BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Civil services
19 views

भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'पृथ्वी की आंतरिक संरचना' (Interior of the Earth) और भूकंपीय विज्ञान (Seismology) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) के अंतर्गत महासागरीय पर्पटी मुख्य रूप से सिलिका और मैग्नीशियम (Sima) से बनी है और इसका घनत्व महाद्वीपीय पर्पटी की तुलना में अधिक होता है, जबकि महाद्वीपीय पर्पटी मुख्य रूप से सिलिका और एल्यूमीनियम (Sial) से बनी है।
  2. 2. 'मोहरोविचिक असांतत्य' (Mohorovicic Discontinuity) भूपर्पटी और ऊपरी मैंटल (Upper Mantle) के बीच की सीमा रेखा है, जहाँ से प्राथमिक भूकंपीय तरंगों (P-waves) की गति में अचानक वृद्धि दर्ज की जाती है।
  3. 3. 'गुटेनबर्ग असांतत्य' (Gutenberg Discontinuity) निम्न मैंटल और बाह्य क्रोड़ के बीच स्थित है, और इस सीमा पर द्वितीयक भूकंपीय तरंगें (S-waves) पूरी तरह से लुप्त हो जाती हैं, क्योंकि बाह्य क्रोड़ तरल अवस्था में है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) दो भागों में विभाजित है - महाद्वीपीय पर्पटी जो मुख्य रूप से सिलिका और एल्यूमीनियम (Sial) से बनी है और इसका औसत घनत्व कम होता है, तथा महासागरीय पर्पटी जो सिलिका और मैग्नीशियम (Sima) से बनी है और इसका घनत्व अधिक होता है। कथन 2 सही है: मोहरोविचिक असांतत्य (Moho Discontinuity) क्रस्ट और ऊपरी मैंटल के बीच की सीमा को पृथक करती है। इस गहराई पर चट्टानों के घनत्व में अचानक परिवर्तन के कारण प्राथमिक (P) तरंगों की गति में तीव्र वृद्धि होती है। कथन 3 सही है: गुटेनबर्ग असांतत्य (Gutenberg Discontinuity) मैंटल और बाह्य क्रोड़ (Outer Core) के बीच स्थित है। चूँकि बाह्य क्रोड़ तरल अवस्था में है, इसलिए अनुप्रस्थ प्रकृति की S-तरंगें इसमें प्रवेश नहीं कर पातीं और यहाँ पूरी तरह लुप्त हो जाती हैं।
Share:

Related Questions

→ सामान्य विज्ञान और पर्यावरण के संदर्भ में, 'महासागरीय अम्लीकरण' (Ocean Acidification) और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके प्रभावों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महासागरीय अम्लीकरण मुख्य रूप से वायुमंडल में मानवजनित कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) के बढ़ते अवशोषण के कारण होता है, जिससे समुद्र के जल का pH स्तर गिर जाता है और यह प्रक्रिया समुद्र के क्षारीय (Alkaline) होने की प्रवृत्ति को और अधिक तीव्र कर देती है। 2. जब कार्बन डाइऑक्साइड समुद्री जल में घुलती है, तो यह जल के साथ अभिक्रिया करके कार्बोनिक अम्ल बनाती है, जो वियोजित होकर हाइड्रोजन आयनों ($H^+$) और बाइकार्बोनेट आयनों को मुक्त करता है, जिससे उपलब्ध कार्बोनेट आयनों की सांद्रता में कमी आ जाती है। 3. कार्बोनेट आयनों की सांद्रता में यह कमी कैल्सीफाइंग जीवों (Calcifying Organisms), जैसे कि प्रवाल भित्तियों (Coral Reefs), मोलस्क और कुछ प्रकार के फाइटोप्लांकटन के लिए कैल्शियम कार्बोनेट ($CaCO_3$) के कंकाल और कवच का निर्माण करना अत्यंत कठिन बना देती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IVक' (मूल कर्तव्य - अनुच्छेद 51क) के अंतर्गत समाविष्ट 'मूल कर्तव्यों' (Fundamental Duties) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल कर्तव्यों को स्वर्ण सिंह समिति (1976) की सिफारिशों के आधार पर '42वें संविधान संशोधन अधिनियम' के माध्यम से संविधान में जोड़ा गया था, तथा मूल रूप से संविधान में 10 मूल कर्तव्य शामिल किए गए थे, जबकि 11वां मूल कर्तव्य '86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002' द्वारा जोड़ा गया। 2. संविधान के अनुच्छेद 51क के अंतर्गत ये सभी कर्तव्य केवल भारत के नागरिकों पर ही लागू होते हैं, और इनमें से कुछ कर्तव्य प्रकृति में नैतिक (Moral) हैं जबकि कुछ कर्तव्य नागरिक (Civic) प्रकृति के हैं। 3. यद्यपि मूल कर्तव्य स्वंय में न्यायोचित (Justiciable) नहीं हैं, अर्थात इनके उल्लंघन पर सीधे न्यायालय द्वारा दंडित नहीं किया जा सकता है, किंतु संसद को यह सांविधिक शक्ति प्राप्त है कि वह विधि बनाकर इनमें से किसी भी कर्तव्य के प्रवर्तन के लिए उचित दंड या शास्ति (Penalty) का उपबंध कर सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और भारतीय संविधान के अंतर्गत 'संविधान के निर्वाचन के सिद्धांतों' तथा 'संघीय व्यवस्था' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 131 भारत संघ और एक या अधिक राज्यों के बीच, या दो या अधिक राज्यों के बीच किसी भी कानूनी विवाद के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय को अनन्य मूल अधिकारिता (Exclusive Original Jurisdiction) प्रदान करता है, जिसके अंतर्गत राजनीतिक विवादों और व्यक्तिगत नागरिकों द्वारा राज्यों के विरुद्ध दायर किए गए मुकदमों को भी सीधे शामिल किया जाता है। 2. 'सहकारी संघवाद' (Cooperative Federalism) की अवधारणा को भारतीय संविधान की प्रस्तावना और विभिन्न प्रावधानों में अंतर्निहित माना गया है, और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि भारतीय संघवाद अमेरिकी मॉडल की तरह राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है, बल्कि यह एक अविभाज्य संघ (Indestructible Union of Destructible States) है। 3. संविधान के अनुच्छेद 245 और 246 के अंतर्गत संसद और राज्यों के विधानमंडलों की कानून बनाने की विधायी शक्तियों का क्षेत्रीय और विषय-वस्तु के आधार पर विभाजन किया गया है, जिसके तहत यदि समवर्ती सूची (Concurrent List) के किसी विषय पर राज्य विधानमंडल द्वारा बनाया गया कानून संसद द्वारा बनाए गए पूर्ववर्ती कानून के प्रतिकूल या असंगत है, तो अनुच्छेद 254 के अनुसार राज्य का कानून पूर्ण रूप से शून्य हो जाएगा, भले ही उसे राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त हुई हो या नहीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग III' के अंतर्गत 'सांस्कृतिक और शिक्षा संबंधी अधिकार' (अनुच्छेद 29 और 30) तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर इस संबंध में दिए गए निर्णयों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 29 के खंड (1) के अनुसार भारत के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग में रहने वाले नागरिकों के किसी अनुभाग को जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाए रखने का पूर्ण अधिकार है, और यह अधिकार केवल और केवल अल्पसंख्यकों (Minorities) तक ही सीमित है, बहुसंख्यक नागरिकों के अनुभाग को यह प्राप्त नहीं है। 2. अनुच्छेद 30(1) के अंतर्गत सभी अल्पसंख्यकों को, चाहे वे धर्म पर आधारित हों या भाषा पर, अपनी रुचि की शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अधिकार प्राप्त है, किंतु इसके अंतर्गत प्राप्त 'प्रशासन करने का अधिकार' एक पूर्ण (Absolute) अधिकार नहीं है और राज्य सार्वजनिक हित, अनुशासन, स्वास्थ्य या नैतिकता के आधार पर इन संस्थानों के कुप्रबंधन को रोकने के लिए उचित नियामक उपाय (Regulatory Measures) लागू कर सकता है। 3. 'अल्पसंख्यक' (Minority) शब्द को भारतीय संविधान के मूल पाठ में स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, जिसके अनुसार राज्य स्तर पर किसी भाषाई या धार्मिक समूह की कुल जनसंख्या राज्य की कुल जनसंख्या के पचास प्रतिशत से कम होने पर ही उसे अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में कितनी पवन ऊर्जा क्षमता जोड़कर अब तक का वार्षिक रिकॉर्ड बनाया है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.