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Indian Polity
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSCs) की स्वतंत्रता, उनके सदस्यों की सेवा शर्तों तथा उनके क्षेत्राधिकार के विस्तार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 318 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों की संख्या और उनकी सेवा की शर्तें राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित की जाती हैं, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के मामले में यह शक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल में निहित होती है, किंतु आयोग के किसी सदस्य की नियुक्ति के पश्चात उसकी सेवा शर्तों में उसके अहित में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है।
  2. 2. अनुच्छेद 321 के अंतर्गत संसद या राज्य का विधानमंडल विधि द्वारा क्रमशः संघ लोक सेवा आयोग या राज्य लोक सेवा आयोग को संघ या राज्य के अधीन किसी भी सार्वजनिक प्राधिकरण (Public Authority), निगम या अन्य निक, या किसी स्थानीय निकाय के कृत्यों को अपने हाथ में लेने का अधिकार प्रदान कर सकता है।
  3. 3. अनुच्छेद 323 के प्रावधानों के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग अपने द्वारा किए गए कार्यों की वार्षिक रिपोर्ट राष्ट्रपति को प्रस्तुत करता है, जिसे राष्ट्रपति संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाता है, किंतु यदि रिपोर्ट में आयोग की किसी सलाह को सरकार द्वारा अस्वीकार किए जाने के कारण दिए गए हैं, तो उस अस्वीकृति के कारणों को संसद के समक्ष रखना संवैधानिक रूप से अनिवार्य नहीं है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 318 के अनुसार, राष्ट्रपति (संघ आयोग के मामले में) और राज्यपाल (राज्य आयोग के मामले में) आयोग के सदस्यों की संख्या और सेवा की शर्तें विनियमित करते हैं, और नियुक्ति के बाद उनकी सेवा शर्तों में उनके अहित में कोई अलाभकारी परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। कथन 2 सही है: अनुच्छेद 321 के तहत संसद या राज्य विधानमंडल विधि द्वारा लोक सेवा आयोगों के क्षेत्राधिकार का विस्तार करके उन्हें किसी सार्वजनिक प्राधिकरण, निगम या स्थानीय निकाय के मामलों से जुड़े कार्य सौंप सकते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 323 के तहत जब राष्ट्रपति संघ लोक सेवा आयोग की वार्षिक रिपोर्ट संसद के समक्ष रखवाता है, तो उसके साथ उस स्थिति का ज्ञापन भी होता है जिसमें आयोग की सलाह को अस्वीकार किए जाने के कारणों को स्पष्ट करना अनिवार्य होता है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पढ़ें।
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