राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF)
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,387 times
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के संयुक्त परिप्रेक्ष्य में, विद्यालयी शिक्षा के दौरान 'सतत और व्यापक मूल्यांकन' (CCE) तथा 'बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र' (Child-Centred Pedagogy) के क्रियान्वयन को लेकर निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक गहराई से वैधानिक और सैद्धांतिक रूप से सही है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) दोनों का केंद्रीय दृष्टिकोण बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र को बढ़ावा देना है, जिसमें बच्चों को रटने की प्रणाली से मुक्त कर उनके तार्किक और सृजनात्मक विकास को प्राथमिकता दी जाती है। आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 29 के तहत सतत और व्यापक मूल्यांकन (CCE) को अनिवार्य बनाया गया है ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। इस संदर्भ में आप विकिपीडिया संदर्भ पर अधिक जानकारी देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अनुसार प्राथमिक स्तर पर गणित…
← पिछला प्रश्न
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक…
Related Questions
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों और उनकी तात्विक अंतर्निहित मान्यताओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों नीतिगत दस्तावेजों के मध्य पाए जाने वाले सबसे मौलिक और सैद्धांतिक समन्वय को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के संयुक्त परिप्रेक्ष्य में, प्रारंभिक कक्षाओं में मूल्यांकन की प्रकृति और बच्चों के सर्वांगीण विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक प्रासंगिक और वैधानिक रूप से सत्य है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के दार्शनिक और विधिक प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, बाल-केंद्रित शिक्षा, ज्ञान के सक्रिय निर्माण तथा मूल्यांकन सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों में बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र, लोकतांत्रिक कक्षा-कक्ष परिवेश और बाल अधिकारों के अंतर्संबंधों का गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, यदि कोई विद्यालय बच्चों की गृह-भाषा (Mother Tongue) को प्राथमिक शिक्षा का माध्यम बनाने, रटन पद्धति (Rote Learning) को पूरी तरह हतोत्साहित करने, और निरंतर एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के माध्यम से बिना किसी मानसिक दबाव या शारीरिक दंड के भयमुक्त वातावरण प्रदान करने के सिद्धांतों को लागू करता है, तो इन दोनों वैधानिक एवं नीतिगत दस्तावेजों के तात्विक और दार्शनिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों और बाल अधिकार संरक्षण के परिप्रेक्ष्य में, शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) निम्नलिखित में से किस मुख्य अवधारणा पर सबसे अधिक बल देता है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के संयुक्त संदर्भ में, बाल-केन्द्रित शिक्षा और समावेशी शिक्षा के क्रियान्वयन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा प्रावधान या दृष्टिकोण सबसे अधिक तार्किक और वैधानिक रूप से सटीक है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के आलोक में, प्राथमिक विद्यालयों में ज्ञान के निर्माण, बाल-केन्द्रित शिक्षा और समावेशी दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और तार्किक है?
→
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) तथा आरटीई अधिनियम (RTE Act 2009) दोनों ही बाल-केंद्रित शिक्षा की वकालत करते हैं। इन दोनों के वैدان्तिक और व्यावहारिक प्रावधानों के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर शिक्षण माध्यम के रूप में 'মাতृभाषा' (Mother Tongue) के प्रयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.