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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्संबंधों तथा उनकी अवस्थाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पियाजे के अनुसार 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) में बालक के भीतर 'संरक्षण' (Conservation) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) का पूर्ण विकास हो जाता है, जो कोहलबर्ग के नैतिक विकास के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Morality) को समझने के लिए अनिवार्य है। 2. कोहलबर्ग के नैतिक विकास के 'रूढ़िगत स्तर' (Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाला 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy-Good Girl Orientation) इस बात पर केंद्रित है कि व्यक्ति सामाजिक अनुमोदन, प्रशंसा और दूसरों की नजरों में अच्छा बनने के लिए नैतिक निर्णय लेता है। 3. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास में 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) अमूर्त चिंतन और तार्किक परिकल्पनाओं के निर्माण की क्षमता प्रदान करती है, जो कोहलबर्ग के सिद्धांत के सार्वभौमिक नैतिक विवेक अभिविन्यास (Universal Ethical Principle Orientation) के विकास के लिए एक आवश्यक संज्ञानात्मक पृष्ठभूमि तैयार करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि 'संरक्षण' (Conservation) और 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) का विकास पियाजे की 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में होता है, न कि पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में। पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में बालक में इन गुणों का अभाव होता है (इसे 'अनुत्क्रमणीयता' या Irreversibility कहा जाता है)।
कथन 2 सत्य है, क्योंकि कोहलबर्ग के पारंपरिक या रूढ़िगत स्तर (Conventional Level, जो लगभग 10 से 13 वर्ष की आयु का होता है) के अंतर्गत 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Stage 3) आता है, जहाँ किशोर समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और दूसरों से अनुमोदन या प्रशंसा प्राप्त करने के लिए नैतिकता का पालन करता है।
कथन 3 सत्य है, क्योंकि पियाजे की औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से आगे) में अमूर्त चिंतन, परिकल्पनात्मक तर्क और उच्च-स्तरीय बौद्धिक क्षमता विकसित होती है, जो कोहलबर्ग के उत्तर-रूढ़िगत स्तर के अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक विवेक अभिविन्यास' (Stage 6) को समझने के लिए आवश्यक संज्ञानात्मक आधार प्रदान करती है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय स्वरूप के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और बघेलखंड का भूभाग) प्रायद्वीपीय भारत के प्राचीनतम गोंडवाना लैंड का उत्तरी विस्तार है, जहाँ आर्कियन युग की नीस (Gneiss), ग्रेनाइट और विंध्यन क्रम की बलुआ पत्थर (Sandstone) की चट्टानें पाई जाती हैं।
2. राज्य में बहने वाली 'बेतवा' और 'केन' नदियाँ दक्षिणी पठारी क्षेत्र से निकलकर उत्तर दिशा की ओर बहती हैं और यमुना नदी में मिलती हैं, तथा इस क्षेत्र में लाल एवं पैंडुवा (Parwa) मृदा की अधिकता पाई जाती है जो कृषि की दृष्टि से कम उपजाऊ होती है।
3. उत्तर प्रदेश के बिजनौर, सहारनपुर और लखीमपुर खीरी जिलों के उत्तरी छोर पर पाई जाने वाली 'भाबर एवं तराई' पेटी में नदियाँ अत्यधिक कंकड़-पत्थर और मोटे तलछट जमा करती हैं, जिससे तराई क्षेत्र में नदियाँ भूतल पर स्पष्ट रूप से बहती हैं और भाबर क्षेत्र में नदियाँ पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) और 'हिप्पोकैम्पस' के बीच मानसिक संचालन (Mental Operations), व्युत्क्रमणीयता (Reversibility), संरक्षण (Conservation) और श्रेणीबद्ध वर्गीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा बारबरा इनहेल्डर (Barbel Inhelder) और जीन पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'औपचारिक तार्किक संरचनाओं के विकास' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, हस्त-परक मूर्त सामग्री आधारित शिक्षाशास्त्र (Hands-on Concrete Materials Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, स्थानिक-संख्यात्मक बोध व समग्र बौद्धिक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच संरक्षण (Conservation), वर्गीकरण और स्थानिक-तार्किक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा बार्कले और साथियों द्वारा प्रतिपादित 'डीेंट्रेशन और कार्यकारी स्मृति मॉडल' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, कंक्रीट-ऑपरेशनल और खोज-आधारित शिक्षाशास्त्र (Inquiry-Based Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक विचार, उत्क्रमणीयता (Reversibility) व समग्र संज्ञानात्मक संतुलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना और पारंपरिक कलाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले के स्वदेशी, पारंपरिक और विशिष्ट हस्तशिल्प उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाना तथा स्थानीय कारीगरों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है, जिसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2018 में की गई थी।
2. उत्तर प्रदेश के 'मुरादाबाद' जिले को उसके उत्कृष्ट 'पीतल और धातु शिल्प' (Brass and Metal Craft) के लिए 'पीतल नगरी' के रूप में जाना जाता है, जबकि 'भदोही' जिला 'कालीन निर्माण' (Carpet Industry) के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है और इसे 'कार्पेट सिटी' भी कहा जाता है।
3. 'जरी-ज़रदोज़ी' (Zari-Zardosi) कला के लिए केवल लखनऊ और वाराणसी जिले ही अधिकृत हैं, तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पारंपरिक हथकरघा और हस्तशिल्प उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 'माटी कला बोर्ड' का गठन नहीं किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के संज्ञानात्मक और रचनावादी सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) और 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) की संकल्पनाओं के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा जॉर्ज केली (George Kelly) द्वारा प्रतिपादित 'व्यक्तिगत निर्माण सिद्धांत' (Personal Construct Theory) के अंतर्गत 'रचनात्मक सह-संबंध' (Constructive Alternativism) के दार्शनिक दृष्टिकोण के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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