BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
20 views

गदर पार्टी और क्रांतिकारी आतंकवाद के द्वितीय चरण (हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन - HSRA) के वैचारिक विकास, प्रमुख घटनाओं तथा उनके संस्थापकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 1913 में सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भाकना द्वारा स्थापित 'गदर पार्टी' ने 'युगान्तर' और 'गदर' साप्ताहिक पत्र के माध्यम से औपनिवेशिक ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र क्रांति का संदेश प्रवासी भारतीयों तक पहुँचाया था।
  2. 2. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) का पुनर्गठन कर इसका नाम बदलकर 'हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) कर दिया गया, जिसमें समाजवाद को इसके घोषणापत्र का मुख्य आधार बनाया गया था।
  3. 3. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने ट्रेड डिस्प्यूट बिल और पब्लिक सेफ्टी बिल के विरोध में 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधान सभा (Central Legislative Assembly) में बम फेंका था, जिसका मुख्य उद्देश्य किसी की हत्या करना नहीं बल्कि 'बहरे कानों को सुनाना' और अपनी राजनीतिक विचारधारा का प्रचार करना था।
  4. 4. गदर पार्टी के प्रमुख नेता लाला हरदयाल को वर्ष 1915 में ब्रिटिश सरकार के दबाव पर अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके उपरांत वे आजीवन कभी भी भारत वापस नहीं लौट पाए और उनकी मृत्यु अमेरिका में ही हुई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि वर्ष 1913 में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भाकना ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में 'गदर पार्टी' की स्थापना की थी और 'गदर' अखबार निकाला था। कथन 2 सही है, सितंबर 1928 में फिरोजशाह कोटला में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में HRA का नाम बदलकर HSRA किया गया। कथन 3 सही है, 8 अप्रैल 1929 को भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने असेंबली में बम फेंका था। कथन 4 गलत है क्योंकि लाला हरदयाल को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था, किंतु वे बाद में यूरोप और फिर अमेरिका गए, लेकिन वे कभी भारत वापस नहीं लौटे और उनकी मृत्यु 1938 में फिलाडेल्फिया में हुई थी, किंतु गदर पार्टी का नेतृत्व मुख्य रूप से सोहन सिंह भाकना और करतार सिंह सराभा ने आगे संभाला था। गदर पार्टी के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

→ वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और तज्जनित स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल विभाजन के निर्णय की औपचारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को की गई थी, जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में ऐतिहासिक बैठक आयोजित कर 'स्वदेशी आंदोलन' की औपचारिक घोषणा की गई और 'बॉयकॉट' (बहिष्कार) प्रस्ताव पारित किया गया। 2. लार्ड कर्ज़न ने बंगाल को विभाजित करने के प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए पूर्वी बंगाल और असम को मिलाकर एक नया प्रांत बनाया, जिसका प्रथम लेफ्टिनेंट-गवर्नर एंड्रू फ़्रेज़र को नियुक्त किया गया था। 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान बंगाल के प्रसिद्ध राष्ट्रवादी गीत 'मारार सोनार बांग्ला' को रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था, जो आगे चलकर बांग्लादेश का राष्ट्रगान भी बना, और इसी आंदोलन की अवधि में कलकत्ता में 'बंगाल नेशनल कॉलेज' की स्थापना की गई जिसके प्रथम प्रधानाचार्य अरबिंदो घोष बनाए गए थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? → दिल्ली सल्तनत के "सैयद वंश" की स्थापना 1414 ई. में किसने की थी? → सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की सामाजिक, आर्थिक एवं नगरीय विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिंधु घाटी सभ्यता के नगरों में घरों के दरवाजे मुख्य सड़कों की ओर खुलने की सामान्य परंपरा थी, जिससे व्यापारियों और राहगीरों को आवागमन में सुविधा हो सके, तथा लगभग प्रत्येक घर में निजी कुएँ और स्नानघर के अवशेष मिले हैं। 2. लोथल और चान्हूदो दोनों ही स्थलों से मनके (Beads) बनाने के कारखानों के प्रमाण मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह सभ्यता उन्नत हस्तशिल्प और आभूषण निर्माण तकनीक से परिचित थी। 3. सिंधु घाटी सभ्यता के मोहरों पर 'पशुपति शिव' (आद्य-शिव) का अंकन मिलता है, जिनके चारों ओर बाघ, हाथी, गैंडा और भैंसा तथा उनके पैरों के पास दो हिरण बैठे हुए हैं, जो इस काल की धार्मिक मान्यताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। 4. इस सभ्यता के लोग लोहे की धातुकर्म तकनीक से भली-भांति परिचित थे और उन्होंने अपने कृषि उपकरणों तथा रक्षात्मक हथियारों के निर्माण में लोहे का बड़े पैमाने पर उपयोग किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) की राजनीतिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पल्लव शासक नरसिंहवर्मन प्रथम ने वातापी पर अधिकार करने के उपरांत 'वातापीकोंड' की उपाधि धारण की थी और महाबलीपुरम में एकाश्म रथ मंदिरों (सप्त पगोडा) का निर्माण करवाया था। 2. बादामी के चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, और इस ऐतिहासिक संघर्ष का विस्तृत विवरण पुलकेशिन द्वितीय के ऐहोल अभिलेख (रचयिता रविकीर्ति) में मिलता है। 3. चोल सम्राट राजराजा प्रथम ने अपनी नौसेना की शक्ति का विस्तार करते हुए मालदीव द्वीपों और श्रीलंका के उत्तरी भाग पर विजय प्राप्त की थी, तथा तंजावुर में प्रसिद्ध राजराजेश्वर (बृहदेश्वर) शिव मंदिर का निर्माण करवाया था। 4. हर्ष के शासनकाल में आयोजित 'कन्नौज सभा' का प्रमुख उद्देश्य महायान बौद्ध धर्म के सिद्धांतों का प्रचार करना और चीनी यात्री ह्वेनसांग के सम्मान में धार्मिक अनुष्ठान करना था, जिसमें विभिन्न राजाओं और विद्वानों ने भाग लिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 1630 ई. में किस किले में हुआ था?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.