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भारतीय अर्थव्यवस्था में 'भुगतान संतुलन' (Balance of Payments - BoP) और इसके घटकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भुगतान संतुलन के 'चालू खाता' (Current Account) के अंतर्गत दृश्य वस्तुओं (Merchandise Goods) के व्यापार के साथ-साथ अदृश्य वस्तुओं (Services), प्रेषण (Remittances) और निवेश आय को शामिल किया जाता है, तथा चालू खाता घाटा (CAD) तब उत्पन्न होता है जब देश की कुल विदेशी मुद्रा प्राप्तियां (Receipts) उसके कुल विदेशी भुगतानों (Payments) से अधिक हो जाती हैं।
  2. 2. 'पूंजी खाता' (Capital Account) देश के उन सभी अंतरराष्ट्रीय लेन-देन को दर्ज करता है जो देश की परिसंपत्तियों या देनदारियों (Assets and Liabilities) को प्रभावित करते हैं, जिसके अंतर्गत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI), विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) और बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECB) को शामिल किया जाता है।
  3. 3. आधिकारिक आरक्षित खाता (Official Reserve Account) भुगतान संतुलन का एक अनिवार्य हिस्सा है, और यदि चालू खाते और पूंजी खाते का कुल योग शून्य नहीं होता है, तो इस असंतुलन को पूरा करने या समायोजित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा भंडारों (Foreign Exchange Reserves) में परिवर्तन के माध्यम से इसका समायोजन किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि 'चालू खाता घाटा' (CAD) तब उत्पन्न होता है जब देश की कुल विदेशी मुद्रा प्राप्तियां उसके कुल विदेशी भुगतानों से कम होती हैं, न कि अधिक। यदि प्राप्तियां भुगतानों से अधिक होती हैं, तो उसे चालू खाता अधिशेष (Current Account Surplus) कहा जाता है। कथन 2 सही है। पूंजी खाता देश की विदेशी परिसंपत्तियों और देनदारियों में होने वाले परिवर्तनों को दर्ज करता है, जिसमें FDI, FPI और ऋण (जैसे ECB) शामिल होते हैं। कथन 3 सही है। भुगतान संतुलन लेखांकन रूप से हमेशा संतुलित (Balanced) होता है। चालू और पूंजी खातों के योग में होने वाले अंतर (असंतुलन) को केंद्रीय बैंक द्वारा 'आधिकारिक आरक्षित खाते' (Official Reserve Account) के माध्यम से समायोजित किया जाता है।
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