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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' के अंतर्गत 'केंद्र-राज्य विधाई संबंध' (Legislative Relations - अनुच्छेद 245 से 255) तथा 'अवशिष्ट शक्तियाँ' (Residuary Powers) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 248 के अनुसार संसद को किसी भी ऐसे मामले के संबंध में विधि बनाने की अनन्य शक्ति प्राप्त है जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में शामिल नहीं है, और इस 'अवशिष्ट शक्ति' (Residuary Power) के अंतर्गत कर लगाने (Taxation) की शक्ति भी संसद में ही निहित है।
- 2. भारत सरकार अधिनियम, 1935 (Government of India Act, 1935) में अवशिष्ट शक्तियाँ प्रांतीय गवर्नरों के विवेक पर छोड़ी गई थीं, जबकि भारतीय संविधान निर्माताओं ने कनाडा के संविधान का अनुसरण करते हुए अवशिष्ट शक्तियों को केंद्र (संघ) सरकार के अधीन निहित किया है।
- 3. अनुच्छेद 249 के अनुसार यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से कोई संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक है कि संसद को राज्य सूची में शामिल किसी भी विषय पर विधि बनानी चाहिए, तो संसद पूरे भारत या उसके किसी भाग के लिए उस विषय पर कानून बना सकती है, और ऐसा संकल्प असीमित समय के लिए प्रभावी रहता है जब तक कि संसद स्वयं उसे निरस्त न कर दे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 248 के अनुसार संसद को किसी भी ऐसे विषय के संबंध में विधि बनाने की अनन्य (Exclusive) शक्ति प्राप्त है जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में प्रगणित नहीं है। इसमें कर लगाने (Taxation) की अवशिष्ट शक्ति भी शामिल है।
कथन 2 सही है: भारत सरकार अधिनियम, 1935 के तहत अवशिष्ट शक्तियाँ भारत के गवर्नर-जनरल द्वारा अपने विवेक से तय की जाती थीं (न कि प्रांतीय गवर्नरों के पास), जबकि स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माताओं ने कनाडाई मॉडल का अनुसरण करते हुए अवशिष्ट शक्तियों को केंद्र (संघ) सरकार को सौंपा है।
कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 249 के तहत राज्य सभा द्वारा पारित संकल्प अधिकतम **एक वर्ष** की अवधि के लिए ही प्रभावी होता है, हालांकि इसे इस प्रकार के और संकल्पों को पारित करके बार-बार बढ़ाया जा सकता है, लेकिन यह अनिश्चितकाल या असीमित समय के लिए स्वतः प्रभावी नहीं रहता है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, 'सामूहिक उत्तरदायित्व' (Collective Responsibility) के सिद्धांत और भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 75' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, जिसका अर्थ यह है कि लोकसभा द्वारा मंत्रिपरिषद के विरुद्ध 'अविश्वास प्रस्ताव' (No-confidence Motion) पारित किए जाने पर संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना होता है, भले ही वह नीतिगत निर्णय किसी एक विशिष्ट मंत्रालय या मंत्री से संबंधित क्यों न हो।
2. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ-साथ राज्य की मंत्रिपरिषद (राज्य मंत्रिमंडल) भी सामूहिक रूप से राज्य की विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
3. 'सामूहिक उत्तरदायित्व' के सिद्धांत का अनुपालन करते हुए, यदि मंत्रिमंडल का कोई मंत्री किसी सरकारी निर्णय से असहमत है और वह सार्वजनिक रूप से उसकी आलोचना करना चाहता है, तो उसे अपनी असहमति व्यक्त करने की पूरी स्वतंत्रता होती है, बशर्ते वह त्यागपत्र न दे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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GST परिषद का गठन किस संविधान संशोधन द्वारा जोड़े गए अनुच्छेद 279A के तहत किया गया?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX' (पंचायतों से संबंधित) और 'भाग IX-A' (नगरपालिकाओं से संबंधित) के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 243-G के अंतर्गत पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने तथा ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों के संबंध में उत्तरदायित्व सौंपे गए हैं, जिन्हें लागू करना राज्य सरकारों के लिए पूरी तरह से अनिवार्य है, चाहे वे इसके लिए वित्तीय संसाधन हस्तांतरित करें या न करें।
2. अनुच्छेद 243-ZJ के अनुसार, सहकारी समितियों (Cooperative Societies) के बोर्ड के निदेशकों की अधिकतम संख्या 21 से अधिक नहीं होगी, तथा राज्य के विधान-मंडल द्वारा यह प्रावधान किया जाएगा कि प्रत्येक सहकारी समिति के बोर्ड में अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों के लिए एक सीट और महिलाओं के लिए कम से कम दो सीटें आरक्षित रहेंगी।
3. 'जिला योजना समिति' (District Planning Committee - DPC) का गठन संविधान के अनुच्छेद 243-ZD के तहत प्रत्येक राज्य में किया जाता है, जिसका मुख्य कार्य जिले के लिए विकास योजनाएं तैयार करना है, और इस समिति के कुल सदस्यों में से कम से कम चार-पांचवें (4/5th) सदस्य जिले में पंचायतों और नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से ही चुने जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास के संदर्भ में, 'सतत विकास लक्ष्य' (Sustainable Development Goals - SDGs) और बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Multidimensional Poverty Index - MPI) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए '2030 एजेंडा फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट' के अंतर्गत कुल 17 सतत विकास लक्ष्य (SDGs) निर्धारित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य 2030 तक गरीबी और भुखमरी को पूरी तरह समाप्त करना तथा पर्यावरण की रक्षा करना है, और ये सभी लक्ष्य कानूनी रूप से सभी सदस्य देशों पर बाध्यकारी (Legally Binding) हैं।
2. वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Global MPI) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल (OPHI) द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया जाता है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन समान रूप से भारित आयामों (Dimensions) के अंतर्गत 10 संकेतकों का उपयोग करता है।
3. नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा जारी 'राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक: एक प्रगति संबंधी समीक्षा' रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय MPI में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के 10 संकेतकों के अतिरिक्त दो राष्ट्रीय संकेतकों - 'मातृ स्वास्थ्य' (Maternal Health) और 'बैंक खाता' (Bank Account) को भी शामिल किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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