संवेगात्मक विकास
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत न्यूटन के गति के नियमों, संवेग संरक्षण और जड़त्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. न्यूटन का प्रथम गति नियम, जिसे 'जड़त्व का नियम' (Law of Inertia) भी कहा जाता है, यह परिभाषित करता है कि कोई वस्तु तब तक अपनी विराम अवस्था में या सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था में रहेगी, जब तक उस पर कोई बाह्य बल कार्य न करे।
- 2. रॉकेट का प्रक्षेपण (Rocket Propulsion) मुख्य रूप से ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर कार्य करता है, जबकि संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum) इसमें लागू नहीं होता है।
- 3. जब कोई चलती हुई बस अचानक रुकती है, तो उसमें बैठे यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं, जो गति के जड़त्व (Inertia of Motion) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
- 4. किसी वस्तु पर लगाया गया बल उसके संवेग परिवर्तन की दर के अनुक्रमानुपाती होता है, तथा बल की यह दिशा उसी दिशा में होती है जिस दिशा में संवेग परिवर्तन होता है (यह न्यूटन का द्वितीय गति नियम है)।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न में यांत्रिकी (Mechanics) के मूल सिद्धांतों का परीक्षण किया गया है। कथन 1, 3 और 4 पूरी तरह से सत्य हैं। न्यूटन का प्रथम गति नियम जड़त्व को परिभाषित करता है। चलती बस के अचानक रुकने पर यात्रियों का आगे झुकना 'गति के जड़त्व' के कारण होता है। न्यूटन का द्वितीय नियम संवेग परिवर्तन की दर और बल के संबंध को बताता है। वहीं, कथन 2 असत्य है क्योंकि रॉकेट का प्रक्षेपण मुख्य रूप से संवेग संरक्षण के नियम (Law of Conservation of Momentum) पर आधारित होता है। ऐसे ही महत्वपूर्ण विज्ञान प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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आधुनिक भौतिकी और परमाणु संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए…
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केपलर के ग्रहों की गति के नियमों और सार्वत्रिक…
Related Questions
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) तथा घूर्णन गति के नियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी पिंड का जड़त्व आघूर्ण उसके द्रव्यमान और घूर्णन अक्ष से द्रव्यमान कणों की दूरियों के वर्गों के गुणनफल का योग होता है, और यह एक अदिश राशि न होकर एक प्राक्षेप (Tensor) राशि है।
2. घूर्णन गति में 'बलाघूर्ण' (Torque) वही भूमिका निभाता है जो रेखीय गति में 'बल' निभाता है, और इसका एसआई मात्रक न्यूटन-मीटर (N-m) होता है।
3. 'कोणीय संवेग संरक्षण का सिद्धांत' इस नियम पर आधारित है कि यदि किसी निकाय पर कुल बाह्य बलाघूर्ण शून्य हो, तो उस निकाय का कुल कोणीय संवेग संरक्षित (Constant) रहता है (जैसे कि घूमते हुए स्टूल पर बैठी नर्तकी का अपने हाथों को सिकोड़ने पर घूर्णन गति का बढ़ जाना)।
4. समानांतर अक्ष प्रमेय (Parallel Axes Theorem) के अनुसार, किसी अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण, उस अक्ष के समानांतर तथा केंद्र से गुजरने वाले अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण और पिंड के कुल द्रव्यमान तथा दोनों अक्षों के बीच की लंबवत दूरी के वर्ग के गुणनफल के योग के बराबर होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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केपलर के ग्रहों की गति के नियमों और गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केपलर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस तथ्य पर आधारित है कि केंद्रीय बलों के अंतर्गत गति करते हुए किसी पिंड का कोणीय संवेग संरक्षित रहता है, जिसके कारण ग्रह सूर्य के पास होने पर अधिक तेजी से गति करते हैं।
2. न्यूटन के सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम के अनुसार दो पिंडों के बीच लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के व्युत्क्रमानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के अनुक्रमानुपाती होता है।
3. पृथ्वी की सतह से अनंत दूरी पर गुरुत्वाकर्षण विभव (Gravitational Potential) का मान शून्य माना जाता है, तथा पृथ्वी तल से ऊपर जाने पर यह विभव ऋणात्मक से बढ़कर शून्य की ओर अग्रसर होता है।
4. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) का परिक्रमण काल पृथ्वी के अपने अक्ष के चारों ओर घूमने के आवर्त काल (24 घंटे) के बराबर होता है, और यह विषुवत वृत्त के तल में पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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केपलर के ग्रहों की गति के नियमों और गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केपलर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस तथ्य पर आधारित है कि केंद्रीय बलों के अंतर्गत गति करते समय कोणीय संवेग (Angular Momentum) संरक्षित रहता है, जिसके अनुसार ग्रह सूर्य को मिलाने वाली रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है।
2. यदि पृथ्वी और सूर्य के बीच की वर्तमान दूरी अचानक घटकर अपनी मूल दूरी की आधी रह जाती है, तो पृथ्वी का एक वर्ष (परिक्रमण काल) घटकर मूल वर्ष का लगभग 35.35 प्रतिशत रह जाएगा।
3. गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम द्रव्यमान के केंद्र पर आधारित है, और दो बिंदु द्रव्यमानों के मध्य लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल उनके बीच के माध्यम की प्रकृति तथा तापमान पर निर्भर करता है।
4. किसी कृत्रिम उपग्रह के अंदर स्थित अंतरिक्ष यात्री को भारहीनता (Weightlessness) का अनुभव इसलिए होता है क्योंकि उपग्रह पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल शून्य हो जाता है और उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर एक मुक्त पतन (Free Fall) की स्थिति में होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भौतिक राशियों और उनके SI मात्रकों (SI Units) तथा विमीय सूत्रों (Dimensional Formulae) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) का SI मात्रक 'पास्कल-सेकंड' (Pa·s) या 'किलोग्राम प्रति मीटर-सेकंड' (kg/(m·s)) होता है, और इसका विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ होता है।
2. प्लांक नियतांक (Planck's Constant) का SI मात्रक 'जूल-सेकंड' (J·s) है, तथा ऊर्जा और आवृत्ति के अनुपात के रूप में इसकी विमाएँ कोणीय संवेग (Angular Momentum) की विमाओं के बिल्कुल समान यानी $[ML^2T^{-1}]$ होती हैं।
3. पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का SI मात्रक न्यूटन प्रति मीटर ($N/m$) या जूल प्रति वर्ग मीटर ($J/m^2$) है, और इसका विमीय सूत्र $[ML^0T^{-2}]$ होता है।
4. सार्वत्रिक गैस नियतांक (Universal Gas Constant - R) का मान प्रति मोल के आधार पर व्यक्त किया जाता है, और इसका SI मात्रक 'जूल प्रति मोल-केल्विन' (J/(mol·K)) होता है, जिसकी विमा $[ML^2T^{-2} heta^{-1}mol^{-1}]$ होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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संवेग p का मात्रक?
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पियाजे के अनुसार, 'संवेगात्मक विकास' (Emotional Development) किस अवस्था में सबसे अधिक सामाजिक होता है?
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