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संवेगात्मक विकास
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भौतिक राशियों, उनके विमीय सूत्रों और मापन की पद्धतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) का विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ होता है, तथा इसका एसआई मात्रक पास्कल-सेकंड ($Pa\cdot s$) या किलोग्राम प्रति मीटर-सेकंड ($kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$) होता है।
  2. 2. प्लांक नियतांक (Planck's Constant) और कोणीय संवेग (Angular Momentum) दोनों की विमाएँ पूर्ण रूप से समान होती हैं, और दोनों का विमीय सूत्र $[ML^2T^{-1}]$ होता है।
  3. 3. जब किसी भौतिक राशि के मापन में त्रुटि (Error) की गणना की जाती है, तो यदि कोई राशि $X = \frac{A^2 B^3}{C}$ के रूप में संबंधित है, तो उस राशि में अधिकतम आनुपेक्षिक त्रुटि (Maximum Fractional Error) का मान $\frac{\Delta X}{X} = 2\left(\frac{\Delta A}{A}\right) + 3\left(\frac{\Delta B}{B}\right) - \left(\frac{\Delta C}{C}\right)$ होता है।
  4. 4. प्रकाश वर्ष (Light Year) और पार्सेक (Parsec) दोनों खगोलीय दूरियाँ मापने की इकाइयाँ हैं, जिसमें 1 पार्सेक का मान लगभग $3.26$ प्रकाश वर्ष के बराबर होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

इस प्रश्न के सटीक विश्लेषण के अनुसार, कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। श्यानता गुणांक का विमीय सूत्र $[ML^{-1}T^{-1}]$ और इसका मात्रक $Pa\cdot s$ होता है। प्लांक नियतांक ($E = h\nu$, जहाँ $h$ की विमा $[ML^2T^{-1}]$ है) और कोणीय संवेग ($L = mvr$, जिसकी विमा भी $[ML^2T^{-1}]$ है) दोनों की विमाएँ समान होती हैं। पार्सेक और प्रकाश वर्ष दोनों दूरियों के मात्रक हैं और 1 पार्सेक = 3.26 प्रकाश वर्ष होता है। कथन 3 असत्य है क्योंकि त्रुटि विश्लेषण में ऋणात्मक चिह्न नहीं होता है; अधिकतम संभावित त्रुटि ज्ञात करते समय सभी त्रुटियों को हमेशा जोड़ा जाता है, अर्थात् $\frac{\Delta X}{X} = 2\left(\frac{\Delta A}{A}\right) + 3\left(\frac{\Delta B}{B}\right) + \left(\frac{\Delta C}{C}\right)$ होता है। अधिक अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।

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