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Child Development
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गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दिheimer, कुर्त कोफ्का और वुल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के मुख्य निहितार्थ के अनुसार, अधिगम प्रक्रिया में 'अचानक से समाधान का उत्पन्न होना' (Aha! Experience) निम्नलिखित में से किस मनोवैज्ञानिक कारक पर सबसे अधिक निर्भर करता है?

Detailed Explanation

गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के अनुसार, सीखना या अधिगम केवल यांत्रिक अभ्यास या भूल-सुधार प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह किसी समस्या की संपूर्ण परिस्थिति को समग्र रूप से देखने और उसके संज्ञानात्मक संगठन (Cognitive Reorganization) या मानसिक पुनर्रचना की क्षमता पर आधारित होता है। जब कोई व्यक्ति समस्या के विभिन्न अंगों के बीच अंतःसंबंधों को अचानक और स्पष्ट रूप से समझ लेता है, तब उसे 'सूझ' (Insight) प्राप्त होती है जिसे 'Aha! Experience' भी कहा जाता है। इस सिद्धांत के प्रतिपादकों में वुल्फगैंग कोहलर का नाम प्रमुख रूप से लिया जाता है। इस विषय में अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के नैदानिक वर्गीकरण में 'डिसप्रैक्सिया' (Dyspraxia) तथा 'डिसकैल्कुलिया' (Dyscalculia) के अतिरिक्त, एक अन्य विशिष्ट तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक विकार 'ऑडिटरी प्रोसेसिंग डिसऑर्डर' (Auditory Processing Disorder - APD) का तात्विक विश्लेषण करने पर, जब किसी शिक्षार्थी को सामान्य श्रवण क्षमता (Hearing Threshold) होने के बावजूद मौखिक निर्देशों को समझने, समान ध्वनियों (जैसे 'बा' और 'दा') में भेद करने, और शोरगुल भरे कक्षा-वातावरण में शिक्षक की बात को अलग करके संसाधित करने में गंभीर कठिनाई होती है, तो यह स्थिति निम्नलिखित में से किस मुख्य संज्ञानात्मक और प्रसंस्करणीय विसंगति को दर्शाती है? व्यक्तित्व (Personality) के अध्ययन के संदर्भ में, गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) द्वारा प्रतिपादित 'शीलगुण सिद्धांत' (Trait Theory) में व्यक्तिगत शीलगुणों (Individual Traits) को कितने पदानुक्रमित स्तरों में विभाजित किया गया है तथा उनकी तात्विक प्रकृति के अनुसार उन्हें किस क्रम में रखा जाता है? क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) की मूल अवधारणा और शिक्षण विधियों (Teaching Methods) के व्यावहारिक प्रयोग के संदर्भ में, यदि एक विद्यालय के शिक्षक समूह द्वारा कक्षा-कक्ष की किसी विशिष्ट शिक्षण समस्या (जैसे- गणित विषय में विद्यार्थियों की अमूर्त अवधारणाओं को समझने की असमर्थता) के समाधान हेतु सहयोगात्मक रूप से वैज्ञानिक चरणों का क्रियान्वयन किया जाता है, तो इस प्रक्रिया की तात्विक और कार्यप्रणालीगत विशेषता के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है? इनमें से कौन-सी कक्षा में गणित पाठ्यचर्या के संचालन के लिए प्रभावी तकनीक नहीं है? निम्नलिखित में से कौन सहायक प्रौद्योगिकी की श्रेणी नहीं है?
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