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Geography
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भारत के परिवहन नेटवर्क, प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर और बंदरगाहों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'पूर्वी समर्पित माल गलियारा' (Eastern Dedicated Freight Corridor - EDFC) लुधियाना (पंजाब) से शुरू होकर अंबाला, दिल्ली, कानपुर और प्रयागराज होते हुए पश्चिम बंगाल के दनकुनी तक जाता है, जो पूरी तरह से कोयला और विद्युत आपूर्ति के लिए कोयला खदानों को जोड़ता है।
- 2. 'सागरमाला परियोजना' (Sagarmala Project) भारत सरकार की एक रणनीतिक पहल है, जिसका उद्देश्य देश की विशाल तटरेखा का दोहन करके बंदरगाहों का आधुनिकीकरण, तटीय नौवहन को बढ़ावा देना और तटीय क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को गति देना है।
- 3. 'विशाखापत्तनम बंदरगाह' देश का सबसे गहरा भूमि-आबद्ध (Land-locked) और सुरक्षित बंदरगाह है, जो मुख्य रूप से जापान को लौह अयस्क के निर्यात के लिए जाना जाता है और इसके सामने 'डॉल्फिन नोज' पहाड़ी प्राकृतिक रक्षक का काम करती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-44 (National Highway 44) है, जो उत्तर में श्रीनगर से शुरू होकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक लगभग 3,745 किलोमीटर की दूरी तय करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि पूर्वी समर्पित माल गलियारा (EDFC) लुधियाना (पंजाब) से शुरू होकर दनकुनी (पश्चिम बंगाल) तक जाता है, लेकिन यह दिल्ली से होकर नहीं गुजरता बल्कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के रास्ते गुजरता है और इसका मुख्य उद्देश्य कोयला, स्टील, सीमेंट और खाद्यान्न का तीव्र परिवहन है। कथन 2 सत्य है क्योंकि 'सागरमाला परियोजना' भारत के समुद्री तट और बंदरगाहों के विकास से जुड़ी है। कथन 3 सत्य है क्योंकि विशाखापत्तनम एक प्राकृतिक रूप से सुरक्षित, भूमि-आबद्ध और देश का सबसे गहरा बंदरगाह है, जहाँ 'डॉल्फिन नोज' चट्टान इसे चक्रवातों से बचाती है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार एनएच-44 भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग है।
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) के वितरण, उनकी थर्मल प्रकृति तथा उनके क्षेत्रीय प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तरी अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream) एक गर्म जलधारा है, जो मैक्सिको की खाड़ी से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ते हुए पश्चिमी यूरोप के तटीय क्षेत्रों में सर्दियों के मौसम में भी बंदरगाहों को बर्फ से मुक्त रखती है।
2. प्रशांत महासागर की प्रसिद्ध 'कुरील या ओयाशियो जलधारा' (Oyashio Current) एक गर्म जलधारा है, जो बेरिंग जलडमरूमध्य से दक्षिण की ओर बहती हुई जापान के पूर्वी तट पर तापमान को अत्यधिक बढ़ा देती है।
3. अटलांटिक महासागर के दक्षिणी गोलार्ध में ब्राजील तट के सहारे बहने वाली 'ब्राजील जलधारा' एक ठंडी जलधारा है, जबकि इसके ठीक विपरीत अफ्रीका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहने वाली 'बेंगुएला जलधारा' एक गर्म जलधारा है।
4. हिंद महासागर में मानसूनी हवाओं के मौसमी उत्क्रमण (Monsoonal Reversal) के कारण उत्तरी हिंद महासागर की जलधाराओं की दिशा गर्मियों और सर्दियों में पूरी तरह उलट जाती है, जो इस क्षेत्र की एक अनूठी विशेषता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय मृदा विज्ञान और उनके सूक्ष्मपोषक तत्वों (Micro-nutrients) की कमी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की अधिकांश जलोढ़ और लाल मिट्टियों में नाइट्रोजन (Nitrogen) और ह्यूमस (Humus) की मात्रा सामान्यतः बहुत कम पाई जाती है, जिसके कारण भारतीय कृषि में यूरिया जैसे नाइट्रोजनयुक्त उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग करना पड़ता है।
2. 'काली मिट्टी' (Regur Soil) में चूना (Lime), मैग्नीशियम, पोटाश और कैल्शियम कार्बोनेट की प्रचुरता होती है, परंतु इसमें फॉस्फोरस (Phosphorus) और नाइट्रोजन की भारी कमी पाई जाती है।
3. 'लैटेराइट मिट्टी' में सिलिका के तीव्र निक्षालन (Leaching) के कारण लोहे और एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बच जाते हैं, जिससे यह मिट्टी अत्यधिक अम्लीय हो जाती है और इसमें चूना या जिप्सम मिलाकर इसकी उर्वरता बढ़ाई जाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा किए गए मृदा स्वास्थ्य सर्वेक्षणों में यह पाया गया है कि देश की कृषि योग्य मिट्टियों में जस्ते (Zinc) की कमी सबसे व्यापक रूप से फैली हुई है, जो फसल उत्पादन को प्रभावित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पृथ्वी की आंतरिक विवर्तनिक प्रक्रियाओं, भूकंपीय तरंगों और ज्वालामुखी उद्गार की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं जो ध्वनि तरंगों की तरह ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, लेकिन तरल माध्यम से गुजरने के दौरान इनका वेग अचानक बढ़ जाता है।
2. 'शांत ज्वालामुखी' (Shield Volcano) मुख्य रूप से कम श्यानता (Low Viscosity) वाले बेसाल्टिक लावा के अतिप्रवाह से बनते हैं, जो अत्यधिक विस्फोटक नहीं होते क्योंकि इनमें सिलिका की मात्रा कम और गैसों का दाब आसानी से निकल जाता है।
3. 'सुनामी' (Tsunami) तरंगे महासागरों में उथले पानी के पास पहुँचने पर अपनी तरंग दैर्ध्य (Wavelength) में कमी और तरंग ऊँचाई (Wave Height) में भारी वृद्धि का अनुभव करती हैं, क्योंकि इनकी गति समुद्र की गहराई के वर्गमूल के सीधे समानुपातिक होती है।
4. पैसिफिक रिंग ऑफ फायर (Pacific Ring of Fire) अभिसारी (Convergent) और अपसारी (Divergent) दोनों प्लेट सीमाओं का एक विस्तृत क्षेत्र है, जहाँ दुनिया के लगभग 75% सक्रिय ज्वालामुखी पाए जाते हैं और यह क्षेत्र दुनिया के अधिकांश गहरे भूकंपों का केंद्र भी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों और उनकी भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ज़ोजिला दर्रा (Zoji La) — जांस्कर श्रेणी (Zanskar Range) — श्रीनगर को लेह से जोड़ता है।
2. बारालाचा ला दर्रा (Baralacha La) — महान हिमालय श्रेणी (Great Himalayas) — मनाली को लेह से जोड़ता है।
3. लिपुलेख दर्रा (Lipulekh Pass) — कुमाऊं हिमालय (Kumaon Himalayas) — भारत, नेपाल और चीन की त्रिसंधि (Tri-junction) पर स्थित है।
4. बोमडिला दर्रा (Bomdila Pass) — अरुणाचल प्रदेश — तवांग को तिब्बत से जोड़ता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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भारतीय मानसून की क्रियाविधि, जेट स्ट्रीम के विस्थापन और वर्षा के स्थानिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रीष्मकाल में उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर विकसित होने वाला 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) वास्तव में उच्च क्षोभमंडल में चलने वाली एक पूर्वगामी हवा है, जो तिब्बत के पठार के तापीय तापन और उसके ऊपर उत्पन्न उच्च वायुदाब के कारण उत्पन्न होती है।
2. 'मानसूनी विच्छेद' (Break in Monsoon) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून की बंगाल की खाड़ी शाखा हिमालय के तलहटी क्षेत्र (श्यावालिक) की ओर खिसक जाती है, जिससे उत्तर भारत के मैदानी भागों में वर्षा अचानक रुक जाती है और पूर्वोत्तर भारत में भारी बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है।
3. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के कारण शीतकाल में उत्तर-पश्चिम भारत में होने वाली वर्षा और पंजाब-हरियाणा में रबी फसलों (विशेषकर गेहूँ) को मिलने वाला लाभ, भूमध्य सागर से उत्पन्न होने वाली शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवातों और उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम की अंतःक्रिया का परिणाम है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, तमिलनाडु के कोरोमंडल तट पर शीतकाल में होने वाली वर्षा का मुख्य कारण उत्तर-पूर्वी मानसून (या लौटता हुआ मानसून) है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण करने के बाद इस क्षेत्र में वर्षा करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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