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आधुनिक आवर्त सारणी में आवर्तों (Periods) की संख्या कितनी है?

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आवर्त सारणी में 7 आवर्त और 18 वर्ग हैं।
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कार्बनिक रसायन में हाइड्रोकार्बन और ईंधन के रासायनिक व्यवहार और उनके विशिष्ट गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एल्काइन्स (Alkynes) में कार्बन-कार्बन त्रिक बंध उपस्थित होने के कारण ये उच्च असंतृप्त यौगिक होते हैं, किंतु जलीय माध्यम में इनके सीमांत (Terminal) हाइड्रोजन परमाणु अम्लीय प्रकृति के होते हैं जिन्हें सोडियम धातु या अमोनियामय क्यूप्रस क्लोराइड विलयन द्वारा प्रतिस्थापित किया जा सकता है। 2. पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) के दौरान प्राप्त होने वाले 'डीजल ईंधन' की गुणवत्ता का निर्धारण उसकी 'ऑक्टेन संख्या' (Octane Number) के आधार पर किया जाता है, जिसमें जितनी अधिक ऑक्टेन संख्या होगी, डीजल की स्फोटक-विरोधी (Anti-knock) क्षमता उतनी ही बेहतर होगी। 3. कोल गैस (Coal gas) मुख्य रूप से हाइड्रोजन, मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड का एक ज्वलनशील गैसीय मिश्रण है, जिसका उपयोग औद्योगिक ईंधन के रूप में किया जाता है। 4. बेन्जीन चक्र में उपस्थित सभी कार्बन-कार्बन बंधों की लंबाई एकल बंध और द्वि बंध के मध्य की होती है, जो इसकी अनुनादी संरचना (Resonance structure) और उच्च स्थायित्व को प्रदर्शित करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? प्रतिरक्षा प्रणाली में टी-कोशिकाएं का परिपक्वता स्थल कहाँ है? हंसाने वाली गैस का रासायनिक नाम? रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण (Acids, Bases and Salts) की अवधारणाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लुईस अम्ल संकल्पना के अनुसार, वे सभी रासायनिक स्पीशीज लुईस अम्ल (Lewis acids) के रूप में कार्य करती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण करने की प्रवृत्ति रखती हैं, जबकि लुईस क्षार वे होते हैं जो एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म (Lone pair of electrons) दान कर सकते हैं। 2. कठोर-मृदु अम्ल-क्षार (HSAB) सिद्धांत के अनुसार, 'कठोर अम्ल' सामान्यतः बड़े आकार, निम्न धनात्मक आवेश और उच्च ध्रुवणनीयता वाले धनायन होते हैं, जो मृदु क्षारों के साथ अत्यधिक स्थिर और मजबूत सहसंयोजक संकुल का निर्माण करते हैं। 3. ब्रॉन्स्टेड-लॉरी संकल्पना के अनुसार, एक प्रबल अम्ल का संयुग्म क्षार (Conjugate base) अत्यंत दुर्बल होता है, तथा जल का स्वतः आयनन स्थिरांक ($K_w$) तापमान में वृद्धि के साथ बढ़ता है। 4. फजान के नियमों (Fajans' rules) के अनुसार, किसी आयनिक यौगिक में सहसंयोजक लक्षण (Covalent character) तब बढ़ जाते हैं जब धनायन का आकार छोटा हो, ऋणायन का आकार बड़ा हो और धनायन पर आवेश का घनत्व उच्च हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? धातुओं, अधातुओं और उनके प्रमुख यौगिकों के रासायनिक गुणों तथा निष्कर्षण प्रक्रमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. एल्युमिनियम के निष्कर्षण के लिए 'हॉल-हెరoult प्रक्रम' (Hall-Heroult process) का उपयोग किया जाता है, जिसमें शुद्ध एलुमिना ($Al_2O_3$) को पिघले हुए क्रायोलाइट ($Na_3AlF_6$) और फ्लूरोस्पार ($CaF_2$) के मिश्रण में घोलकर विद्युत अपघटन किया जाता है, जहाँ क्रायोलाइट मुख्य रूप से एलुमिना के गलनांक को कम करने और उसकी विद्युत चालकता को बढ़ाने का कार्य करता है। 2. 'सफेद फॉस्फोरस' ($P_4$) अत्यधिक प्रतिक्रियाशील और वाष्पशील ठोस है जो अंधेरे में चमकता है (केमिलुमिनिसेंस) और इसे जल के भीतर संग्रहित किया जाता है, जबकि 'लाल फॉस्फोरस' बहुलकीय संरचना के कारण कम क्रियाशील होता है और सामान्य ताप पर वायु में स्वतः आग नहीं पकड़ता। 3. 'जिंक ब्लेंड' ($ZnS$) अयस्क के सांद्रण के लिए 'फेन प्लवन विधि' (Froth Floatation Method) का उपयोग किया जाता है, जिसके पश्चात धातु ऑक्साइड प्राप्त करने के लिए 'विगलन' (Smelting) या भर्जन (Roasting) की प्रक्रिया अपनाई जाती है। 4. संक्रमण धातुओं के यौगिकों द्वारा रंगीन आयनों का निर्माण मुख्य रूप से d-d संक्रमण ($d-d$ transition) के कारण होता है, किंतु जिंक ($Zn^{2+}$) और स्कैंडियम ($Sc^{3+}$) आयन अपने पूर्णतः भरे हुए या रिक्त d-कक्षक के कारण रंगहीन (Colorless) होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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