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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, भारत में भुगतानों के समेकन, निपटान प्रणालियों और वित्तीय अवसंरचना के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. 'रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट' (RTGS) प्रणाली के अंतर्गत फंड का अंतरण और निपटान (Settlement) वास्तविक समय (Real-time) और सकल आधार (Gross basis) पर व्यक्तिगत लेनदेन के आधार पर होता है, जिसका संचालन और प्रबंधन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा किया जाता है, तथा इस प्रणाली के माध्यम से न्यूनतम लेन-देन की सीमा दो लाख रुपये निर्धारित की गई है।
  2. 2. 'नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर' (NEFT) प्रणाली एक राष्ट्रव्यापी भुगतान प्रणाली है जो बैचों (Bathes) के आधार पर फंड का अंतरण करती है, तथा यह सेवा भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 24x7x365 उपलब्ध कराई जाती है, जिसका अर्थ है कि यह वर्ष के सभी दिन चौबीस घंटे संचालित होती है।
  3. 3. 'भारत बिल भुगतान प्रणाली' (BBPS - Bharat Bill Payment System) भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा परिकल्पित एक एकीकृत बिल भुगतान मंच है, जिसके माध्यम से केवल डिजिटल बैंकिंग चैनलों का उपयोग करके ही बिलों का भुगतान किया जा सकता है और इसके अंतर्गत भौतिक नकद (Cash) भुगतान की कोई अनुमति नहीं दी जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) प्रणाली के तहत फंड का निपटान वास्तविक समय (Real-time) और सकल (Gross) आधार पर व्यक्तिगत लेनदेन के रूप में होता है। इसका रखरखाव और संचालन आरबीआई द्वारा किया जाता है और इसके माध्यम से न्यूनतम लेनदेन राशि 2 लाख रुपये है, जबकि अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। कथन 2 सही है: NEFT एक राष्ट्रव्यापी भुगतान प्रणाली है जो बैचों के आधार पर लेनदेन को निपटाती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने दिसंबर 2019 से NEFT सेवा को 24x7x365 (वर्ष के सातों दिन, चौबीस घंटे) उपलब्ध करा दिया है। कथन 3 गलत है: भारत बिल भुगतान प्रणाली (BBPS), जो NPCI के तहत संचालित होती है, डिजिटल चैनलों के साथ-साथ भौतिक एजेंटों और आउटलेट्स के माध्यम से नकद (Cash) भुगतान स्वीकार करने की सुविधा भी प्रदान करती है। अतः केवल डिजिटल चैनलों तक ही इसका सीमित होना सत्य नहीं है।
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→ भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1928 में प्रस्तुत 'नेहरू रिपोर्ट' (Nehru Report) और इसकी संस्तुतियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में तैयार की गई इस रिपोर्ट में भारत के लिए 'पूर्ण स्वराज्य' (Complete Independence) के लक्ष्य को तत्काल रूप से प्राप्त करने की मांग की गई थी और ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर औपनिवेशिक स्वराज्य (Dominion Status) के विचार को सिरे से नकार दिया गया था। 2. इस रिपोर्ट में देश के लिए एक नए संविधान के प्रारूप की परिकल्पना की गई थी, जिसमें अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पृथक् निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) की व्यवस्था को स्वीकार किया गया था, किंतु मुसलमानों के लिए जनसंख्या के आधार पर सीटों के आरक्षण का कड़ा विरोध किया गया था। 3. नेहरू रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से यह संस्तुति की गई थी कि भारत के भावी संविधान में मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) को शामिल किया जाना चाहिए, जिसमें नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संघ बनाने की स्वतंत्रता और अंतःकरण की स्वतंत्रता जैसे अधिकार प्रदान किए जाएं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → वित्त आयोग (Finance Commission) का गठन किस अनुच्छेद के अंतर्गत किया जाता है? → ओजोन परत मुख्यतः वायुमंडल की किस परत में पाई जाती है? → कोलंबिया के राष्ट्रपति चुनाव (2026) में किसने जीत हासिल की है? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग III' के अंतर्गत प्रदत्त 'समानता के अधिकार' (अनुच्छेद 14 से 18) और विशेष रूप से 'उपाधियों का अंत' (अनुच्छेद 18) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का अनुच्छेद 18(1) राज्य को यह निर्देश देता है कि वह सेना या विद्या संबंधी सम्मान के अलावा किसी अन्य प्रकार की कोई उपाधि (Title) प्रदान नहीं करेगा, तथा यह प्रतिबंध केवल भारतीय नागरिकों पर लागू होता है, विदेशी नागरिकों पर नहीं। 2. अनुच्छेद 18(2) के अनुसार, भारत का कोई भी नागरिक किसी भी विदेशी राज्य से बिना राष्ट्रपति की पूर्व सहमति के कोई भी उपाधि स्वीकार नहीं कर सकता है। 3. उच्चतम न्यायालय ने 'बालाजी राघवन बनाम भारत संघ' (1996) के ऐतिहासिक निर्णय में यह स्पष्ट किया कि 'भारत रत्न', 'पद्म विभूषण', 'पद्म भूषण' और 'पद्म श्री' जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार अनुच्छेद 18 के अर्थ के अंतर्गत 'उपाधियाँ' (Titles) नहीं हैं, इसलिए इनका प्रयोग प्राप्तकर्ता द्वारा अपने नाम के आगे या पीछे प्रत्यय (Suffix) या उपसर्ग (Prefix) के रूप में किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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