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General Science
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आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों (Periodic properties) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. किसी परमाणु की इलेक्ट्रॉन लब्धि एंथैल्पी (Electron Gain Enthalpy) हमेशा एक ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया होती है जिसमें ऊर्जा निकलती है, और आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर इसका मान अधिक ऋणात्मक होता जाता है।
- 2. लैंथानाइड संकुचन (Lanthanoid Contraction) के कारण, 5d संक्रमण श्रेणी के तत्वों (जैसे हाफ्नियम, Hf) की परमाण्विक और आयनिक त्रिज्याएँ अपने से ठीक ऊपर स्थित 4d श्रेणी के तत्वों (जैसे जिरकोनियम, Zr) के लगभग समान हो जाती हैं।
- 3. पॉलिंग पैमाने के अनुसार विद्युतऋणाता (Electronegativity) परमाणु के आकार और उसकी प्रभावी नाभिकीय आवेश पर निर्भर करती है, और आवर्त सारणी में नीचे से ऊपर जाने पर यह घटती है।
- 4. द्वितीय आवर्त के तत्व (जैसे लीथियम) अपने समूह के अगले तत्वों (जैसे मैग्नीशियम) के साथ रासायनिक गुणों में विकर्ण संबंध (Diagonal relationship) प्रदर्शित करते हैं, जिसका कारण उनके आयनिक विभव (चार्ज-से-रेडियस अनुपात) का लगभग समान होना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि सभी तत्वों की इलेक्ट्रॉन लब्धि एंथैल्पी ऊष्माक्षेपी नहीं होती है; उदाहरण के लिए, उत्कृष्ट गैसों (Noble gases) और नाइट्रोजन जैसे तत्वों के लिए इलेक्ट्रॉन जोड़ने पर ऊर्जा देनी पड़ती है, जिससे इनकी इलेक्ट्रॉन लब्धि एंथैल्पी धनात्मक हो जाती है। कथन 2 सही है क्योंकि 4f कक्षकों के दुर्बल आवरण (shielding effect) प्रभाव के कारण लैंथानाइड संकुचन उत्पन्न होता है, जिससे 4d और 5d श्रेणी के तत्वों के आकार लगभग समान हो जाते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि आवर्त सारणी में नीचे से ऊपर जाने पर परमाणु का आकार घटता है और विद्युतऋणाता बढ़ती है (न कि घटती है)। कथन 4 सही है क्योंकि विकर्ण संबंध मुख्य रूप से आवेश और त्रिज्या के अनुपात (आयनिक विभव) के लगभग समान होने के कारण होता है, जैसे लीथियम और मैग्नीशियम के बीच।
Related Questions
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मानव शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न संक्रामक रोगों, उनके रोगजनकों और संचरण के तरीकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'प्लेग' (Plague) एक तीव्र जीवाणुजनित संक्रामक रोग है जो *येरिनिया पेस्टिस* (Yersinia pestis) नामक जीवाणु के कारण होता है, और यह मुख्य रूप से चूहों पर पाए जाने वाले पिस्सू (*Xenopsylla cheopis*) के काटने से मनुष्यों में फैलता है।
2. 'एड्स' (AIDS) एक विषाणुजनित सिंड्रोम है जो रेट्रोवायरस (HIV) के संक्रमण से होता है, और यह शरीर की 'सहायक टी-लिम्फोसाइट्स' (CD4+ T cells) को नष्ट करके प्रतिरक्षा तंत्र को गंभीर रूप से क्षीण कर देता है।
3. 'मलेरिया' प्लाज्मोडियम प्रजाति के प्रोटोजोआ परजीवी द्वारा होता है, जिसके जीवन चक्र को पूरा करने के लिए प्राथमिक पोषक (Definitive host) मादा एनाफिलिस मच्छर है, जबकि मनुष्य इसके लिए अंतर्वर्ती पोषक (Intermediate host) के रूप में कार्य करता है।
4. 'कुष्ठ रोग' (Leprosy), जिसे हैनसेन रोग भी कहा जाता है, एक विषाणुजनित रोग है जो तंत्रिका तंत्र और त्वचा को प्रभावित करता है और वायु के माध्यम से अत्यधिक संक्रामक रूप से फैलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
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पदार्थ के सामान्य गुणों, पृष्ठ तनाव, श्यानता और आर्किमिडीज के सिद्धांत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी द्रव की स्वतंत्र सतह पर पृष्ठ तनाव (Surface Tension) का मुख्य कारण अणुओं के बीच लगने वाला ससंजक बल (Cohesive force) है, और तापमान में वृद्धि होने पर अधिकांश द्रवों का पृष्ठ तनाव घट जाता है, क्योंकि उच्च तापमान पर अणुओं की तापीय ऊर्जा उनके बीच के अंतरआणविक आकर्षण को कमजोर कर देती है।
2. द्रवों में 'श्यानता' (Viscosity) आंतरिक घर्षण के कारण उत्पन्न होती है जो विभिन्न परतों के बीच आपेक्षिक गति का विरोध करती है, और गैसों की श्यानता तापमान बढ़ने पर घट जाती है जबकि द्रवों की श्यानता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
3. आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार, जब किसी वस्तु को किसी द्रव में आंशिक या पूर्ण रूप से डुबोया जाता है, तो वह वस्तु अपने द्वारा विस्थापित द्रव के भार के बराबर ऊपर की ओर एक उत्प्लावन बल (Buoyant force) का अनुभव करती है, और यदि वस्तु का घनत्व द्रव के घनत्व से अधिक है, तो वस्तु द्रव में डूब जाएगी।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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सुकेन्द्रिक (Eukaryotic) कोशिकाओं के भीतर विभिन्न कोशिकांगों (Cell organelles) की संरचना, उनके मार्कर एंजाइमों (Marker enzymes) और अंतःझिल्ली तंत्र (Endomembrane system) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सूत्रकणिका (Mitochondria) की आंतरिक झिल्ली पर पाए जाने वाले ऑक्सीसोम (F$_0$-F$_1$ कण) एटीपी संश्लेषण के लिए उत्तरदायी होते हैं, और इस अंगक का मुख्य मार्कर एंजाइम 'सक्सीनेट डिहाइड्रोजनेज' है जो इसकी आंतरिक झिल्ली पर स्थित होता है।
2. खुरदरी अंतःप्रद्रव्यी जालिका (RER) की सतह पर राइबोसोम को मजबूती से बांधे रखने के लिए 'राइबोफोरिन-I' और 'राइबोफोरिन-II' नामक विशिष्ट ट्रांसमेम्ब्रेन ग्लाइकोप्रोटीन पाए जाते हैं, जो प्रोटीन संश्लेषण और उनके सही वलन (Folding) में मदद करते हैं।
3. गॉल्जी उपकरण (Golgi Apparatus) का 'सिस नेटवर्क' (Cis-face) आमतौर पर परिपक्व या बनाने वाला सिरा (Maturing face) कहलाता है जो प्लाज्मा झिल्ली की ओर उन्मुख होता है, जबकि 'ट्रांस नेटवर्क' (Trans-face) केंद्रक की ओर होता है।
4. लाइसोसोम एकल झिल्ली से घिरा एक ऐसा कोशिकांग है जिसमें अम्लीय फॉस्फेटेज (Acid phosphatase) जैसे हाइड्रोलाइटिक एंजाइम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो लगभग 4.5 से 5.0 के इष्टतम पीएच ($pH$) पर सर्वाधिक सक्रिय होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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लुईस अम्ल (Lewis Acid) किसे कहते हैं?
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लंबी नदी?
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