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शुद्ध सोना?
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल्केन्स (Alkanes) संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं जिनमें सभी कार्बन-कार्बन बंध एकल सहसंयोजक बंध होते हैं, और इनका सामान्य सूत्र $C_n H_{2n+2}$ होता है, जबकि इनमें प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ (Substitution reactions) मुख्य अभिलाक्षणिक गुण हैं।
2. ऐरोमैटिक हाइड्रोकार्बन, जैसे बेंजीन ($C_6H_6$), हकल के नियम ($4n+2$ पाई इलेक्ट्रॉन) का पालन करते हैं और वे अपनी उच्च असंतृप्ति के बावजूद योगात्मक अभिक्रियाओं (Addition reactions) की तुलना में आसानी से इलेक्ट्रॉnesnėहिषी प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करते हैं।
3. द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण होती है, जिसमें सुरक्षा की दृष्टि से गंध के लिए एथिल मर्कैप्टेन ($C_2H_5SH$) मिलाया जाता है, क्योंकि प्राकृतिक रूप से यह गैस गंधहीन होती है।
4. ऑक्टेन संख्या (Octane number) डीजल ईंधन की स्फोटक-विरोधी (Anti-knock) गुणवत्त्ता का माप है, जिसमें उच्च ऑक्टेन संख्या वाले ईंधन (जैसे आइसो-ऑक्टेन) इंजन में 'नॉक' या अपस्फोटन को कम करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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आधुनिक आवर्त सारणी और तत्वों के आवर्ती गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु त्रिज्या (Atomic radius) सामान्यतः घटती है, क्योंकि प्रभावी नाभिकीय आवेश (Effective nuclear charge) में वृद्धि होती है जो बाहरी इलेक्ट्रॉनों को नाभिक की ओर अधिक दृढ़ता से आकर्षित करती है।
2. इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी (Electron gain enthalpy) का ऋणात्मक मान हैलोजन समूह में नीचे जाने पर (फ्लोरिन से आयोडीन तक) लगातार बढ़ता है, क्योंकि परमाणु आकार में वृद्धि के साथ आने वाले इलेक्ट्रॉन का नाभिक द्वारा आकर्षण अधिक प्रभावी हो जाता है।
3. आयनन एन्थैल्पी (Ionisation enthalpy) का मान किसी परमाणु की गैसीय अवस्था में उसके सबसे बाहरी कोश से एक इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा को दर्शाता है, और इसका मान नाइट्रोजन के लिए ऑक्सीजन की तुलना में अधिक होता है क्योंकि नाइट्रोजन में अर्ध-पूरित (Half-filled) $p$-कक्षक का अतिरिक्त स्थायित्व होता है।
4. विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) पॉलिंग पैमाने पर मापी जाने वाली एक ऐसी प्रवृत्ति है जिसमें सहसंयोजक बंध में बंधे हुए इलेक्ट्रॉन युग्म को कोई परमाणु अपनी ओर आकर्षित करता है, और आवर्त सारणी में फ्लोरिन सर्वाधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मानव शरीर में 'गैस्ट्रिक एसिड' (HCI) के स्राव और उसके नियमन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आमाशय की भित्ति में पाई जाने वाली 'ऑक्सिन्टिक्स' या 'पैरिटल कोशिकाएं' (Oxyntic or Parietal cells) हाइड्रोक्लोरिक एसिड और 'कैसल का आंतरिक कारक' (Castle's intrinsic factor) दोनों का स्राव करती हैं, जो विटामिन बी-12 के अवशोषण के लिए आवश्यक होता है।
2. आमाशय की म्यूकोसा (Gastric mucosa) अत्यधिक अम्लीय वातावरण के कारण पाचित हो जाती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए पेप्टिक कोशिकाएं लगातार बाइकार्बोनेट आयनों का अत्यधिक स्राव करती हैं।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न आनुवंशिक, संक्रामक तथा अपक्षयी (Degenerative) रोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'हंटिंगटन रोग' (Huntington's disease) एक ऑटोसोमल प्रभावी (Autosomal dominant) न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार है, जो क्रोमोसोम 4 पर स्थित 'HTT' जीन में CAG ट्रिपलेट रिपीट के अत्यधिक विस्तार (Trinucleotide repeat expansion) के कारण होता है।
2. 'प्रियन रोग' (Prion diseases), जैसे क्रूउत्ज़feldt-जैकोब रोग (CJD), संक्रामक विकृत प्रोटीन कणों के कारण होने वाले घातक मस्तिष्क विकार हैं, जिनमें आनुवंशिक सामग्री (DNA या RNA) पूर्णतः अनुपस्थित होती है और ये ऊष्मा तथा सामान्य स्टरलाइज़ेशन विधियों के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी होते हैं।
3. 'फिनाइलकेटोन्यूरिया' (Phenylketonuria) एक एक्स-लिंक्ड अप्रभावी (X-linked recessive) आनुवंशिक विकार है, जो 'फिनाइलएलैनिन हाइड्रॉक्सिलेज़' एंजाइम की कमी के कारण होता है, जिससे फिनाइलएलैनिन का संचय मस्तिष्क में गंभीर मानसिक मंदता (Intellectual disability) का कारण बनता है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और रक्त समूहों (Blood Groups) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरएच कारक (Rh Factor) की खोज कार्ल लैंडस्टीनर और विनर ने 'मैकाक' (Macaca rhesus) बंदर में की थी, और Rh-धनात्मक व्यक्ति के रक्त प्लाज्मा में प्राकृतिक रूप से Rh-प्रतिपिंड (Rh antibodies) मौजूद होते हैं।
2. एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटेलिस (Erythroblastosis fetalis) की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब एक Rh-धनात्मक पिता और Rh-ऋणात्मक माता की प्रथम संतान गर्भ में होती है, जिससे भ्रूण के लाल रक्त कण नष्ट होने लगते हैं।
3. एबी (AB) रक्त समूह वाले व्यक्तियों की लाल रक्त कणिकाओं की सतह पर 'ए' और 'बी' दोनों प्रतिजन (Antigens) होते हैं, लेकिन उनके रक्त प्लाज्मा में 'एंटी-ए' और 'एंटी-बी' दोनों प्रकार के प्रतिपिंड (Antibodies) अनुपस्थित होते हैं।
4. रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया के दौरान, 'प्रोथ्रोम्बिन' का 'थ्रोम्बिन' में रूपांतरण 'थ्रॉम्बोकाइनेज' एंजाइम और कैल्शियम आयनों की उपस्थिति में होता है, जो फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन में बदलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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