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Child Development
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की पूर्व-अनुमेयता' (Principle of Predictability) और 'व्यक्तिगत भिन्नता का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences) एक साथ किस प्रकार कार्य करते हैं, और इनका बाल मनोवैज्ञानिक आकलन में क्या महत्व है?

Detailed Explanation

बाल विकास के सिद्धांतों के अनुसार, विकास एक व्यवस्थित और पूर्व-अनुमेय (Predictable) पैटर्न का अनुसरण करता है (जैसे मस्तकोधोमुखी और निकटदूरस्थ प्रवृत्तियाँ), लेकिन प्रत्येक बालक की अपनी अद्वितीय गति होती है जिसके कारण विकास में व्यक्तिगत भिन्नताएँ (Individual Differences) पाई जाती हैं। इस विषय में विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences) और स्पीयरमैन के द्व-कारक सिद्धांत (Two-Factor Theory) के बीच बुद्धि की संरचना को लेकर सबसे महत्वपूर्ण सैद्धांतिक अंतर निम्नलिखित में से कौन सा है? बुद्धि के 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) और 'त्रि-आयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) का तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करते समय, चार्ल्स स्पीयरमैन द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य कारक' (G-Factor) तथा जे.पी. गिलफोर्ड द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक आयामों' के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त और मनोवैज्ञानिक रूप से प्रामाणिक है? अधिगम के संदर्भ में एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect), इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' और बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' के बीच के तात्विक और क्रियात्मक भेदों का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों सिद्धांतों के अंतर्संबंधों और अधिगम प्रक्रिया में उनकी वास्तविक कार्यप्रणाली को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के अंतर्गत 'गुदा अवस्था' (Anal Stage) और 'फैलिक अवस्था' (Phallic Stage) की तात्विक और मनोविश्लेषणात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इन दोनों अवस्थाओं के दौरान उत्पन्न होने वाले मनोवैज्ञानिक संघर्षों (यथा गुदा अवस्था में 'मल-मूਤਰ विसर्जन नियंत्रण' और फैलिक अवस्था में 'इलेक्ट्रा/ओडिपस ग्रंथि') तथा उनके व्यक्तित्व निर्माण पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक है? अधिगम के मनोविज्ञान में थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' में 'विलोपन' (Extinction) तथा स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' में 'सकारात्मक एवं नकारात्मक पुनर्बलन' (Positive and Negative Reinforcement) की तात्विक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा में विद्यार्थियों के वांछित व्यवहार को सुदृढ़ करने के लिए संतोषजनक परिणामों या पुरस्कारों का प्रयोग करता है, साथ ही अवांछनीय उद्दीपक-अनुक्रिया संबंधों को समाप्त करने के लिए पुनर्बलन को हटा लेता है; तो इन तीनों सिद्धांतों के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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