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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद के उत्तरदायित्व और केंद्रीय मंत्रिमंडल के कामकाज के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 75(1) के अनुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करता है, तथा इस व्यवस्था के तहत मंत्रिपरिषद के सदस्यों के लिए यह अनिवार्य है कि वे नियुक्ति के समय संसद के किसी भी सदन के सदस्य हों, अन्यथा वे छह माह के भीतर अपनी सदस्यता खो देंगे।
- 2. अनुच्छेद 78 के अंतर्गत प्रधानमंत्री का यह स्पष्ट संवैधानिक कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन और विधान संबंधी प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय राष्ट्रपति को संसूचित करे, और यदि राष्ट्रपति ऐसी कोई सूचना माँगता है, तो उसे उपलब्ध कराए।
- 3. 'सामूहिक उत्तरदायित्व' (Collective Responsibility) के सिद्धांत के अंतर्गत लोकसभा में किसी एक मंत्री के विरुद्ध भी अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाने या प्रधानमंत्री के त्यागपत्र देने पर पूरी मंत्रिपरिषद का विघटन हो जाता है, क्योंकि सभी मंत्री लोकसभा के प्रति संयुक्त रूप से उत्तरदायी होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 75(5) के अनुसार कोई भी मंत्री जो लगातार छह महीने की किसी अवधि तक संसद के किसी सदन का सदस्य नहीं है, उस अवधि की समाप्ति पर मंत्री नहीं रहेगा। इसका तात्पर्य यह है कि नियुक्ति के समय संसद का सदस्य होना अनिवार्य नहीं है; एक गैर-संसद सदस्य को भी मंत्री नियुक्त किया जा सकता है, बशर्ते वह छह महीने के भीतर संसद के किसी सदन का सदस्य बन जाए। कथन 2 सही है, अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री के संवैधानिक कर्तव्यों को परिभाषित करता है। कथन 3 सही है, अनुच्छेद 75(3) के अनुसार मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है। भारतीय शासन प्रणाली के विस्तृत अध्ययन के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर विजिट करें।
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भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनाव सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग एक बहु-सदस्यीय निकाय के रूप में स्थापित किया गया था, जिसमें मूल रूप से एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों के प्रावधान की व्यवस्था संविधान निर्माताओं द्वारा की गई थी।
2. दिनेश गोस्वामी समिति (1990) ने चुनाव सुधारों पर अपनी सिफारिश देते हुए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के प्रयोग, सरकारी धन व विज्ञापनों के दुरुपयोग को रोकने तथा राजनीतिक दलों के वैतनिक ऑडिट (Auditing of Accounts) का सुझाव दिया था।
3. जनप्रतिनिधि अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act, 1951) की धारा 77 के तहत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान किए जाने वाले खर्च की अधिकतम सीमा तय की जाती है, और इस सीमा का उल्लंघन करने पर उम्मीदवार को अयोग्य ठहराया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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प्रस्तावना को 'संविधान की कुंजी' किसने कहा?
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दलबदल कानून किस अनुसूची में है?
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भारतीय संविधान के भाग IV के अंतर्गत उल्लिखित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) तथा इनसे संबंधित संशोधनों और विधियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 43A के अनुसार राज्य, उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी को सुरक्षित करने के लिए उपयुक्त विधान द्वारा या किसी अन्य रीति से कदम उठाएगा, और इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा अंतःस्थापित किया गया था।
2. अनुच्छेद 45 के मूल पाठ में 6 वर्ष से कम आयु के बालकों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा का प्रावधान था, जिसे 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा इस अनुच्छेद से हटाकर अनुच्छेद 21A के अंतर्गत एक मौलिक अधिकार बना दिया गया।
3. नीति निर्देशक तत्वों के अंतर्गत आने वाले प्रावधान, यद्यपि देश के शासन में मूलभूत हैं और विधि बनाने में राज्य के लिए बाध्यकारी हैं, तथापि वे देश के किसी भी न्यायालय द्वारा न्यायोचित (Justiciable) नहीं हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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शीशा (कांच) क्या है?
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