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प्रकाश का प्रकीर्णन किस रंग के लिए सबसे अधिक होता है?

Detailed Explanation

बैंगनी रंग की तरंगदैर्ध्य कम होने से प्रकीर्णन अधिक होता है।
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→ निकट दृष्टि दोष (Myopia) को दूर करने के लिए कौन सा लेंस प्रयुक्त होता है? → आयनन ऊर्जा आवर्त सारणी में दाएं जाने पर? → नाभकीय विखंडन (Nuclear Fission) और नाभकीय संलयन (Nuclear Fusion) की प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाभकीय विखंडन के दौरान जब यूरेनियम-235 पर एक मंद न्यूट्रॉन की बौछार की जाती है, तो उत्पन्न होने वाले विखंडन उत्पादों का द्रव्यमान, मूल नाभिक और न्यूट्रॉन के कुल प्रारंभिक द्रव्यमान से थोड़ा अधिक होता है, और यह 'द्रव्यमान क्षति' (Mass defect) ऊर्जा में परिवर्तित होती है। 2. परमाणु रिएक्टर (Nuclear Reactor) में श्रृंखला अभिक्रिया को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले कैडमियम या बोरॉन की छड़ें 'न्यूट्रॉन संचायक' या नियंत्रक छड़ों के रूप में कार्य करती हैं, जो विखंडन प्रक्रिया में उत्पन्न अतिरिक्त न्यूट्रอน को अवशोषित करती हैं। 3. सूर्य और तारों पर ऊर्जा उत्पादन का मुख्य स्रोत नाभकीय संलयन है, जिसमें अत्यधिक उच्च तापमान और दाब पर हाइड्रोजन के नाभिक मिलकर हीलियम का निर्माण करते हैं, और इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक प्रारंभिक ऊर्जा अवरोध (Coulomb barrier) को पार करने के लिए उच्च ताप की आवश्यकता होती है। 4. हाइड्रोजन बम (Hydrogen Bomb) अनियंत्रित नाभकीय संलयन के सिद्धांत पर आधारित होता है, और इसके विस्फोट को शुरू करने के लिए अत्यधिक उच्च तापमान की आवश्यकता होती है, जिसे प्राप्त करने के लिए भीतर एक प्राथमिक अनियंत्रित नाभकीय विखंडन बम (Atom bomb) का उपयोग किया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → गामा किरणें? → आवर्त सारणी के संदर्भ में, 'आयनन एन्थैल्पी' (Ionization Enthalpy) और 'विद्युतऋणात्मकता' (Electronegativity) के आवर्ती रुझानों (Periodic Trends) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी एक ही आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर सामान्यतः परमाणु त्रिज्या घटती है और प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ने के कारण आयनन एन्थैल्पी के मान में क्रमिक वृद्धि होती है, हालांकि नाइट्रोजन और ऑक्सीजन के बीच नाइट्रोजन की प्रथम आयनन एन्थैल्पी अधिक होती है क्योंकि नाइट्रोजन में अर्ध-पूरित (Half-filled) $p$-कक्षक का अतिरिक्त स्थायित्व होता है। 2. पाउलिंग पैमाने (Pauling Scale) के अनुसार आवर्त सारणी में किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर विद्युतऋणात्मकता बढ़ती है, जबकि किसी वर्ग में ऊपर से नीचे आने पर घटती है, और संपूर्ण आवर्त सारणी में सबसे अधिक विद्युतऋणात्मक तत्व 'फ्लोरीन' है। 3. 'इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी' (Electron Gain Enthalpy) और विद्युतऋणात्मकता दोनों एक ही भौतिक राशि को दर्शाती हैं, क्योंकि दोनों का मापन विलगित गैसीय परमाणु की स्थिति में ही किया जाता है और इनकी इकाइयाँ भी पूर्णतः समान होती हैं। उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
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