त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
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बिहार की जलवायु, नदी तंत्र और प्रमुख कृषि पद्धतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार की जलवायु मुख्य रूप से मानसूनी प्रकार की है, जिसमें उत्तर-पश्चिमी भाग में बंगाल की खाड़ी की शाखा से अधिक वर्षा होती है, जबकि राज्य के दक्षिण-पश्चिम भाग (जैसे रोहतास और औरंगाबाद) में महाद्वीपीय प्रभाव के कारण तापमान की अधिकता और अपेक्षाकृत कम वर्षा दर्ज की जाती है।
- 2. कोसी नदी, जिसे 'बिहार का शोक' कहा जाता है, अपने मार्ग परिवर्तन और भारी मात्रा में गाद (Silt) के निक्षेपण के लिए कुख्यात है, और यह नदी नेपाल के रास्ते मधेपुरा और सुपौल जिलों से होते हुए बिहार के मैदान में प्रवेश करती है तथा कटिहार के पास गंगा में मिलती है।
- 3. बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी (Retreating Monsoon) के दौरान अक्टूबर और नवंबर के महीनों में हल्की वर्षा होती है, जो राज्य के टाल क्षेत्रों और मैदानी भागों में रबी की फसलों (विशेषकर अरहर, चना और गेहूं) की प्रारंभिक बुवाई के लिए अत्यंत लाभदायक मानी जाती है।
- 4. सोन नदी, जो अमरकंटक पठार से निकलती है, बिहार में रोहतास जिले के सोननगर के पास प्रवेश करती है, और इसके जल का उपयोग त्रिवेणी नहर प्रणाली के माध्यम से उत्तरी चंपारण के कृषि क्षेत्रों की सिंचाई के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। बिहार की जलवायु मानसूनी है और दक्षिण-पश्चिम मानसून के साथ-साथ लौटते मानसून से होने वाली वर्षा कृषि के लिए महत्वपूर्ण है। कोसी नदी अपने मार्ग परिवर्तन के लिए जानी जाती है और कटिहार के नजदीक गंगा में मिलती है। किंतु कथन 4 असत्य है क्योंकि सोन नदी पर बनी सोन नहर प्रणाली (जैसे पूर्वी और पश्चिमी सोन नहर) मुख्य रूप से दक्षिण-बिहार के रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद और गया जिलों की सिंचाई करती है, जबकि 'त्रिवेणी नहर' गंडक नदी से जुड़ी है और यह उत्तरी चंपारण में स्थित है। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए राज्य के भौगोलिक स्वरूप और कृषि पद्धतियों का गहन अध्ययन आवश्यक है।
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19वीं शताब्दी में भारत में हुए सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलनों तथा उनके संस्थापकों/संस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा वर्ष 1828 में स्थापित 'ब्रह्म समाज' का मुख्य उद्देश्य मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और पुरोहितवाद का विरोध करना तथा एकेश्वरवाद एवं वेदों के उपदेशों का प्रचार करना था, किंतु ब्रह्म समाज ने कभी भी पाश्चात्य शिक्षा या ईसाई धर्म के नैतिक सिद्धांतों का समर्थन नहीं किया।
2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और शुद्धि आंदोलन की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य उन हिंदुओं को पुनः हिंदू धर्म में वापस लाना था जिन्होंने किन्हीं कारणों से अन्य धर्म अपना लिया था।
3. ज्योतिराव फुले द्वारा 1873 में स्थापित 'सत्यशोधक समाज' का मुख्य उद्देश्य शूद्रों और अतिशूद्रों को ब्राह्मणवादी वर्चस्व और सामाजिक असमानता से मुक्ति दिलाना था, तथा उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'गुलामगिरी' में इस व्यवस्था की कड़ी आलोचना की।
4. ईश्वर चंद्र विद्यासागर के अथक प्रयासों के कारण ब्रिटिश सरकार ने वर्ष 1856 में 'हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम' (Act XV of 1856) पारित किया, जिससे समाज में विधवाओं के पुनर्विवाह को कानूनी वैधता प्राप्त हुई, और इस कार्य में उन्हें अपनी पत्रिका 'सोमप्रकाश' का भी व्यापक समर्थन मिला।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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निम्नलिखित में से किसने बाल गंगाधर तिलक को 'भारतीय असंतोष का जनक' कहा है?
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लीची का खाद्य भाग है
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भौतिकी के विविध अनुप्रयोगात्मक सिद्धांतों और रोजमर्रा की घटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष यान के भीतर होता है, तो वह भारहीनता (Weightlessness) का अनुभव करता है, जिसका मुख्य कारण यह है कि अंतरिक्ष यान और अंतरिक्ष यात्री दोनों समान त्वरण के साथ पृथ्वी की ओर मुक्त पतन (Free Fall) की स्थिति में होते हैं, जिससे उनके बीच कोई संपर्क बल कार्य नहीं करता।
2. बादलों का आकाश में तैरना या कोहरे की सूक्ष्म बूंदों का हवा में निलंबित रहना 'स्टोक्स के नियम' (Stokes' Law) पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी श्यान द्रव में गिरने वाली छोटी गोलीय वस्तु का सीमांत वेग (Terminal Velocity) उसकी त्रिज्या के वर्ग के अनुपाती होता है।
3. जब पानी से भरे बीकर में तैरते हुए बर्फ का टुकड़ा पूरी तरह पिघल जाता है, तो बीकर में पानी का स्तर बढ़ जाता है क्योंकि पिघलने के बाद बर्फ का अतिरिक्त द्रव्यमान जल आयतन में वृद्धि कर देता है।
4. प्रेशर कुकर के अंदर दाब बढ़ने से जल का क्वथनांक (Boiling Point) बढ़ जाता है, जिसके कारण उच्च तापमान पर भोजन जल्दी और आसानी से पक जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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