बिहार के स्वतंत्रता संग्राम और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1921 में असहयोग आंदोलन के दौरान बिहार में शिक्षा के वैकल्पिक संस्थानों के रूप में 'बिहार नेशनल कॉलेज' की स्थापना की गई थी, जिसके प्राचार्य के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कार्य किया था, और इसी परिसर में सदाकत आश्रम की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ।
- 2. वर्ष 1928 में जब साइमन कमीशन पटना आया था, तब उसके बहिष्कार और काले झंडों के साथ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार में अनुग्रह नारायण सिंह, जनकधारी प्रसाद और अली इमाम जैसे प्रमुख नेताओं ने किया था।
- 3. सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) के दौरान बिहार के सारण (छपरा) और मुंगेर जिलों के कैदियों ने विदेशी वस्त्रों और सुविधाओं का बहिष्कार करते हुए 'नंगा हड़ताल' (Nanga Hartal) की थी, जो औपनिवेशिक प्रशासन के खिलाफ एक अनूठा विरोध प्रदर्शन था।
- 4. वर्ष 1934 में पटना के अंजुमन इस्लामिया हॉल में आचार्य नरेंद्र देव की अध्यक्षता में 'बिहार सोशलिस्ट पार्टी' की औपचारिक स्थापना हुई थी, जिसके सचिव जयप्रकाश नारायण बनाए गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। वर्ष 1921 में असहयोग आंदोलन के दौरान राष्ट्रवादियों द्वारा 'बिहार नेशनल कॉलेज' की स्थापना की गई थी जिसके प्राचार्य डॉ. राजेंद्र प्रसाद बने थे। सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान सारण और मुंगेर जेल के कैदियों ने 'नंगा हड़ताल' की थी। वर्ष 1934 में पटना के अंजुमन इस्लामिया हॉल में 'बिहार सोशलिस्ट पार्टी' की स्थापना हुई थी जिसके अध्यक्ष आचार्य नरेंद्र देव और सचिव जयप्रकाश नारायण थे। किंतु कथन 2 आंशिक रूप से त्रुटिपूर्ण है क्योंकि साइमन कमीशन के पटना आगमन (1928) के विरोध प्रदर्शन का मुख्य नेतृत्व देवकी नंदन, अनुग्रह नारायण सिंह और हसन इमाम आदि ने किया था। इस प्रकार के महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।