भारत के गवर्नर जनरलों एवं वायसराय के कार्यकाल और उनके प्रशासनिक सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. लॉर्ड विलियम बेंटिक के कार्यकाल में वर्ष 1833 का चार्टर अधिनियम पारित किया गया, जिसके द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को 'भारत का गवर्नर-जनरल' बना दिया गया तथा सती प्रथा और ठगी प्रथा का पूर्ण दमन किया गया।
- 2. लॉर्ड डलहौजी ने अपने कार्यकाल के दौरान 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के अंतर्गत सतारा, जैतपुर, संबलपुर, उदयपुर और नागपुर जैसी रियासतों का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया, तथा इसी के समय भारत में पहली बार टेलीग्राफ और रेलवे लाइन की शुरुआत हुई।
- 3. लॉर्ड लिटन द्वारा वर्ष 1878 में 'वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट' (Vernacular Press Act) पारित किया गया, जिसका उद्देश्य भारतीय भाषा के समाचार पत्रों की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करना था, और इस दमनकारी कानून को आगे चलकर लॉर्ड रिपन ने वर्ष 1882 में पूरी तरह से निरस्त कर दिया।
- 4. लॉर्ड कर्जन के कार्यकाल में वर्ष 1905 में बंगाल का विभाजन किया गया, और इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए कलकत्ता विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904 पारित किया गया तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की स्थापना की गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-1835) के समय 1833 के चार्टर एक्ट द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बनाया गया और राजा राममोहन राय के सहयोग से सती प्रथा (1829) तथा कर्नल स्लीमैन की सहायता से ठगी प्रथा का अंत किया गया। लॉर्ड डलहौजी (1848-1856) ने 'व्यपगत का सिद्धांत' लागू किया और 1853 में बॉम्बे से ठाणे के बीच प्रथम रेल चलाई। लॉर्ड लिटन (1876-1880) ने 1878 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट लाया जिसे लॉर्ड रिपन (1880-1884) ने 1882 में रद्द कर दिया। लॉर्ड कर्जन (1899-1905) ने 1905 में बंगाल का विभाजन किया, विश्वविद्यालय अधिनियम पारित किया और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की स्थापना की। ऐसे और भी महत्वपूर्ण इतिहास के प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।