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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के 73वें और 74वें संविधान संशोधन अधिनियमों तथा स्थानीय स्वशासन (पंचायत और नगरपालिका) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से संविधान में भाग-IX जोड़ा गया जिसमें अनुच्छेद 243 से 243-O तक के प्रावधान हैं, और इसके तहत त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम स्तर, मध्यवर्ती स्तर और जिला स्तर) का उपबंध किया गया, परंतु जिन राज्यों की जनसंख्या 20 लाख से कम है, उन्हें मध्यवर्ती स्तर का गठन न करने की छूट दी गई है।
- 2. 74वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया, जिसके तहत तीन प्रकार की नगरपालिकाओं - नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम - के गठन का प्रावधान है, तथा वार्ड समितियों (Ward Committees) के गठन का अधिकार उन नगरपालिकाओं को दिया गया है जिनकी जनसंख्या दस लाख या उससे अधिक है।
- 3. राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) का गठन प्रत्येक पाँच वर्ष पर संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा किया जाता है, जो पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है और राज्य की संचित निधि से उनके बीच करों, शुल्कों और टोल के वितरण के संबंध में सिफारिशें करता है।
- 4. जिला योजना समिति (District Planning Committee - DPC) का गठन अनुच्छेद 243-ZD के तहत प्रत्येक राज्य में किया जाता है, जिसका मुख्य कार्य जिले के लिए विकास योजनाएं तैयार करना है, और इस समिति के कुल सदस्यों में से कम से कम चार-पाँचवें (4/5th) सदस्य जिला पंचायत और नगरपालिकाओं के निर्वाواचित सदस्यों द्वारा अपने में से ही चुने जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के विश्लेषण के अनुसार, कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 2 असत्य है क्योंकि 74वें संशोधन के अनुसार वार्ड समितियों का गठन उस नगरपालिका क्षेत्र के भीतर किया जा सकता है जिसकी जनसंख्या तीन लाख या उससे अधिक है, न कि दस लाख। सहकारी समितियों, पंचायतों और नगरपालिकाओं से संबंधित विस्तृत अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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भारतीय संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) तथा संघ एवं राज्य क्षेत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की उद्देशिका में अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे, और उद्देशिका के न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व के आदर्शों को फ्रांसीसी क्रांति (1789) से लिया गया है।
2. भारतीय संविधान के भाग-1 के अंतर्गत अनुच्छेद 3 संसद को यह शक्ति प्रदान करता है कि वह किसी राज्य के क्षेत्र को बढ़ाकर या घटाकर, उसके नाम या सीमा में परिवर्तन करके एक नए राज्य का निर्माण कर सकती है, जिसके लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति से संबंधित राज्य के विधानमंडल द्वारा पारित प्रस्ताव का संसद पर बाध्यकारी होना अनिवार्य है।
3. वर्ष 1960 के 'बेरुबारी यूनियन वाद' में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि उद्देशिका संविधान का भाग नहीं है, किंतु बाद में 'केशवानंद भारती वाद' (1973) तथा 'एलआईसी ऑफ इंडिया वाद' (1995) में न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि उद्देशिका संविधान का एक आंतरिक भाग है।
4. अनुच्छेद 2 संसद को विधि द्वारा 'संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना' करने की शक्ति देता है, जो उन बाहरी क्षेत्रों पर लागू होता है जो भारत के संघ का हिस्सा नहीं हैं, जबकि अनुच्छेद 3 आंतरिक राज्यों के पुनर्गठन से संबंधित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पादप आकारिकी (Plant Morphology) और पौधों में जनन (Plant Reproduction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूसला जड़ (Taproot) तंत्र के रूपांतरण के कारण शलजम (Turnip), चुकंदर (Beetroot) और गाजर (Carrot) भोजन संग्रह करने के लिए मांसल और फूल जाती हैं, जबकि आलू, अदरक और अरबी कंद, प्रकंद व घनकंद के रूप में तने के रूपांतरण के विशिष्ट उदाहरण हैं।
2. आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों के पुष्प में नर जनन अंग को पुंकेसर (Stamen) तथा मादा जनन अंग को जायांग (Pistil या Carpel) कहा जाता है, जिसमें परागकणों का परागकोष से वर्तिकाग्र (Stigma) तक स्थानांतरण परागण (Pollination) कहलाता है, और यह केवल कीटों व हवा के माध्यम से ही संभव है।
3. आवृतबीजी पौधों में 'दोहरा निषेचन' (Double Fertilization) एक अद्वितीय विशेषता है, जिसमें एक नर युग्म अंडे की कोशिका से संलयित होकर द्विगुणित युग्मकोद्भिद (Zygote) का निर्माण करता है और दूसरा नर युग्म द्विगुणित द्वितीयक केंद्रक से संलयित होकर त्रिगुणित भ्रूणपोष (Triploid Endosperm) बनाता है।
4. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) और टेरिडोफाइट्स (Pteridophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' (Amphibians) कहा जाता है, क्योंकि इन पौधों को अपने लैंगिक जनन चक्र को सफलतापूर्वक पूरा करने और निषेचन के समय जल माध्यम की अनिवार्य आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की संरचना, शक्तियों औरJurisdiction के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत किसी उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) का दायरा उच्चतम न्यायालय के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रदत्त रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक विस्तृत है, क्योंकि उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी कर सकता है।
2. संविधान के अनुच्छेद 233 के अनुसार, किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और प्रमोशन उस राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके किए जाते हैं, और न्यायिक सेवा के अन्य सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा उच्च न्यायालय तथा राज्य लोक सेवा आयोग के परामर्श से की जाती है।
3. संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है या किसी उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को किसी संघ राज्य क्षेत्र तक बढ़ा सकती है अथवा घटा सकती है, और वर्तमान में देश के सभी संघ राज्य क्षेत्रों का अपना एक स्वतंत्र और पृथक् उच्च न्यायालय है।
4. दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 239AA के अंतर्गत एक विशेष उपबंध किया गया है, जिसके तहत संघ राज्य क्षेत्र की विधानसभा को लोक व्यवस्था (Public Order), पुलिस और भूमि (Land) को छोड़कर राज्य सूची तथा समवर्ती सूची के उन विषयों पर कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है जो राज्य विधानसभाओं के क्षेत्राधिकार में आते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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तापमान व्युत्क्रमण के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा (Constituent Assembly) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग नहीं लिया था, और इस बैठक में वरिष्ठता के आधार पर डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का अस्थायी अध्यक्ष (Interim President) चुना गया था, जो कि फ्रांसीसी पद्धति पर आधारित था।
2. उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution), जिसे 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा संविधान सभा में प्रस्तुत किया गया था, को सभा द्वारा 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया, और यही प्रस्ताव आगे चलकर भारतीय संविधान की प्रस्तावना (Preamble) का आधार बना।
3. संविधान निर्माण के कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए संविधान सभा द्वारा विभिन्न समितियों का गठन किया गया था, जिसमें डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) में अध्यक्ष सहित कुल 7 सदस्य शामिल थे।
4. भारत के विभाजन के पश्चात 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' के पारित होने के बाद संविधान सभा एक पूर्णतः संप्रभु निकाय बन गई, और जब यह संविधान सभा एक संविधान निर्मात्री निकाय के रूप में बैठती थी, तब इसकी अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद करते थे, किंतु जब यह देश की विधायिका (संसद) के रूप में कार्य करती थी, तब इसकी अध्यक्षता जी.वी. मावलंकर (G.V. Mavalankar) द्वारा की जाती थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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