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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों (अनुच्छेद 5-11) और नागरिकता अधिनियम, 1955 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 8 के अनुसार, भारत से बाहर रहने वाले भारतीय मूल के कुछ व्यक्तियों की नागरिकता के पंजीकरण का अधिकार भारत के बाहर स्थित राजनयिक या कौंसुलरी (Diplomatic or Consular) प्रतिनिधियों के पास है, बशर्ते उन्होंने निर्धारित प्रपत्र में आवेदन किया हो।
  2. 2. नागरिकता अधिनियम, 1955 के अंतर्गत 'वंश द्वारा नागरिकता' (Citizenship by Descent) के प्रावधान के अनुसार, 10 दिसंबर 1992 या उसके पश्चात् विदेश में जन्मा व्यक्ति भारत का नागरिक तभी बन सकता है जब उसके जन्म के समय उसके माता-पिता में से कोई एक (न कि केवल पिता) भारत का नागरिक हो।
  3. 3. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 10 के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति जो इस भाग के पूर्वगामी उपबंधों में से किसी के अधीन भारत का नागरिक है या समझा जाता है, संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए, ऐसी नागरिकता का उपभोग जारी रखेगा, जिसका तात्पर्य यह है कि संसद किसी भी परिस्थिति में विधि बनाकर किसी भी नागरिक की नागरिकता को बिना किसी शर्त के हमेशा के लिए समाप्त कर सकती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 8 के अनुसार, भारत से बाहर रहने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति, जिनके माता-पिता या दादा-दादी में से कोई अविभाजित भारत में पैदा हुआ था, वे भारत के नागरिक के रूप में पंजीकृत हो सकते हैं यदि वे भारत के राजनयिक या कौंसुलरी प्रतिनिधि के पास आवेदन करते हैं। कथन 2 सही है: नागरिकता अधिनियम, 1955 (1992 के संशोधन के पश्चात) के अनुसार, 10 दिसंबर 1992 के बाद विदेश में जन्म लेने वाले व्यक्ति को भारत का नागरिक माना जाएगा यदि उसके जन्म के समय माता-पिता में से कोई भी एक भारत का नागरिक हो। कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 10 यह प्रावधान करता है कि प्रत्येक व्यक्ति जो भारत का नागरिक है, वह संसद द्वारा बनाई जाने वाली विधि के अधीन रहते हुए नागरिकता बनाए रखेगा, किंतु इसका यह अर्थ कतई नहीं है कि संसद किसी नागरिक की नागरिकता को बिना किसी उचित संवैधानिक या विधिक आधार के मनमाने ढंग से समाप्त कर सकती है; संसद को विधिवत प्रक्रिया के तहत ही नागरिकता नियमन की शक्ति प्राप्त है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
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