अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)
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एक 8 वर्षीय छात्र गणित की अवधारणाओं को समझने में सक्षम है और मौखिक रूप से भी अच्छा प्रदर्शन करता है, परंतु जब वह संख्याओं और गणितीय प्रतीकों (जैसे '+' और '-') को कागज़ पर लिखता है या अंकों को आपस में मिला देता है, तो उसे अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है। साथ ही उसकी लिखावट भी बेहद अस्पष्ट और अव्यवस्थित है। मनोवैज्ञानिक और चिकित्सीय भाषा में इस विशिष्ट अधिगम अक्षमता (Learning Disability) को क्या कहा जाएगा?
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Detailed Explanation
प्रश्न में दिए गए लक्षणों के अनुसार, छात्र को मुख्य रूप से लेखन संबंधी कठिनाई (अंकों/प्रतीकों को कागज़ पर उतारने में समस्या और अस्पष्ट लिखावट) है, जिसे 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) कहा जाता है। यह एक तंत्रिका संबंधी (neurological) अधिगम विकार है जो ठीक से लिखने और वर्तनी को प्रभावित करता है। इसके विपरीत, डिस्लेक्सिया पठन (reading) से, डिसकैल्कुलिया गणितीय गणना (mathematical calculation) से, और डिस्प्रैक्सिया शारीरिक समन्वय (motor coordination) से संबंधित विकार है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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एक 10 वर्षीय छात्र पढ़ने में तो अपनी आयु के अन्य बच्चों के समान है और मौखिक…
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एक विद्यार्थी को गणित की जटिल समस्याओं को हल करते समय…
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPWD Act, 2016) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के प्रमुख प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. RPWD Act, 2016 के तहत दिव्यांगता के प्रकारों को पहले के 7 से बढ़ाकर 21 कर दिया गया है, और इसके अंतर्गत 'विशिष्ट अधिगम अक्षमता' (Specific Learning Disabilities - जैसे डिस्लेक्सिया) को भी आधिकारिक रूप से दिव्यांगता की श्रेणी में शामिल किया गया है।
2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) में यह प्रावधान किया गया है कि गंभीर रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष आवासीय या गैर-आवासीय विद्यालयों का विकल्प पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा और उन्हें केवल और केवल सामान्य विद्यालयों में ही पढ़ना अनिवार्य होगा।
3. NEP 2020 में विद्यालयी शिक्षा के सभी स्तरों पर 'संसाधन केंद्रों' (Resource Centres) की स्थापना, शिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण, भारतीय संकेत भाषा (Indian Sign Language - ISL) को मानकीकृत करने तथा विद्यालयों में बाधा-मुक्त बुनियादी ढांचे (Barrier-free Access) के विकास पर विशेष बल दिया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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समावेशी कक्षा कक्ष (Inclusive Classroom) में अधिगम अक्षमता (Learning Disability) से ग्रसित विद्यार्थियों की पहचान और उनके सफल समावेशन हेतु निम्नलिखित में से कौन-सी रणनीतियाँ सबसे अधिक प्रभावी मानी जाती हैं?
1. शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में बहुसंवेदी उपागम (Multi-sensory Approach) का प्रयोग करना, जिसमें दृश्य, श्रव्य और स्पर्शनीय सामग्रियों का एक साथ समावेश हो।
2. विद्यार्थियों के लिए मानकीकृत पाठ्यक्रम और एक ही प्रकार की कठोर मूल्यांकन विधियों को अनिवार्य रूप से लागू करना ताकि सभी का निष्पक्ष आकलन हो सके।
3. कक्षा में सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning) और पीयर ट्यूटरिंग (Peer Tutoring) को बढ़ावा देना, जिससे सामाजिक अन्तःक्रिया और आपसी सहयोग मजबूत हो।
4. अधिगम कार्यों को छोटे-छोटे और प्रबंधनीय चरणों (Scaffolding) में विभाजित करना तथा विद्यार्थियों को उनकी गति के अनुसार कार्य करने की स्वतंत्रता देना।
उपर्युक्त कथनों में से कौन से सही हैं?
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