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History of India
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किस मराठा सरदार ने 1794 ई. में अपनी मृत्यु तक उत्तर भारत में मराठा प्रभाव को बनाए रखा और मुग़ल सम्राट को संरक्षण दिया?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
महादजी सिंधिया ने उत्तर भारत में मराठा शक्ति को सुदृढ़ किया था।
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सत्रहवीं शताब्दी के मध्य में मराठा साम्राज्य के उत्थान और छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शिवाजी ने केंद्रीय प्रशासन में मंत्रियों की एक परिषद का गठन किया था, जिसे 'अष्टप्रधान' कहा जाता था, जिसमें मंत्रियों के पद वंशानुगत होते थे और प्रत्येक मंत्री अपने विभाग का सर्वोच्च सैन्य कमांडर भी होता था।
2. 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' मराठा साम्राज्य के प्रमुख कर थे, जहाँ चौथ पड़ोसी मुगल या अन्य क्षेत्रों से सुरक्षा प्रदान करने के बदले वसूला जाने वाला 25 प्रतिशत कर था, जबकि सरदेशमुखी संपूर्ण राज्य पर राजा के वंशानुगत अधिकारों के दावे के रूप में वसूला जाने वाला 10 प्रतिशत अतिरिक्त कर था।
3. शिवाजी की सेना में 'पागा' घुड़सवार सेना के वे सैनिक थे जिन्हें राज्य द्वारा घोड़े और हथियार दिए जाते थे, जबकि 'सिलहदार' वे घुड़सवार सैनिक होते थे जो अपने स्वयं के घोड़े और शस्त्र लेकर युद्ध में भाग लेते थे।
4. शिवाजी ने अपनी प्रशासनिक नीति के तहत जागीरदारी प्रथा को बढ़ावा दिया और सैन्य सेवाओं के बदले भूमि अनुदान (इनाम) देने की परंपरा को अधिक सुदृढ़ किया, ताकि सामंती सरदारों पर कड़ा नियंत्रण रखा जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और तदुपरांत चले स्वदेशी आंदोलन के ऐतिहासिक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन का निर्णय आधिकारिक रूप से 20 जुलाई 1905 को घोषित किया गया था, जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में ऐतिहासिक बैठक हुई और 'स्वदेशी आंदोलन' का औपचारिक प्रस्ताव पारित किया गया।
2. 16 अक्टूबर 1905 को जब बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, तब संपूर्ण बंगाल में इस दिन को 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, नंगे पाँव प्रभात फेरियां निकालीं और एक-दूसरे की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर एकता का संदेश दिया।
3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक मोर्चे पर भी अभूतपूर्व जागृति आई, जिसके तहत अवनिन्द्रनाथ ठाकुर ने 'इंडियन सोसाइटी ऑफ ओरिएंटल आर्ट' की स्थापना की और प्रसिद्ध राष्ट्रवादी गीत 'आमार सोनार बांग्ला' की रचना की गई।
4. कलकत्ता में राष्ट्रीय शिक्षा के प्रसार के लिए नवंबर 1905 में 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' (National Council of Education) की स्थापना की गई, जिसके प्रथम अध्यक्ष सतेंद्र प्रसाद सिन्हा (एस. पी. सिन्हा) बनाए गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मौर्य साम्राज्य की केंद्रीय और प्रांतीय प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार, मौर्य प्रशासन में सर्वोच्च नागरिक और सैन्य अधिकारी 'तीर्थ' कहलाते थे, जिनकी संख्या अठारह थी और इनमें 'सन्निधातृ' (राजकोष और कोषागार का मुख्य संरक्षक) तथा 'समाहर्त्ता' (राजस्व संग्रह और आय-व्यय का मुख्य नियंत्रक) सर्वाधिक महत्वपूर्ण थे।
2. अशोक के शासनकाल में प्रांतीय प्रशासन के अंतर्गत साम्राज्य को चार प्रमुख प्रांतों में विभाजित किया गया था, जिनकी राजधानियाँ उत्तरापथ (तक्षशिला), दक्षिणापथ (सुवर्णगिरि), अवंतीरुप (उज्जैन) और कलिंग (तोसली) थीं, तथा इन प्रांतों का प्रशासन प्रायः राजवंश के राजकुमारों (कुमार या आर्यपुत्र) द्वारा संचालित होता था।
3. मौर्यकालीन नगर प्रशासन का विवरण मेगास्थनीज की 'इंडिका' में मिलता है, जिसके अनुसार पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन तीस सदस्यों की एक नगर परिषद द्वारा चलाया जाता था जो छह समितियों (प्रत्येक में पाँच सदस्य) में विभाजित होकर व्यापार, शिल्प, कर-संग्रह और विदेशियों की देखभाल जैसे कार्य करती थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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