (Classification) तथा 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता प्राप्त कर लेता है, जिससे वह किसी समस्या को एक से अधिक दृष्टियों से देख सकता है।
  3. 3. 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष से आगे) में किशोरों के भीतर 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) की क्षमता का पूर्ण विकास हो जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि 'संरक्षण' (Conservation) का गुण पूर्व संक्रियात्मक अवस्था में नहीं, बल्कि 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के दौरान विकसित होता है। पूर्व संक्रियात्मक अवस्था के बच्चों में केंद्रीकरण (Centration) की प्रवृत्ति पाई जाती है, जिसके कारण वे किसी वस्तु के आकार में परिवर्तन होने पर उसे नया रूप मान लेते हैं और संरक्षण नहीं समझ पाते। कथन 2 सत्य है; इस अवस्था में बालक वर्गीकरण, संरक्षण और विकेंद्रीकरण की योग्यता अर्जित कर लेते हैं। कथन 3 सत्य है; औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था में अमूर्त चिंतन और तार्किक-निगमनात्मक क्षमता का पूर्ण विकास होता है।
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