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General Science
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पदार्थ के सामान्य गुणों, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी द्रव का पृष्ठ तनाव (Surface Tension) तापमान बढ़ने पर घट जाता है, क्योंकि तापमान में वृद्धि के साथ अणुओं की ऊष्मीय ऊर्जा बढ़ जाती है और उनके बीच का अंतरआणविक आकर्षण बल कमजोर हो जाता है।
- 2. द्रवों में श्यानता (Viscosity) तापमान पर निर्भर करती है; जहाँ तापमान बढ़ने पर द्रवों की श्यानता घट जाती है, वहीं गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने के साथ बढ़ जाती है।
- 3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल का अनुभव करती है, और यह उत्प्लावन बल पूरी तरह से डूबी हुई वस्तु के आयतन और द्रव के घनत्व पर निर्भर करता है, वस्तु के अपने घनत्व पर नहीं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। पहला कथन पृष्ठ तनाव के तापमान पर प्रभाव को सही स्पष्ट करता है जहाँ ताप बढ़ने से ससंजन बल कम होता है। दूसरा कथन द्रवों और गैसों की श्यानता (Viscosity) के विपरीत व्यवहार को दर्शाता है; द्रवों में यह संसंजन बलों के कारण घटती है जबकि गैसों में संवेग स्थानांतरण बढ़ने से बढ़ती है। तीसरा कथन आर्किमिडीज के सिद्धांत (Archimedes' principle) के मूल नियमों का सटीक वर्णन करता है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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विलयन और उत्प्रेरण (Solutions and Catalysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राउल्ट के नियम के अनुसार, किसी अवाष्पशील विलेय युक्त तनु विलयन के लिए वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन विलयन में विलेय के मोल अंश (Mole fraction) के ठीक बराबर होता है, और यह गुण विलेय की रासायनिक प्रकृति पर निर्भर न करके केवल कणों की संख्या पर निर्भर करता है।
2. 'वांट हॉफ गुणांक' ($i$) का मान वैद्युत अपघट्यों के वियोजन (Dissociation) की स्थिति में हमेशा एक से कम होता है, जबकि संगुणन (Association) की स्थिति में इसका मान एक से अधिक होता है।
3. 'विषमांगी उत्प्रेरण' के 'अधिशोषण सिद्धांत' (Adsorption theory) के अनुसार, अभिकर्मक अणु उत्प्रेरक की सतह पर आकर अधिशोषित होते हैं, जिससे उनकी प्रभावी सांद्रता में वृद्धि होती है और अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा ($E_a$) का मान कम हो जाता है।
4. 'एन्जाइम उत्प्रेरण' की क्रियाविधि में 'माइकलिस-मेंटेन नियतांक' ($K_m$) का मान जितना कम होता है, एंजाइम और सब्सट्रेट के बीच की बंधुता (Affinity) उतनी ही अधिक होती है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भौतिक राशियों, उनके विमीय सूत्रों और मात्रकों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक ($G$): विमीय सूत्र $[M^{-1} L^3 T^{-2}]$ और SI मात्रक $N \cdot m^2 \cdot kg^{-2}$
2. श्यानता गुणांक ($\eta$): विमीय सूत्र $[M^1 L^{-1} T^{-1}]$ और SI मात्रक $kg \cdot m^{-1} \cdot s^{-1}$
3. प्लांक नियतांक ($h$): विमीय सूत्र $[M^1 L^2 T^{-1}]$ और SI मात्रक $J \cdot s$
4. पृष्ठ तनाव ($S$): विमीय सूत्र $[M^1 L^0 T^{-2}]$ और SI मात्रक $N \cdot m^{-2}$
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ (Circuits) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक का 'विशिष्ट प्रतिरोध' या प्रतिरोधकता (Resistivity) केवल पदार्थ की प्रकृति और उसके तापमान पर निर्भर करती है, चालक की लंबाई या उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर नहीं।
2. जब कई प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम (Series) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध परिपथ के प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध के योग से कम होता है।
3. 'किरचॉफ का धारा नियम' (KCL) आवेश संरक्षण के नियम पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि (Junction) पर मिलने वाली सभी धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन, उनके समवयव (Isomers) और ईंधन की दहन विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शाखित श्रृंखला वाले ऐल्केन (Branched-chain alkanes) की तुलना में सीधी श्रृंखला वाले ऐल्केन (Straight-chain alkanes) में ऑक्टेन संख्या अधिक होती है, जिसके कारण वे आंतरिक दहन इंजन (Internal combustion engines) में 'नॉकर्स' (Knockers) के रूप में कार्य करते हैं।
2. 'मार्कोवनीकॉव नियम' (Markovnikov's Rule) के अनुसार, किसी असममित ऐल्कीन पर हाइड्रोजन हैलाइड का योग होने पर अभिकर्मक का ऋणात्मक भाग उस कार्बन परमाणु से जुड़ता है जिस पर हाइड्रोजन परमाणुओं की संख्या कम होती है।
3. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसमें अत्यधिक गंध के लिए जानबूझकर एथिल मर्कैप्टेन ($C_2H_5SH$) नामक सल्फर यौगिक मिलाया जाता है ताकि गैस रिसाव का आसानी से पता चल सके।
4. एसिटिलीन (एथाइन) एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन है जो ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलने पर अत्यधिक उच्च तापमान की लौ उत्पन्न करता है, जिसका उपयोग धातुओं की वेल्डिंग और कटाई के लिए ऑक्सी-एसिटिलीन टॉर्च में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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