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BPSC TRE 4.0
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बिहार के परिवहन तंत्र और सड़क अवसंरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने का कार्य तेजी से किया गया है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण सड़कों के घनत्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
- 2. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 (NH-31) बिहार का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है, जो राज्य के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों को आपस में जोड़ते हुए झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा तक जाता है।
- 3. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की स्थापना का मुख्य उद्देश्य राज्य के भीतर और अंतर-राज्यीय मार्गों पर सार्वजनिक यात्री परिवहन सेवाओं को सुगम और नियंत्रित करना है।
- 4. जलमार्ग परिवहन के विकास के तहत राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) गंगा नदी पर हल्दिया से प्रयागराज के बीच स्थित है, जिसका एक प्रमुख हिस्सा बिहार राज्य से होकर गुजरता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन बिहार के परिवहन तंत्र और राष्ट्रीय अवसंरचना के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने ग्रामीण बिहार में कनेक्टिविटी को बदला है, NH-31 एक प्रमुख मार्ग है, BSRTC सार्वजनिक परिवहन का संचालन करता है, और गंगा नदी पर स्थित राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) बिहार से होकर गुजरता है। ऐसे महत्वपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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भारतीय संविधान का 73वां संशोधन किससे संबंधित है?
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उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान बिहार में हुए किसान आंदोलनों एवं सभाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1919-20 में मधुबनी और दरभंगा क्षेत्र में स्वामी विद्यानंद के नेतृत्व में किसानों ने 'रामायण' की चौपाइयों का पाठ कर जमींदारों के अवैध उत्पीड़न, बेगार प्रथा और गो-चर भूमि पर कब्ज़े के खिलाफ एक शक्तिशाली आंदोलन चलाया था।
2. वर्ष 1929 में स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारों द्वारा कृषकों पर किए जा रहे अन्यायों के विरुद्ध कानूनी लड़ाई लड़ना और बेदखली के अधिकारों का विरोध करना था।
3. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय किसान सभा के पहले सम्मेलन में स्वामी सहजानंद सरस्वती को इसका अध्यक्ष चुना गया था, जबकि एन.जी. रंगा को इसका महासचिव बनाया गया था।
4. बकाश्त भूमि (ऐसी भूमि जिसे जमींदारों ने किसानों द्वारा लगान न चुका पाने के कारण छीन लिया था लेकिन जो जोत-कोड़ के अधिकार के अंतर्गत किसानों के पास ही थी) की वापसी के लिए बिहार में 'बकाश्त संघर्ष' चलाया गया, जिसका नेतृत्व मुख्य रूप से प्रांतीय किसान सभा और कार्यानंद शर्मा ने किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के प्रारंभिक वर्षों और उसके अधिवेशनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन (1885) की अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की थी, जिसमें कुल 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था और यह अधिवेशन मूल रूप से पुणे में आयोजित होना तय था, किंतु वहाँ प्लेग फैलने के कारण इसे बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में स्थानांतरित करना पड़ा था।
2. वर्ष 1905 के बनारस अधिवेशन की अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी, जिसमें बंगाल विभाजन के विरोध में ब्रिटिश वस्तुओं और प्रशासन की नीतियों के खिलाफ स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन का औपचारिक समर्थन किया गया था।
3. वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस 'नरम दल' और 'गरम दल' के वैचारिक मतभेदों के कारण दो स्पष्ट गुटों में विभाजित हो गई थी, जिसकी अध्यक्षता रास बिहारी घोष ने की थी, और इस विभाजन के बाद कांग्रेस पर नरमपंथियों का नियंत्रण पुनः स्थापित हो गया था।
4. वर्ष 1916 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता अंबिका चरण मजुमदार ने की थी, जिसमें न केवल नरम दल और गरम दल का ऐतिहासिक पुनर्मिलन हुआ, बल्कि कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच 'लखनऊ पैक्ट' भी संपन्न हुआ, जिसने भविष्य की सांप्रदायिक राजनीति की नींव को मजबूत करने का कार्य किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय और देशांतर रेखाओं तथा मानक समय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों तथा 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतरों के मध्य फैला हुआ है, जिससे इसकी उत्तर से दक्षिण की कुल लंबाई पूर्व से पश्चिम की चौड़ाई की तुलना में अधिक है।
2. भारत का मानक समय (IST) 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा पर आधारित है, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से गुजरती है और यह ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से ठीक 5 घंटे 30 मिनट आगे है।
3. 82°30' पूर्व देशांतर रेखा कुल पाँच भारतीय राज्यों — उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश — से होकर गुजरती है, जबकि भारत की मानक समय रेखा और कर्क रेखा आपस में छत्तीसगढ़ राज्य में एक-दूसरे को काटती हैं।
4. भारत के सबसे पश्चिमी बिंदु (गुहार मोती, गुजरात) और सबसे पूर्वी बिंदु (किबिथु, अरुणाचल प्रदेश) के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे (116 मिनट) का अंतर पाया जाता है, क्योंकि पृथ्वी को 1° देशांतर पार करने में 4 मिनट का समय लगता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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