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Child Development
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बुद्धि के 'द्वि-कारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory) और 'त्रि-आयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) का तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करते समय, चार्ल्स स्पीयरमैन द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य कारक' (G-Factor) तथा जे.पी. गिलफोर्ड द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक आयामों' के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त और मनोवैज्ञानिक रूप से प्रामाणिक है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) ने 1904 में बुद्धि का 'द्वि-कारक सिद्धांत' प्रतिपादित किया था, जिसके अनुसार प्रत्येक बौद्धिक गतिविधि में एक सामान्य कारक (G-Factor) और एक विशिष्ट कारक (S-Factor) होता है। इसके विपरीत, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) ने 'त्रि-आयामी बुद्धि मॉडल' (Structure of Intellect Model) प्रस्तुत किया, जिसमें बुद्धि को तीन विमाओं—संक्रियाओं (Operations), अंतर्वस्तुओं (Contents) और उत्पादों (Products)—के रूप में कुल 120 (बाद में 150/180) स्वतंत्र स्वतंत्र कोशिकाओं में विभाजित किया गया है। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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