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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IVक' (मूल कर्तव्य - अनुच्छेद 51क) तथा 'संशोधनों' के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मूल कर्तव्यों को मूल संविधान में शामिल नहीं किया गया था, बल्कि इन्हें स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुति पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान के भाग IVक में जोड़ा गया, और वर्तमान में संविधान में कुल 11 मूल कर्तव्य हैं जिन्हें वर्ष 2002 के 86वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा अंतिम बार संशोधित किया गया था।
  2. 2. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51क के अंतर्गत उल्लिखित सभी 11 मूल कर्तव्य प्रकृति से वाद योग्य (Justiciable) हैं, जिसका अर्थ है कि यदि कोई नागरिक अपने किसी मूल कर्तव्य का पालन नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 226 और अनुच्छेद 32 के तहत सीधे रिट याचिका जारी की जा सकती है।
  3. 3. वर्मा समिति (1999) ने अपने प्रतिवेदन में कुछ महत्वपूर्ण मूल कर्तव्यों से संबंधित कानूनी प्रावधानों की पहचान की थी, जैसे कि 'राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम' (1971) और 'वन्यजीव संरक्षण अधिनियम' (1972), जो यह सुनिश्चित करते हैं कि देश में नागरिकों द्वारा कुछ विशेष कर्तव्यों का पालन विधायी माध्यमों से भी अनिवार्य रूप से किया जाए।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: मूल कर्तव्यों को मूल संविधान में शामिल नहीं किया गया था। इन्हें आपातकाल (1975-77) के दौरान सरदार स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुति पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़ा गया था। मूल रूप से इनकी संख्या 10 थी, और वर्ष 2002 के 86वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा 11वां मूल कर्तव्य जोड़ा गया, जो बच्चों की शिक्षा से संबंधित है। कथन 2 गलत है: भारतीय संविधान के अंतर्गत उल्लिखित मूल कर्तव्य प्रकृति से 'वाद योग्य' (Justiciable) **नहीं** हैं। इसका अर्थ यह है कि उनके उल्लंघन पर सीधे न्यायालय द्वारा रिट याचिका जारी नहीं की जा सकती है, जब तक कि उनके प्रवर्तन के लिए संसद द्वारा कोई विशेष विधि (कानून) न बनाई गई हो। कथन 3 सही है: न्यायमूर्ति जे.एस. वर्मा समिति (1999) ने अपने प्रतिवेदन में कानूनी प्रावधानों की पहचान की थी जो कुछ मूल कर्तव्यों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करते हैं, जैसे 'राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम (1971)', 'वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम (1972)', और 'पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम (1986)' आदि। अत: केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
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