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Geography
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पृथ्वी की आंतरिक संरचना और शैलों (Rocks) के कायांतरण (Metamorphism) तथा उनके रासायनिक परिवर्तनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. स्पर्श कायांतरण (Contact Metamorphism) मुख्य रूप से उच्च तापमान और आग्नेय घुसपैठ (Igneous Intrusion) के कारण होता है, जिसमें मूल शैलों का पुनर्गठन होता है और इस प्रक्रिया में आमतौर पर 'अनपर्णी' (Non-foliated) शैलों जैसे संगमरमर और क्वार्ट्जाइट का निर्माण होता है।
  2. 2. क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) अत्यधिक विवर्तनिक दबाव (Tectonic Pressure) और उच्च तापमान के संयुक्त प्रभाव से होता है, जिसके परिणामस्वरूप शैलों में खनिजों का समानांतर संरेखण हो जाता है और 'पर्णिता' (Foliation) की विशिष्ट संरचना उत्पन्न होती है, जिसका सर्वोत्तम उदाहरण स्लेट और शिस्ट हैं।
  3. 3. कायांतरित चट्टानें अपने मूल रूप से पूर्णतः परिवर्तित होकर केवल नए खनिजों में बदल जाती हैं, और इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मूल चट्टानों का रासायनिक संयोजन (Chemical Composition) पूरी तरह से बदल जाता है, जिससे मूल चट्टान के रासायनिक अवशेष का कोई भी अंश शेष नहीं रहता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 और 2 सही हैं। स्पर्श कायांतरण (Contact Metamorphism) अत्यधिक ताप के कारण होता है जहाँ मैग्मा के संपर्क में आने वाली चट्टानें पुनर्गठित होती हैं, जिससे अनपर्णी शैल जैसे संगमरमर और क्वार्ट्जाइट बनते हैं। क्षेत्रीय कायांतरण (Regional Metamorphism) अत्यधिक दाब और ताप के प्रभाव से होता है जिससे पर्णिता (Foliation) उत्पन्न होती है, जैसे स्लेट, शिस्ट और नाइस। कथन 3 गलत है क्योंकि कायांतरण की प्रक्रिया में मूल शैलों का भौतिक पुनर्गठन और क्रिस्टलीकरण तो होता है, किंतु सामान्यतः 'आइसोकेमिकल' (Isochemical) प्रक्रिया के कारण मूल चट्टान का समग्र रासायनिक संयोजन (Chemical Composition) अपरिवर्तित रहता है, सिवाय वाष्पशील पदार्थों के ह्रास के। चट्टानों के इस विस्तृत वर्गीकरण और संरचना के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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