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Geography
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महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. महासागरीय नितल के उच्चावच में 'महाद्वीपीय मग्नतट' (Continental Shelf) सबसे उथला भाग होता है, जिसकी औसत प्रवणता बहुत कम होती है और यह क्षेत्र विश्व के सबसे समृद्ध मत्सय क्षेत्रों (Fishing Grounds) के रूप में जाना जाता है।
- 2. 'बृहत ज्वार' (Spring Tide) की उत्पत्ति तब होती है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में (Syzygy की स्थिति में) होते हैं, जिससे इनके संयुक्त गुरुत्वाकर्षण बल के कारण सामान्य से ऊँचे ज्वार आते हैं, और यह स्थिति प्रत्येक माह पूर्णिमा और अमावस्या को होती है।
- 3. 'मलक्का जलसंधि' (Strait of Malacca) हिंद महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है और यह सुमात्रा द्वीप (इंडोनेशिया) को मलय प्रायद्वीप से अलग करती है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अत्यधिक रणनीतिक महत्व रखती है।
- 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार 'डेविस जलसंधि' (Davis Strait) विश्व की सबसे चौड़ी जलसंधि है, जो बैफिन खाड़ी को अटलांटिक महासागर से जोड़ती है और ग्रीनलैंड को बैफिन द्वीप से अलग करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन महासागरीय उच्चावच, ज्वार-भाटा और प्रमुख जलसंधियों के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। 1. महाद्वीपीय मग्नतट (Continental Shelf) महाद्वीपों का डूबा हुआ सीमांत भाग होता है, जो सबसे उथला और समतल होता है; सूर्य के प्रकाश की उपलब्धता और प्लवक (Plankton) की प्रचुरता के कारण यह विश्व के प्रमुख मत्स्यन क्षेत्र (जैसे ग्रैंड बैंक) बनाते हैं। 2. जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में (युति-वियुति या Syzygy) होते हैं, तो उनके गुरुत्वाकर्षण बलों के संचयी प्रभाव से दीर्घ या बृहत ज्वार (Spring Tides) आते हैं, जो पूर्णिमा और अमावस्या को होते हैं। 3. मलक्का जलसंधि हिंद महासागर और प्रशांत महासागर (अंडमान सागर और दक्षिण चीन सागर) के बीच प्रमुख जलमार्ग है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार डेविस जलसंधि ग्रीनलैंड और कनाडा के बैफिन द्वीप के बीच स्थित दुनिया की सबसे चौड़ी जलसंधि है।
Related Questions
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वायुमंडल की विभिन्न परतों और वायुदाब पेटियों (Pressure Belts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समताप मंडल (Stratosphere) में ओजोन गैस की अधिकता पाई जाती है जो सूर्य की पराबैंगनी किरणों का अवशोषण करती है, जिसके कारण इस परत में ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में वृद्धि होने लगती है, और यह परत जेट विमानों की उड़ान के लिए आदर्श मानी जाती है क्योंकि यहाँ मौसम संबंधी हलचलें नगण्य होती हैं।
2. आयनमंडल (Ionosphere) में स्थित थर्मोस्फीयर में विद्युत आवेशित कण (आयन) मौजूद होते हैं जो पृथ्वी से भेजी जाने वाली रेडियो तरंगों को वापस परावर्तित करते हैं, तथा इसी परत में ध्रुवीय ज्योतिया (Aurora Borealis और Aurora Australis) की परिघटना देखने को मिलती है।
3. भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब पेटी (Doldrums) एक तापीय रूप से प्रेरित पेटी है, जहाँ वर्ष भर सूर्य की किरणें लंबवत पड़ने के कारण उच्च तापमान रहता है, हवाएँ गर्म होकर ऊपर उठती हैं और यह क्षेत्र शांत पवन दशाओं वाला होता है।
4. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटियाँ (Subtropical High-Pressure Belts) गतिक रूप से (Dynamically Induced) प्रेरित होती हैं, जो पृथ्वी के घूर्णन के कारण विषुवत वृत्त से ऊपर उठी गर्म हवाओं के ठंडे होकर नीचे बैठने (Subsidence) से निर्मित होती हैं, जिन्हें 'घोड़े के अक्षांश' (Horse Latitudes) भी कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारत के भौगोलिक विस्तार, सीमावर्ती अवस्थिति और समय क्षेत्र (Time Zone) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का संपूर्ण अक्षांशीय विस्तार (मुख्य भूमि और द्वीप समूह सहित) 6°45' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश के मध्य है, जबकि मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से शुरू होता है।
2. भारत की उत्तर से दक्षिण की कुल लंबाई (लद्दाख से कन्याकुमारी तक) लगभग 3,214 किलोमीटर है, जबकि पूर्व से पश्चिम की कुल चौड़ाई (अरुणाचल प्रदेश से गुजरात तक) लगभग 2,933 किलोमीटर है, और इन दोनों दूरियों के बीच का यह अंतर पृथ्वी की घूर्णन गतिकी और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी के अंतर के कारण है।
3. भारत का मानक समय (IST), जो 82°30' पूर्व देशांतर रेखा पर आधारित है, ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे आगे है और यह रेखा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश—कुल पाँच राज्यों से होकर गुजरती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की स्थलीय सीमा की कुल लंबाई लगभग 15,106.7 किलोमीटर है, जो सात देशों (पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश) के साथ लगती है, जिसमें सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश के साथ साझा होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वायुमंडल की परतों, उनकी तापीय संरचना और वैश्विक वायुदाब पेटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समतापमंडल (Stratosphere) में ऊंचाई के साथ तापमान में वृद्धि होती है, जिसका मुख्य कारण ओजोन परत द्वारा पराबैंगनी (UV) विकिरणों का अवशोषण है, और इसी परत में जेट विमानों की उड़ान के लिए आदर्श दशाएं मिलती हैं।
2. क्षोभसीमा (Tropopause) के पास स्थित 'जेट स्ट्रीम' (Jet Streams) तीव्र गति से बहने वाली भू-विक्षेपी पवनें हैं, जिनकी उत्पत्ति ध्रुवीय और उष्णकटिबंधीय वायुराशियों के मिलने से उत्पन्न भारी तापमान प्रवणता (Temperature Gradient) के कारण होती है।
3. उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटी (Subtropical High-Pressure Belt) का निर्माण मुख्य रूप से पृथ्वी के घूर्णन जनित 'कोरियोलिस बल' के प्रभाव से ठंडी हवाओं के ध्रुवों से नीचे उतरने के कारण एक 'गतिकीय रूप' (Dynamic Factor) से होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत के खनिज और ऊर्जा संसाधनों की भौगोलिक अवस्थिति, उनकी भूवैज्ञानिक संरचना तथा उत्पादन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में लिग्नाइट कोयला (भूरा कोयला) के सबसे बड़े भंडार तमिलनाडु के नेवेली बेसिन में स्थित हैं, इसके अतिरिक्त राजस्थान (पलানা), गुजरात (कच्छ) और जम्मू-कश्मीर (चैखा) में भी इसके निक्षेप पाए जाते हैं।
2. भारत में प्राकृतिक गैस के अपतटीय (Offshore) भंडार मुख्य रूप से कृष्णा-गोदवारी बेसिन (विशेषकर KG-D6 ब्लॉक) और मुंबई हाई क्षेत्र में केंद्रित हैं, जबकि ऑनशोर (Onshore) क्षेत्रों में असम और गुजरात प्रमुख उत्पादक हैं।
3. भारत में थोरियम का मुख्य स्रोत 'मोनाज़ाइट' (Monazite) अयस्क है, जिसके विशाल और समृद्ध भंडार केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय बालू (Placer Deposits) में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत अपनी कुल घरेलू पेट्रोलियम आवश्यकता का लगभग 85% से अधिक भाग आयात के माध्यम से पूरा करता है, क्योंकि देश के कुल कच्चे तेल का उत्पादन घरेलू माँग की तुलना में काफी सीमित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महासागरीय जलधाराओं और उनके विशिष्ट प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'पेरू जलधारा' (Peruvian Current), जिसे 'हम्बोल्ट जलधारा' भी कहा जाता है, प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और इसके तट पर अपवेलिंग (Upwelling) की प्रक्रिया द्वारा पोषक तत्वों के प्रचुर होने से विश्व के सबसे समृद्ध मत्स्य क्षेत्रों में से एक का निर्माण होता है।
2. 'नॉरडिक जलधारा' और 'इरमिंजर जलधारा' अटलांटिक महासागर की प्रमुख ठंडी जलधाराएँ हैं, जो आर्कटिक क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहती हुई पश्चिमी यूरोप के तटों को अत्यधिक हिमाच्छादित और ठण्डा रखती हैं।
3. 'क्यूरोशियो जलधारा' (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर की एक गर्म जलधारा है, जो उत्तरी विषुवतीय जलधारा की एक शाखा के रूप में फिलीपींस और ताइवान के तटों से गुजरते हुए जापान के पूर्वी तट तक पहुँचती है और पश्चिमी यूरोप के समान जापान की जलवायु को भी मृदु बनाती है।
4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार महासागरीय जलधाराओं के संचलन में पृथ्वी का घूर्णन और कोरियोलिस बल अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिसके कारण उत्तरी गोलार्ध में जलधाराएँ दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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