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BPSC TRE 4.0
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मानव शरीर के पोषण और संतुलित आहार के संदर्भ में, विभिन्न पोषक तत्वों (Nutrients) और उनके विशिष्ट कार्यों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कार्बोहाइड्रेट और वसा मुख्य रूप से शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाले पोषक तत्व हैं, जहाँ 1 ग्राम वसा के ऑक्सीकरण से उत्पन्न ऊर्जा की मात्रा 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट से लगभग दोगुनी होती है।
  2. 2. विटामिन 'ए' (रेटिनॉल) एक वसा-विघुलनशील विटामिन है, जिसकी कमी से 'रॉफ्थैल्मिया' (Xerophthalmia) और शुष्क नेत्र रोग उत्पन्न होते हैं, तथा यह यकृत में संचित रहता है।
  3. 3. प्रोटीन को 'शरीर-निर्माता' (Body-building food) कहा जाता है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से अमीनो अम्ल की श्रृंखलाओं से होता है, और सोयाबीन तथा पनीर पादप एवं जंतु स्रोतों में इसके सर्वोत्तम उदाहरण हैं।
  4. 4. खनिज लवणों के अंतर्गत 'आयोडीन' शरीर में थायराइड ग्रंथि द्वारा 'थायरोक्सिन' हार्मोन के संश्लेषण के लिए अनिवार्य है, और इसकी कमी से बच्चों में 'क्रीटिनिज़्म' (Cretinism) नामक विकार उत्पन्न होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। कार्बोहाइड्रेट और वसा ऊर्जा प्रदान करते हैं जहाँ वसा (9.3 kcal/g) अधिक ऊर्जा देती है। विटामिन ए (रेटिनॉल) वसा में घुलनशील है जिसकी कमी से ज़ेरोफ्थैल्मिया होता है और यह यकृत में संचित रहता है। प्रोटीन शरीर के निर्माण और मरम्मत के लिए आवश्यक हैं जो अमीनो अम्लों से बनते हैं। आयोडीन थायरोक्सिन हार्मोन के लिए आवश्यक है जिसकी कमी से बच्चों में क्रीटिनिज़्म और वयस्कों में घेंघा (Goitre) रोग होता है। ऐसी ही अन्य महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्रियों और परीक्षा रणनीतियों के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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