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जीव जगत के वर्गीकरण (Biological Classification) और मोनेरा जगत (Kingdom Monera) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. आर.एच. व्हिटेकर द्वारा प्रतिपादित पाँच जगत वर्गीकरण (Five Kingdom Classification) में प्रोकैरियोटिक जीवों को केवल 'मोनेरा' जगत में रखा गया है, जिनकी कोशिका भित्ति मुख्य रूप से पॉलीसैकेराइड और अमीनो अम्ल से बनी पेप्टिडोग्लाइकान की होती है।
  2. 2. मोनेरा जगत के अंतर्गत आने वाले सभी जीव अनिवार्य रूप से परपोषी (Heterotrophic) होते हैं, और इनमें किसी भी प्रकार के स्वपोषी जीव जैसे प्रकाशसंश्लेषी या रासायनसंश्लेषी बैक्टीरिया शामिल नहीं होते हैं।
  3. 3. सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल), जिन्हें मोनेरा जगत में वर्गीकृत किया गया है, में क्लोरोफिल-ए पाया जाता है और ये नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करने में सक्षम होते हैं।
  4. 4. माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma), जिन्हें पी.पी.एल.ओ. (PPLO) भी कहा जाता है, मोनेरा जगत के ऐसे जीव हैं जिनमें कोशिका भित्ति (Cell Wall) पूरी तरह अनुपस्थित होती है और वे बिना ऑक्सीजन के भी जीवित रह सकते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

जीव जगत के पाँच जगत वर्गीकरण में मोनेरा एकमात्र ऐसा जगत है जिसमें सभी प्रोकैरियोटिक जीव आते हैं। कथन 1, 3 और 4 सत्य हैं, जबकि कथन 2 असत्य है क्योंकि मोनेरा जगत के सभी जीव परपोषी नहीं होते; इसमें कई जीवाणु स्वपोषी (प्रकाशसंश्लेषी और रासायनसंश्लेषी) भी होते हैं। इस प्रकार के महत्वपूर्ण और विश्लेषणात्मक प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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