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History of India
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गदर पार्टी के संस्थापना काल, उसके वैचारिक स्वरूप और प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उसकी सक्रियता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में स्थापित 'पैसिफिक कोस्ट हिंदुस्तान एसोसिएशन' (जिसे बाद में ग़दर पार्टी के रूप में प्रसिद्धि मिली) के प्रथम अध्यक्ष सोहन सिंह भकना थे, जबकि लाला हरदयाल इसके मुख्य प्रेरणास्त्रोत और महासचिव थे।
  2. 2. ग़दर पार्टी द्वारा प्रकाशित साप्ताहिक पत्र 'ग़दर' का मुखपृष्ठ हर अंक में 'अंग्रेज़ी राज का कच्चा चिट्ठा' शीर्षक के साथ छपता था, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रवासी भारतीयों में ब्रिटिश साम्राज्य के आर्थिक शोषण और दमनकारी नीतियों के प्रति राजनीतिक चेतना जगाना था।
  3. 3. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ग़दर क्रांतिकारियों ने 'जुगांतर आश्रम' से अपनी योजना को क्रियान्वित करते हुए केवल अमेरिका तक ही खुद को सीमित रखा और ब्रिटिश सेना के भारतीय सैनिकों के बीच विद्रोह कराने या भारत लौटने से पूरी तरह परहेज किया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: 1 नवंबर 1913 को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में 'पैसिफिक कोस्ट हिंदुस्तान एसोसिएशन' की स्थापना हुई, जिसके संस्थापक अध्यक्ष सोहन सिंह भकना और मुख्य विचारक लाला हरदयाल थे। आगे चलकर यह संगठन 'ग़दर पार्टी' के रूप में विख्यात हुआ। कथन 2 सही है: इस पार्टी ने 'ग़दर' नामक साप्ताहिक पत्र निकाला जिसके हर अंक के पहले पृष्ठ पर 'अंग्रेज़ी राज का कच्चा चिट्ठा' छपता था। यह अखबार ब्रिटिश उपनिवेशवाद के असली चेहरे को उजागर करता था। कथन 3 गलत है: प्रथम विश्व युद्ध छिड़ने के बाद ग़दर पार्टी के नेताओं ने केवल अमेरिका में बैठने के बजाय भारत वापस लौटकर और ब्रिटिश सेना के भारतीय सिपाहियों के बीच विद्रोह (1915 के गदर षड्यंत्र) को भड़काकर सशस्त्र क्रांति करने का साहसिक निर्णय लिया था। विकिपीडिया संदर्भ
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