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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों, संवैधानिक संशोधनों और विविध प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अंतर्गत राज्यसभा को यह विशेष शक्ति प्राप्त है कि वह उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से एक प्रस्ताव पारित कर संसद को नई अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) के सृजन के लिए अधिकृत कर सकती है।
- 2. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 361 के अनुसार, राष्ट्रपति या किसी राज्य के राज्यपाल को अपने कार्यकाल के दौरान किए गए किसी भी कार्य के लिए किसी भी न्यायालय में उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है, तथा उनके कार्यकाल के दौरान उनके विरुद्ध किसी भी प्रकार की आपराधिक कार्यवाही शुरू या जारी नहीं रखी जा सकती है।
- 3. अनुच्छेद 340 के अंतर्गत राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त है कि वे सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (OBC) की स्थिति की जाँच करने के लिए एक आयोग नियुक्त कर सकते हैं, और इसी शक्ति का उपयोग करते हुए प्रथम पिछड़ा वर्ग आयोग (काका कालेकर आयोग) का गठन किया गया था।
- 4. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में 21वें, 71वें और 92वें संविधान संशोधन अधिनियमों के माध्यम से संशोधित करके सिंधी, कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली, बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली भाषाओं को जोड़कर कुल भाषाओं की संख्या 22 कर दी गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारतीय राजव्यवस्था के विविध (Miscellaneous) खंड के अंतर्गत अनुच्छेद 312 (अखिल भारतीय सेवाएँ), अनुच्छेद 361 (राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के विशेषाधिकार), अनुच्छेद 340 (पिछड़ा वर्ग आयोग) तथा संविधान की आठवीं अनुसूची से संबंधित भाषाएँ अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस प्रकार के उच्च स्तरीय प्रश्नों का अभ्यास करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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मानव शरीर में संतुलित आहार और पोषक पदार्थों (Nutrients) की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) जैसे कि विटामिन और खनिज ऊर्जा के प्रत्यक्ष स्रोत नहीं होते हैं, किंतु ये चयापचय (Metabolism) और शरीर की जैव-रासायनिक क्रियाओं को नियंत्रित करने के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं।
2. वसा-घुलनशील विटामिन (विटामिन A, D, E और K) का संचय मुख्य रूप से यकृत और वसीय ऊतकों में होता है, और अत्यधिक मात्रा में इनके सेवन से 'हाइपरविटामिनोसिस' की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
3. प्रोटीन शरीर की वृद्धि और ऊतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक वृहद् पोषक तत्व (Macronutrient) है, जिसकी कमी से बच्चों में 'क्वाशियोकोर' और 'मरास्मस' जैसे गंभीर कुपोषण रोग हो जाते हैं।
4. कार्बोहाइड्रेट शरीर का प्राथमिक ऊर्जा स्रोत है, और 1 ग्राम ग्लूकोज के पूर्ण ऑक्सीकरण से लगभग 9.3 किलो कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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जीव जगत के जैविक वर्गीकरण (Biological Classification) और विशेष रूप से 'मोनेरा जगत' (Kingdom Monera) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मोनेरा जगत के सभी जीव प्रोकैरियोटिक (Prokaryotic) होते हैं, जिनमें सुस्पष्ट केंद्रक (True Nucleus) और झिल्लीबद्ध कोशिकांग (Membrane-bound organelles) का अभाव होता है, किंतु इनका आनुवंशिक पदार्थ कोशिका द्रव्य में बिना केंद्रक आवरण के बिखरा रहता है जिसे न्यूक्लियोइड (Nucleoid) कहा जाता है।
2. साइनोबैक्टीरिया (Cyanobacteria), जिन्हें नील-हरित शैवाल भी कहा जाता है, मोनेरा जगत के अंतर्गत आते हैं और इनमें प्रकाश संश्लेषण के लिए क्लोरोफिल-ए पाया जाता है, तथा कुछ विशिष्ट जातियाँ वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करने में सक्षम होती हैं।
3. माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma) पादप जगत के सबसे छोटे ज्ञात जीव हैं, जिनमें कोशिका भित्ति (Cell Wall) पाई जाती है और वे बिना ऑक्सीजन के जीवित नहीं रह सकते, जिसके कारण इन्हें 'पादप जगत का जोーカー' भी कहा जाता है।
4. आर्कीबैक्टीरिया (Archaebacteria) अत्यंत विषम और प्रतिकूल वातावरणीय परिस्थितियों (जैसे अत्यधिक गर्म झरने, उच्च लवणीय क्षेत्र और दलदली स्थानों) में जीवित रहने के लिए अनुकूलित होते हैं, क्योंकि इनकी कोशिका भित्ति की रासायनिक संरचना सामान्य बैक्टीरिया से भिन्न होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बंगाल विभाजन एवं स्वदेशी आंदोलन (1905-1908) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन का निर्णय तत्कालीन वायसराय लॉर्ड कर्ज़न द्वारा 20 जुलाई 1905 को घोषित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य तत्कालीन राष्ट्रीय आंदोलन के केंद्र 'बंगाल' की राजनीतिक सक्रियता को कमजोर करना और सांप्रदायिक आधार पर प्रांत का विभाजन करना था।
2. 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के प्रसिद्ध टाउन हॉल में आयोजित एक ऐतिहासिक बैठक में 'स्वदेशी आंदोलन' की औपचारिक घोषणा की गई और प्रसिद्ध 'बहिष्कार प्रस्ताव' पारित किया गया।
3. बंगाल विभाजन के प्रभावी होने की तिथि (16 अक्टूबर 1905) को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, इस दौरान लोगों ने उपवास रखा, एक-दूसरे की कलाई पर रक्षा बंधन बांधा और रवींद्रनाथ टैगोर के आह्वान पर 'आमार सोनार बांग्ला' गीत गाया गया।
4. स्वदेशी आंदोलन के दौरान बंगाल के राष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति करते हुए वर्ष 1906 में 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' (National Council of Education) की स्थापना की गई, जिसके प्रथम अध्यक्ष और प्रमुख मार्गदर्शक सुरेन्द्रनाथ बनर्जी थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में 'महाजनपद काल' और 'मौर्योत्तर काल' की राजनीतिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी, जो व्यापार का एक प्रमुख केंद्र था और यह महाजनपद वर्तमान बिहार के मुंगेर तथा भागलपुर जिलों के क्षेत्र में विस्तृत था।
2. सातवाहन वंश के शासकों ने सबसे पहले शीशे के सिक्के जारी किए थे, और उनकी राजकीय भाषा प्राकृत थी तथा उनकी प्रशासनिक व्यवस्था में मातृसत्तात्मक प्रभाव (जैसे माताओं के नाम पर राजाओं के नाम रखना) स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
3. कुषाण शासक कनिष्ठ के शासनकाल में गंधार कला और मथुरा कला दोनों का अत्यधिक विकास हुआ, किंतु गंधार कला पर ग्रीक-रोमन (हेलेनिस्टिक) शैली का स्पष्ट प्रभाव था, जबकि मथुरा कला पूरी तरह से स्वदेशी लाल बलुआ पत्थर पर आधारित थी।
4. गुप्तोत्तर काल में भूमि अनुदान की प्रथा (Agrahar grants) में भारी वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप कृषकों की स्थिति में सुधार हुआ और सामंती व्यवस्था (Feudalism) का पूर्ण रूप से पतन हो गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 के संबंध में कौन से कथन सही हैं?
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