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Indian Polity
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भारतीय संसद की विधाई प्रक्रिया और लोकसभा तथा राज्यसभा की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 109 के अनुसार धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में ही पुनःस्थापित किया जा सकता है और राज्यसभा इस पर कोई संशोधन या अस्वीकृति का प्रस्ताव नहीं ला सकती, किंतु राज्यसभा को यह अधिकार है कि वह धन विधेयक को अधिकतम 30 दिनों की अवधि तक रोक सकती है।
  2. 2. अनुच्छेद 107 के अंतर्गत कोई साधारण विधेयक संसद के किसी भी सदन में आरंभ किया जा सकता है, और यदि कोई साधारण विधेयक दोनों सदनों के बीच असहमति के कारण संसद के सत्रावसान (Prorogation) के समय लंबित है, तो लोकसभा के विघटन के बावजूद वह विधेयक व्यपगत (Lapse) नहीं होता है।
  3. 3. अनुच्छेद 108 के प्रावधानों के तहत किसी साधारण विधेयक पर दोनों सदनों के बीच गतिरोध को दूर करने के लिए राष्ट्रपति द्वारा बुलाई जाने वाली संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा का अध्यक्ष करता है, और संयुक्त बैठक में यह विधेयक उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत द्वारा पारित किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 109 के अनुसार राज्यसभा धन विधेयक को अस्वीकृत या उसमें संशोधन नहीं कर सकती है, और वह इस विधेयक को अधिकतम केवल 14 दिनों की अवधि के लिए ही रोक सकती है (30 दिन नहीं)। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 107 के अनुसार यदि कोई साधारण विधेयक लोकसभा के विघटन (Dissolution) के समय लोकसभा में लंबित है या लोकसभा द्वारा पारित होने के बाद राज्यसभा में लंबित है, तो वह व्यपगत (Lapse) हो जाता है; सत्रावसान (Prorogation) से विधेयक व्यपगत नहीं होते, बल्कि लोकसभा का विघटन विधेयकों को समाप्त करता है। कथन 3 सही है क्योंकि अनुच्छेद 108 के तहत साधारण विधेयक पर गतिरोध होने पर राष्ट्रपति संयुक्त बैठक आहूत करता है, जिसकी अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) करता है और यह बैठक उपस्थित तथा मत देने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत से निर्णय लेती है। अधिक जानने के लिए पढ़ें भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के विस्तृत नोट्स।
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भारतीय संविधान में महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों (Emergency Provisions) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा अनुच्छेद 352 में संशोधन करके राष्ट्रपति को यह शक्ति दी गई थी कि वह संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग में राष्ट्रीय आपात की उद्घोषणा केवल 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर ही कर सकता है, तथा 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) शब्द को इसी संशोधन द्वारा संविधान में जोड़ा गया था। 2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह अनिवार्य कर दिया गया कि राष्ट्रीय आपात की उद्घोषणा के लिए मंत्रिमंडल (Cabinet) की लिखित अनुशंसा राष्ट्रपति को पूर्व में प्राप्त होनी चाहिए, और आपात की उद्घोषणा का अनुमोदन करने वाला संकल्प संसद के प्रत्येक सदन द्वारा अपने कुल सदस्यों के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा पारित किया जाना चाहिए। 3. संविधान के अनुच्छेद 359 के अंतर्गत राष्ट्रीय आपात के प्रवर्तन में रहने के दौरान भाग III द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों के प्रवर्तन को निलंबित करने की शक्ति राष्ट्रपति को प्राप्त है, किंतु 44वें संविधान संशोधन के पश्चात यह स्पष्ट कर दिया गया कि अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन को किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारत के राष्ट्रपति की कार्यकारी और विधायी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 77 के अनुसार भारत सरकार की समस्त कार्यपालिका कार्रवाई औपचारिक रूप से राष्ट्रपति के नाम से की हुई अभिव्यक्त की जाएगी, और राष्ट्रपति के नाम से बनाए गए और निष्पादित आदेशों तथा अन्य उपकरणों को ऐसे नियमों द्वारा प्रमाणित किया जाएगा जो राष्ट्रपति द्वारा बनाए जाएंगे, तथा इस प्रकार प्रमाणित किसी आदेश या instrument की विधि-मान्यता को इस आधार पर प्रश्नगत नहीं किया जा सकता है कि वह राष्ट्रपति द्वारा किया गया या निष्पादित आदेश नहीं है। 2. संविधान के अनुच्छेद 85 के अंतर्गत राष्ट्रपति को समय-समय पर संसद के प्रत्येक सदन को ऐसे समय और स्थान पर, जो वह ठीक समझे, सत्र के लिए आहूत करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु इसके लिए यह संवैधानिक अनिवार्यता है कि संसद के दो सत्रों के बीच की अंतिम बैठक और आगामी सत्र की पहली बैठक के बीच छह मास से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए। 3. राष्ट्रपति को संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक आहूत करने की शक्ति प्राप्त है, और जब राष्ट्रपति संयुक्त बैठक आहूत करने के अपने आशय की सूचना संसद को दे देता है, तब लोकसभा के विघटन के बावजूद वह संयुक्त बैठक अपनी निर्धारित तिथि पर आहूत होगी और उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से शहरी स्थानीय शासन (नगरपालिकाओं) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया। इस संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम द्वारा संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया, जिसमें अनुच्छेद 243-P से 243-ZG तक के प्रावधान शामिल हैं, तथा बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं की विधायी शक्तियों से संबंधित कुल 18 कार्यात्मक विषयों को सूचीबद्ध किया गया है। 2. अधिनियम के अनुसार नगरपालिकाओं के तीन प्रकार (नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद और नगर निगम) का गठन किया जाना अनिवार्य है, किंतु 10 लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले महानगर क्षेत्र के लिए केवल 'नगर निगम' का गठन ही एकमात्र विकल्प है। 3. नगरपालिकाओं के सभी पदों के लिए प्रत्यक्ष निर्वाचन वार्डों की प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों से सीधे जनता द्वारा होता है, किंतु इसके अतिरिक्त राज्य विधानमंडल विधि द्वारा संसद या राज्य विधानसभा के सदस्यों और लोकसभा/राज्यसभा सदस्यों को नगरपालिका की बैठकों में विशेष मताधिकार के साथ पदेन सदस्य के रूप में नामित कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा शहरी स्थानीय शासन के संदर्भ में जोड़ी गई बारहवीं अनुसूची तथा नगरपालिकाओं के गठन एवं कार्यों के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम के तहत प्रत्येक राज्य में तीन प्रकार की नगरपालिकाओं के गठन का प्रावधान किया गया है—ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्रों में संक्रमणशील क्षेत्रों के लिए नगर पंचायत, छोटे नगरीय क्षेत्र के लिए नगरपालिका परिषद और बड़े नगरीय क्षेत्र के लिए नगर निगम। 2. नगरपालिकाओं के सभी स्थानों के लिए निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से नगर क्षेत्र के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों से सीधे मतदाताओं द्वारा किया जाता है, तथा इस अधिनियम में यह भी अनिवार्य किया गया है कि नगर पालिका के वार्ड समितियों (Ward Committees) का गठन केवल दस लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले नगर निगमों के लिए ही किया जाएगा। 3. बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं की विधायी शक्तियों और उत्तरदायित्वों से संबंधित कुल 18 विषयों का उल्लेख किया गया है, जिनमें नगर योजना, भूमि उपयोग का विनियमन, आर्थिक और सामाजिक विकास योजनाएं, तथा अग्निशामक सेवाएं जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? प्रस्तावना में 'संप्रभु' (Sovereign) शब्द का क्या अर्थ है?
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