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बाल विकास के सिद्धांतों और अधिगम की प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'परिपक्वता' (Maturation) एक आनुवंशिक रूप से निर्धारित जैविक प्रक्रिया है, जो पर्यावरणीय अनुभवों और अधिगम के बिना भी एक निश्चित क्रम में स्वतः घटित होती है, जबकि अधिगम अभ्यास और अनुभव पर आधारित एक अपेक्षाकृत स्थायी परिवर्तन है। 2. लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले सामाजिक अनुबंधन अभिविन्यास (Social Contract Orientation) में व्यक्ति कानून को एक अटल और अपरिवर्तनीय नियम मानता है तथा कानून तोड़ने को अनैतिक समझता है। 3. ब्रूनर (Jerome Bruner) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'प्रतीकात्मक अवस्था' (Symbolic Stage) वह चरण है जहाँ बालक विचारों को प्रस्तुत करने के लिए मुख्य रूप से भाषा, प्रतीकों और अमूर्त संकेतों का उपयोग करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि परिपक्वता (Maturation) एक जैविक और आनुवंशिक रूप से क्रमागत प्रक्रिया है जो आयु के साथ स्वतः होती है, जबकि अधिगम अभ्यास, प्रशिक्षण और अनुभव पर निर्भर करता है। कथन 2 गलत है क्योंकि कोहलबर्ग के 'सामाजिक अनुबंधन अभिविन्यास' (जो उत्तर-रूढ़िगत स्तर के अंतर्गत आता है) में व्यक्ति यह मानता है कि नियम समाज के कल्याण के लिए लचीले ढंग से बनाए गए हैं और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के भले के खिलाफ हो, तो उसमें बदलाव किया जा सकता है। कानून को पूरी तरह अटल मानना 'कानون एवं व्यवस्था अभिविन्यास' (Law and Order Orientation - जो कि रूढ़िगत स्तर के अंतर्गत आता है) की विशेषता है। कथन 3 सही है क्योंकि जेरोम ब्रूनर के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की तीसरी अवस्था 'प्रतीकात्मक अवस्था' (Symbolic Stage) में बालक मानसिक चिन्तन के लिए भाषा, तर्क और अमूर्त प्रतीकों का प्रयोग करने में सक्षम हो जाता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण (Memory and Forgetting)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हरमन एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'अमिकडाला' (Amygdala), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच सिनैप्टिक समेकन (Synaptic Consolidation), दीर्घकालिक प्रवर्धन (Long-Term Potentiation - LTP), और पुनर्प्राप्ति विफलता (Retrieval Failure) की सक्रियण गतिकी, तथा रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) के 'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model: संवेदी स्मृति, कार्यशील स्मृति और दीर्घकालिक स्मृति) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मेमोरी-ऑप्टिमाइज़्ड पेडागोजी (Memory-Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सूचना प्रतिधारण (Retention), संज्ञानात्मक दक्षता व समग्र स्मरण शक्ति के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, कृषि-जलवायु प्रदेशों और मृदा प्रकारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 (नौ) कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, और यहाँ पाई जाने वाली 'परवा' (Parwa) मृदा मुख्य रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र की एक हल्की दोमट मृदा है जिसमें बालू और चिकनी मिट्टी का मिश्रण होता है, जो चना और ज्वार की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
2. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी मैदानी क्षेत्र में पाई जाने वाली 'रूँड़' (Rund) या कछार की मिट्टी हर साल बाढ़ के पानी द्वारा लाई जाती है, जिसके कारण यह अत्यंत उपजाऊ होती है और इसमें पोटाश तथा चूने की अधिकता होती है, किंतु नाइट्रोजन की भारी कमी पाई जाती है।
3. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी और पहाड़ी क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'भाबर' (Bhabhar) मृदा में से 'भाबर' मृदा मुख्य रूप से सहारनपुर से लेकर कुशीनगर तक तराई के ठीक उत्तर में कंकड़-पत्थर और मोटे रेत से युक्त होती है, जहाँ नदियाँ भूमिगत हो जाती हैं और कृषि कार्य के लिए यह अत्यधिक उपजाऊ होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रिआयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिल्फ़र्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि संरचना मॉडल' (Operations, Contents, and Products: कुल 150/180 घटक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), और 'टेम्पोरल कॉर्टेक्स' (Temporal Cortex) के बीच सूचना प्रसंस्करण (Information Processing), श्रेणीबद्ध वर्गीकरण (Categorization), और संक्रियात्मक लचीलेपन की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स स्पीयरमैन के 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी बौद्धिक कौशल, विश्लेषणात्मक व व्यावहारिक चिंतन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disability) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'डिसलेक्सिया' (Dyslexia - पठन विकार) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'बाएँ हेमिस्फेयर के टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन' (Left Temporoparietal Junction), 'व्यूअल वर्ड फॉर्म एरिया' (Visual Word Form Area - VWFA), और 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area) के बीच phonological processing deficits, ग्रीमैटर रिडक्शन, और विजुअल-ऑडिटरी मैपिंग विफलता की सक्रियण गतिकी, तथा सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) और शेफ़र्ड व शैनन (Shaywitz) के 'फोनोलॉजिकल डेफिसिट मॉडल' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिसलेक्सिया ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Dyslexia Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी पठन रणनीतियों (Orton-Gillingham Approach) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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