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BPSC TRE 4.0
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पृथ्वी के वायुमण्डल के संगठन (Composition of Atmosphere) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. आयतन के अनुसार शुष्क वायु में नाइट्रोजन (लगभग 78.08%) और ऑक्सीजन (लगभग 20.95%) के बाद आर्गन गैस का स्थान आता है, जिसकी मात्रा लगभग 0.93% होती है।
  2. 2. कार्बन डाइऑक्साइड और ओजोन जैसी गैसें वायुमण्डल के कुल आयतन का बहुत छोटा हिस्सा बनाती हैं, फिर भी ये पृथ्वी के विकिरण संतुलन (Radiation Balance) और जलवायु को नियंत्रित करने में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
  3. 3. जलवाष्प (Water Vapour) वायुमण्डल का एक ऐसा घटक है जिसकी मात्रा ऊष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में कुल हवा का लगभग 4% तक हो सकती है, जबकि ध्रुवीय और ठंडे तथा शुष्क रेगिस्तानी क्षेत्रों में यह 1% से भी कम हो जाती है।
  4. 4. समताप मंडल (Stratosphere) में पाई जाने वाली ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरणों को अवशोषित करती है, और इस परत की सघनता भूमध्य रेखा पर सबसे अधिक तथा ध्रुवों पर न्यूनतम होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। वायुमण्डल में नाइट्रोजन (78.08%), ऑक्सीजन (20.95%) और आर्गन (0.93%) प्रमुख गैसें हैं। कार्बन डाइऑक्साइड और ओजोन अल्प मात्रा में होने के बावजूद ग्रीनहाउस प्रभाव और ताप संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। जलवाष्प की मात्रा वायुमण्डल में स्थान और जलवायु के अनुसार 0% से 4% तक परिवर्तित होती है (ऊष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अधिक)। कथन 4 असत्य है क्योंकि ओजोन परत की सघनता ध्रुवों पर सबसे अधिक और भूमध्य रेखा (Equator) के पास कम होती है। अधिक तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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