BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
1 views

बुद्धि के 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) और 'त्रि-आयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) का तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करते समय, चार्ल्स स्पीयरमैन द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य कारक' (G-Factor) तथा जे.पी. गिलफोर्ड द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक आयामों' के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त और मनोवैज्ञानिक रूप से प्रामाणिक है?

Detailed Explanation

चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) ने 1904 में बुद्धि का 'द्वि-कारक सिद्धांत' प्रतिपादित किया था, जिसके अनुसार प्रत्येक बौद्धिक गतिविधि में एक सामान्य कारक (G-Factor) और एक विशिष्ट कारक (S-Factor) होता है। इसके विपरीत, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) ने 'त्रि-आयामी बुद्धि मॉडल' (Structure of Intellect Model) प्रस्तुत किया, जिसमें बुद्धि को तीन विमाओं—संक्रियाओं (Operations), अंतर्वस्तुओं (Contents) और उत्पादों (Products)—के रूप में कुल 120 (बाद में 150/180) स्वतंत्र स्वतंत्र कोशिकाओं में विभाजित किया गया है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

मानव विकास के संदर्भ में वंशानुक्रम (Heredity) और वातावरण (Environment) की अंतर्क्रिया के तात्विक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, रॉबर्ट प्लॉমিন (Robert Plomin) और अन्य व्यवहार आनुवंशिकीविदों द्वारा प्रतिपादित 'जीन-पर्यावरण सह-संबंध' (Gene-Environment Correlation: rGE) के तीन प्रकार—निष्क्रिय (Passive), प्रतिक्रियात्मक या उत्तेजक (Reactive/Evocative), और सक्रिय (Active/Niche-picking)—में से 'सक्रिय जीन-पर्यावरण सह-संबंध' निम्नलिखित में से किस मनोवैज्ञानिक और विकासात्मक प्रक्रिया को सबसे सटीक रूप से प्रदर्शित करता है? सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) और आकलन (Assessment vs Evaluation) की संकल्पनाओं का गहन विश्लेषण करते समय, 'अधिगम का आकलन' (Assessment of Learning), 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning) और 'अधिगम के रूप में आकलन' (Assessment as Learning) के मध्य तात्विक और क्रियात्मक अंतर को स्पष्ट करने वाला निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सर्वाधिक सटीक एवं वैज्ञानिक है? सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) की संकल्पना और इसके अंतर्गत 'आकलन' (Assessment) तथा 'मूल्यांकन' (Evaluation) के तात्विक एवं कार्यात्मक अंतर का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय केवल योगात्मक परीक्षणों (Summative Tests) पर निर्भर रहने के बजाय विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक, भावनात्मक और गत्यात्मक पक्षों के निरंतर अवलोकन को प्राथमिकता देता है, तथा आकलन को 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning) के रूप में और मूल्यांकन को एक व्यापक मूल्य-निर्णय प्रक्रिया के रूप में स्थापित करता है, तो इस संपूर्ण शैक्षिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के संकलित प्रावधानों और शैक्षणिक दर्शन का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों नीतिगत दस्तावेजों के अंतर्निहित उद्देश्यों और बाल-केंद्रित शिक्षा प्रणाली के स्वरूप को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? ........ अक्षरों के माध्यम से पढ़ना सीखने की एक विधि हैं जिनमें एक-एक करके वर्तनी की जाती है।
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.